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टोल प्लाजा पर वाहनों से हो रही अवैध वसूली
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गली मुहल्लो से तिरंगा यात्रा निकालते भाजपाई
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। यातायात को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए बने हाईवे मार्ग पर सुविधाओं के नाम पर टोल लिया जाता है, लेकिन टोल की आड़ में टोल प्लाजा कर्मचारी अवैध वसूली कर रहे हैं। अनभिज्ञता के चलते कई चालक आवाज नहीं उठाते हैं। कई पर्ची देखकर चले जाते हैं। कई बार अधिक कर्मियों के आने से चालक विरोध करने से डरते हैं। इसका फायदा टोल कर्मी अधिक रुपये वसूलकर उठा रहे हैं। ऐसी ही स्थिति ब्लॉक जखौरा अंतर्गत महर्रा टोल प्लाजा की बनी हुई है।
यात्रा को सुरक्षित व सुलभ बनाने और कम समय में गंतव्य तक पहुंचने के लिए हाईवे का निर्माण किया गया है। इसमें दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आने व जाने के लिए अलग-अलग सड़क डाली गई है। दोनों सड़कों के बीच में कहीं अन्य वाहन न घुस सकें, इसके लिए बीच सड़क पर डिवाइडर का निर्माण किया गया है। सड़क क्रॉस करने के लिए डिवाइडरों के बीच में रास्ता दिया गया है। इसकी सूचना के लिए बोर्ड लगाए गए हैं। इन्हीं सुविधाओं के एवज में एनएचएआई द्वारा वाहनों से टोल लिया जाता है। इसके लिए निर्धारित दूरी पर टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, लेकिन टोल पर सुविधाओं के नाम पर लिए जा रहे शुल्क में अवैध वसूली भी की जा रही है। कई चालकों को नियमों की जानकारी न होने के चलते आवाज तक नहीं उठाते हैं।
ऐसा ही एक मामला महार्रा टोल प्लाजा का सामने आया है, जिसमें टोल पर शुल्क के नाम पर अधिक पैसे लिए हैं। चार पहिया वाहनों की निकासी में 24 घंटे में वापसी पर कम शुल्क लिया जाता है। एक ओर से 75 रुपये व 24 घंटे में वापस आने पर दूसरी ओर से 35 रुपये लेने का प्रावधान है। लेकिन टोल कर्मियों ने वाहन से 24 घंटे के अंदर में वापस आने पर भी 75 रुपये लिए हैं। मामले में जिम्मेदार टालते मटोलते नजर आए।
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टोल पर एक वाहन से 24 घंटे में वापस आने पर 75 रुपये लिए गए हैं। मामले की जांच के लिए रसीद लेकर विवरण की जांच की जा रही है।
- जितेंद्र सिंह, टोल प्रबंधक
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यात्रा को सुरक्षित व सुलभ बनाने और कम समय में गंतव्य तक पहुंचने के लिए हाईवे का निर्माण किया गया है। इसमें दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आने व जाने के लिए अलग-अलग सड़क डाली गई है। दोनों सड़कों के बीच में कहीं अन्य वाहन न घुस सकें, इसके लिए बीच सड़क पर डिवाइडर का निर्माण किया गया है। सड़क क्रॉस करने के लिए डिवाइडरों के बीच में रास्ता दिया गया है। इसकी सूचना के लिए बोर्ड लगाए गए हैं। इन्हीं सुविधाओं के एवज में एनएचएआई द्वारा वाहनों से टोल लिया जाता है। इसके लिए निर्धारित दूरी पर टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, लेकिन टोल पर सुविधाओं के नाम पर लिए जा रहे शुल्क में अवैध वसूली भी की जा रही है। कई चालकों को नियमों की जानकारी न होने के चलते आवाज तक नहीं उठाते हैं।
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ऐसा ही एक मामला महार्रा टोल प्लाजा का सामने आया है, जिसमें टोल पर शुल्क के नाम पर अधिक पैसे लिए हैं। चार पहिया वाहनों की निकासी में 24 घंटे में वापसी पर कम शुल्क लिया जाता है। एक ओर से 75 रुपये व 24 घंटे में वापस आने पर दूसरी ओर से 35 रुपये लेने का प्रावधान है। लेकिन टोल कर्मियों ने वाहन से 24 घंटे के अंदर में वापस आने पर भी 75 रुपये लिए हैं। मामले में जिम्मेदार टालते मटोलते नजर आए।
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टोल पर एक वाहन से 24 घंटे में वापस आने पर 75 रुपये लिए गए हैं। मामले की जांच के लिए रसीद लेकर विवरण की जांच की जा रही है।
- जितेंद्र सिंह, टोल प्रबंधक

महर्रा टोल प्लाजा की रसीद- फोटो : LALITPUR