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भारत पहुंचा उत्कर्ष, फ्लाइट में लगाए भारत मां के जयकारे
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ललितपुर। यूक्रेन में फंसा उत्कर्ष आखिरकार हंगरी होते हुए शनिवार सुबह फ्लाइट से अपने वतन की राजधानी दिल्ली पहुंच ही गया। वहां गेस्ट हाउस में कुछ समय आराम करने के बाद दोपहर में वह अपने ललितपुर के लिए रवाना हुआ। शनिवार देर रात को वह ललितपुर पहुंच गया। बेटे के घर आने की खुशी में परिजनों ने उसका स्वागत किया।
शहर के मोहल्ला चौबयाना निवासी डॉ. दीपक चौबे का बेटा उत्कर्ष चौबे यूक्रेन में एमबीबीएस की फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है। जिससे यूक्रेन में हुए रूस के हमले के बाद ललितपुर का उत्कर्ष भी फंस गया था। जिसके बाद वह चार दिन पहले यूक्रेन के कुरवोग्राद से अन्य भारतीयों के साथ बस में सवार होकर हंगरी बॉर्डर पहुंचा और वहां से बुडापेस्ट स्थित शेल्टर होम में तीन दिन बिताए। जहां दो दिन पहले उसे बुखार तक आ गया और पैसे भी खत्म हो गए थे।
बीते शुक्रवार को हंगरी के समय के अनुसार साढ़े चार बजे (भारतीय समय रात साढ़े आठ बजे) बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए फ्लाइट से रवाना हुआ। जब वह अपने वतन की वापसी के लिए फ्लाइट में सवार हुआ तो वहां सभी भारतीय उत्साहित दिखे और भारत माता के जयकारे लगाए। उत्कर्ष ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें पूरी फ्लाइट भारतीयों से भरी थी और सभी भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे।
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शनिवार सुबह फ्लाइट नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंची तो छात्र उत्साहित दिखे। उत्कर्ष दिल्ली पहुंचने पर उत्तर प्रदेश भवन के गेस्ट हाउस में अपने साथियों के साथ ठहरा। फिर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नामित नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने उससे बात की। इसके बाद शासन द्वारा चार पहिया वाहन से उसे ललितपुर के लिए रवाना किया गया।
वाहन में आगरा, फिरोजाबाद, इटावा और चित्रकूट के युवक भी हैं, जिन्हें वाहन छोड़ते हुए शनिवार देर रात करीब बारह बजे तक ललितपुर पहुंचा। आपदा राहत विशेषज्ञ आरती सिंह ने बताया कि उत्कर्ष सुबह आठ बजे दिल्ली पहुंच गया था। जहां उसे उत्तर प्रदेश सरकार के गेस्ट हाउस में ले जाया गया और वहां आराम करने के बाद दोपहर में करीब तीन बजे उसे घर पहुंचाने के लिए चार पहिया वाहन उपलब्ध कराया गया है। वाहन में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के भी छात्र हैं, जो यूक्रेन से लौटे हैं, जिन्हें छोड़ते हुए वाहन ललितपुर शनिवार की देर रात तक पहुंचा। वहीं पिता डा.दीपक चौबे ने बताया कि उनका बेटा उत्कर्ष दिल्ली सुबह पहुंच गया था और दोपहर में वहां से ललितपुर के लिए चल दिया। जो रात तक घर पहुंच गया। उन्हें काफी खुशी है कि उनका बेटा ऐसे माहौल से सुरक्षित आ गया है, उन्होंने इसके लिए दिन रात भगवान से प्रार्थनाएं की हैं। वह काफी खुश हैं। घर पहुंचने पर परिजनों ने उत्कर्ष का स्वागत किया।
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शहर के मोहल्ला चौबयाना निवासी डॉ. दीपक चौबे का बेटा उत्कर्ष चौबे यूक्रेन में एमबीबीएस की फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है। जिससे यूक्रेन में हुए रूस के हमले के बाद ललितपुर का उत्कर्ष भी फंस गया था। जिसके बाद वह चार दिन पहले यूक्रेन के कुरवोग्राद से अन्य भारतीयों के साथ बस में सवार होकर हंगरी बॉर्डर पहुंचा और वहां से बुडापेस्ट स्थित शेल्टर होम में तीन दिन बिताए। जहां दो दिन पहले उसे बुखार तक आ गया और पैसे भी खत्म हो गए थे।
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बीते शुक्रवार को हंगरी के समय के अनुसार साढ़े चार बजे (भारतीय समय रात साढ़े आठ बजे) बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए फ्लाइट से रवाना हुआ। जब वह अपने वतन की वापसी के लिए फ्लाइट में सवार हुआ तो वहां सभी भारतीय उत्साहित दिखे और भारत माता के जयकारे लगाए। उत्कर्ष ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें पूरी फ्लाइट भारतीयों से भरी थी और सभी भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे।
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शनिवार सुबह फ्लाइट नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंची तो छात्र उत्साहित दिखे। उत्कर्ष दिल्ली पहुंचने पर उत्तर प्रदेश भवन के गेस्ट हाउस में अपने साथियों के साथ ठहरा। फिर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नामित नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने उससे बात की। इसके बाद शासन द्वारा चार पहिया वाहन से उसे ललितपुर के लिए रवाना किया गया।
वाहन में आगरा, फिरोजाबाद, इटावा और चित्रकूट के युवक भी हैं, जिन्हें वाहन छोड़ते हुए शनिवार देर रात करीब बारह बजे तक ललितपुर पहुंचा। आपदा राहत विशेषज्ञ आरती सिंह ने बताया कि उत्कर्ष सुबह आठ बजे दिल्ली पहुंच गया था। जहां उसे उत्तर प्रदेश सरकार के गेस्ट हाउस में ले जाया गया और वहां आराम करने के बाद दोपहर में करीब तीन बजे उसे घर पहुंचाने के लिए चार पहिया वाहन उपलब्ध कराया गया है। वाहन में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के भी छात्र हैं, जो यूक्रेन से लौटे हैं, जिन्हें छोड़ते हुए वाहन ललितपुर शनिवार की देर रात तक पहुंचा। वहीं पिता डा.दीपक चौबे ने बताया कि उनका बेटा उत्कर्ष दिल्ली सुबह पहुंच गया था और दोपहर में वहां से ललितपुर के लिए चल दिया। जो रात तक घर पहुंच गया। उन्हें काफी खुशी है कि उनका बेटा ऐसे माहौल से सुरक्षित आ गया है, उन्होंने इसके लिए दिन रात भगवान से प्रार्थनाएं की हैं। वह काफी खुश हैं। घर पहुंचने पर परिजनों ने उत्कर्ष का स्वागत किया।