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हद है: कोविड मरीजों की जान से खिलवाड़, शराब के नशे में इंजेक्शन लगाना ही भूल गए डॉक्टर
Sun, 09 May 2021 10:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, तालबेहट
अमर उजाला नेटवर्क, तालबेहट
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 09 May 2021 10:27 AM IST
सार
- शराब के नशे में मरीजों का फोन नहीं उठाते डॉक्टर, सभी मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाया
- इंजेक्शन डस्टबिन में फेंक दिए, सीएमओ ने चिकित्सकों से मांगा स्पष्टीकरण
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना महामारी काल में लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, लेकिन चिकित्सक जिन्हें भगवान का दर्जा दिया गया है वे ड्यूटी के दौरान शराब पीकर मरीजों को जरूरी इंजेक्शन भी नहीं लगा रहे हैं। ललितपुर जिले के तालबेहट तहसील में बने एल- 2 अस्पताल की यह गंभीर लापरवाही नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर उजागर की है।
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रात्रि में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट कोविड एल- 2 अस्पताल में चिकित्सक शराब के नशे में मरीजों को उपचार देना ही भूल गए। चिकित्सकों की इस हरकत से वहां भर्ती मरीजों में भय का माहौल है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी / नोडल अधिकारी एल- 2 चिकित्सालय तालबेहट डा. मुकेश चंद दुबे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि कोविड एल- 2 के निरीक्षण में पाया कि छह मई की रात्रि 10 बजे ड्यूटी पर तैनात चिकित्साधिकारी डा केतन, डा शशांक साहू, मनीष, फार्मासिस्ट मोहन, स्टाफ नर्स विवेक यादव और सागर की ड्यूटी थी।
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ड्यूटी के समय डा. केतन, डा. शशांक एवं स्टाफ नर्स सागर शराब पीए थे। मरीजों ने बताया कि रात की ड्यूटी में प्रत्येक मरीज को दिए जाने वाले तीन इंजेक्शन घोले तो गए, लेकिन 4-5 मरीजों को छोड़कर किसी को नहीं लगाए गए। उनको डस्टबिन में फेंक दिया गया। ऐसा मरीजों व अन्य स्टाफ द्वारा बताया गया।
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सुबह निरीक्षण के दौरान मरीज सरोज, रामदेवी. हनी सोनी, रवींद्र रावत से जब इंजेक्शन लगाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इंजेक्शन नहीं लगाए जाने की बात कही। मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि बार- बार चिकित्साधिकारियों को फोन किया गया तो उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही कोई जवाब दिया जो कोरोना के भर्ती गंभीर मरीज के लिए काफी हानिकारक है।
चिकित्साधिकारियों व स्टाफ नर्सों द्वारा शराब का सेवन कर स्वास्थ्य सेवाएं देने में कोई रुचि नहीं ली गई। चिकित्साधिकारियों एवं स्टाफ नर्स का कार्य जनहित में न होकर बहुत ही खराब है। उन्होंने सभी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को लिखा है। सीएमओ ने चिकित्सकों का स्पष्टीकरण मांगा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट कोविड एल- 2 में चिकित्सकों के शराब के नशे में मरीजों को उपचार नहीं देने पर एसीएमओ से मिले पत्र पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. डीके गर्ग. मुख्य चिकित्साधिकारी