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Lalitpur News: अधूरे आवास और गंदगी का अंबार खोल रहे विकास की पोल
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संवाद न्यूज एजेंसी
अर्जुन खिरिया (ललितपुर)। ब्लॉक मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम बनयाना के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। वर्षों पहले डाला गया खड़ंजा उखड़ गया है और नालियां न बनी होने के कारण सड़क पर कीचड़ जमा हो रहा है। इसके बीच से ग्रामीण और स्कूली बच्चे निकलने को विवश हैं। चार साल पहले बने प्रधानमंत्री आवासों में आज भी लिंटर नहीं पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था न होने से नालियों में कीचड़ भरा है, जिस कारण मच्छरों की संख्या बढ़ती जा रही है। सचिवालय के पास लगे हैंडपंप के आसपास गंदगी फैली है। सहरिया बस्ती की हालत तो और भी खराब है। यहां हैंडपंपों के फाउंडेशन न होने से गंदा पानी भरा हुआ है। चार साल पहले बने नौ आवासों में चार आज भी अधूरे पड़े हैं। लाभार्थी इन आवासों की छत पर पॉलिथीन डालकर काम चला रहे हैं तो किसी आवास में गेट तक नहीं लगा है।
ग्रामीणों में कैलाश, नत्थू , मुकेश प्रकाश आदि ने कहा कि शिकायत के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है। गांव में अभी तक रोजगार सहायक की नियुक्ति नहीं हुई है।
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खुले में रखा मॉनीटर व माउस : ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय में खुले एक कमरे में कंप्यूटर का मॉनिटर और माउस ही रखा है,जबकि सीपीयू और कीबोर्ड निलंबित कर्मचारी के घर रखा हुआ है।
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अर्जुन खिरिया (ललितपुर)। ब्लॉक मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम बनयाना के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। वर्षों पहले डाला गया खड़ंजा उखड़ गया है और नालियां न बनी होने के कारण सड़क पर कीचड़ जमा हो रहा है। इसके बीच से ग्रामीण और स्कूली बच्चे निकलने को विवश हैं। चार साल पहले बने प्रधानमंत्री आवासों में आज भी लिंटर नहीं पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था न होने से नालियों में कीचड़ भरा है, जिस कारण मच्छरों की संख्या बढ़ती जा रही है। सचिवालय के पास लगे हैंडपंप के आसपास गंदगी फैली है। सहरिया बस्ती की हालत तो और भी खराब है। यहां हैंडपंपों के फाउंडेशन न होने से गंदा पानी भरा हुआ है। चार साल पहले बने नौ आवासों में चार आज भी अधूरे पड़े हैं। लाभार्थी इन आवासों की छत पर पॉलिथीन डालकर काम चला रहे हैं तो किसी आवास में गेट तक नहीं लगा है।
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ग्रामीणों में कैलाश, नत्थू , मुकेश प्रकाश आदि ने कहा कि शिकायत के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है। गांव में अभी तक रोजगार सहायक की नियुक्ति नहीं हुई है।
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खुले में रखा मॉनीटर व माउस : ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय में खुले एक कमरे में कंप्यूटर का मॉनिटर और माउस ही रखा है,जबकि सीपीयू और कीबोर्ड निलंबित कर्मचारी के घर रखा हुआ है।