{"_id":"65d3c43c93fe44e25a0e8efa","slug":"indias-flag-is-flying-not-only-in-the-country-but-also-abroad-keshav-dev-lalitpur-news-c-131-1-ltp1001-110645-2024-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश ही नहीं विदेशों में लहरा रहा भारत का परचम: केशव देव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश ही नहीं विदेशों में लहरा रहा भारत का परचम: केशव देव
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय के तुलसी सभागार में उद्यम अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य नोडल अधिकारी प्रोफेसर केशव देव ने कहा कि विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियां निकाली जा रही हैं, जिसमें युवा रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम अपने देश में ही नहीं विदेशों में परचम फहरा रहे हैं, जिस कारण विदेशों से भी भारत में अनेक कंपनियों ने अपना रोजगार शुरू किया है।
नेमवि प्राचार्य प्रोफेसर राकेश नारायण द्विवेदी ने कहा कि अनेक युवक नए विचार एवं जुनून से भरे होते हैं। उन्हें सही मार्ग दिखाने की आवश्यकता होती है। उद्यमशीलता की सोच और व्यवहार से किसी भी व्यक्ति के करियर में मदद मिल सकती है। ये छोटे रूप में व्यवसाय शुरू कर अपना स्वयं का एक बड़ा संगठन बनाते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग प्रदान करते हैं। प्रबंध समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विलास पटैरिया ने कहा कि देश में अनेक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने नीचे से ऊपर तक अपना खुद का व्यवसाय किया और सफल होकर समाज पर स्थायी प्रभाव डाला। हमें सरकारों द्वारा संचालित अवसरों की पहचान करके और उनका लाभ उठाकर अपना व्यवसाय की संभावनाओं पर विचार करते रहना चाहिए। इस मौके पर संस्कृत विभाग के प्रोफेसर ओमप्रकाश शास्त्री,डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संजीव कुमार शर्मा, डॉ. सूबेदार यादव, डॉ. अमित सोनी, डॉ. सुनील कुमार शुक्ला, ध्रुव किलेदार, रमेश पाल, सुरेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय के तुलसी सभागार में उद्यम अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य नोडल अधिकारी प्रोफेसर केशव देव ने कहा कि विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियां निकाली जा रही हैं, जिसमें युवा रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम अपने देश में ही नहीं विदेशों में परचम फहरा रहे हैं, जिस कारण विदेशों से भी भारत में अनेक कंपनियों ने अपना रोजगार शुरू किया है।
नेमवि प्राचार्य प्रोफेसर राकेश नारायण द्विवेदी ने कहा कि अनेक युवक नए विचार एवं जुनून से भरे होते हैं। उन्हें सही मार्ग दिखाने की आवश्यकता होती है। उद्यमशीलता की सोच और व्यवहार से किसी भी व्यक्ति के करियर में मदद मिल सकती है। ये छोटे रूप में व्यवसाय शुरू कर अपना स्वयं का एक बड़ा संगठन बनाते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग प्रदान करते हैं। प्रबंध समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विलास पटैरिया ने कहा कि देश में अनेक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने नीचे से ऊपर तक अपना खुद का व्यवसाय किया और सफल होकर समाज पर स्थायी प्रभाव डाला। हमें सरकारों द्वारा संचालित अवसरों की पहचान करके और उनका लाभ उठाकर अपना व्यवसाय की संभावनाओं पर विचार करते रहना चाहिए। इस मौके पर संस्कृत विभाग के प्रोफेसर ओमप्रकाश शास्त्री,डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संजीव कुमार शर्मा, डॉ. सूबेदार यादव, डॉ. अमित सोनी, डॉ. सुनील कुमार शुक्ला, ध्रुव किलेदार, रमेश पाल, सुरेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन