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Lalitpur News: कैसे हो सकेगी पढ़ाई, जब विद्यालयों में अब तक नहीं आईं नई किताबें
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सरकारी स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। लेकिन, विद्यालयों में अब तक नए सत्र की किताबें नहीं आई हैं। इस कारण से नए सत्र में स्कूल जाने वाले बच्चों को पुरानी किताबों से अभी पढ़ना होगा।
जनपद में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 1.68 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में छात्रों को शासन की ओर से निशुल्क किताबें वितरित की जाती हैं। सरकारी किताबों को स्कूल भेजने के लिए शासन स्तर पर संस्था को नामित किया जाता है, लेकिन इस वर्ष अभी तक नए शैक्षिक सत्र की किताबें विद्यालय तक नहीं पहुंची हैं। जबकि एक दिन बाद नया शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा है और विद्यालयों में पढ़ाई करने के लिए छात्र पहुंचने शुरू होने लगेंगे। लेकिन उन्हें सरकारी किताबों के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
नए सत्र की किताबें विद्यालय में न पहुंच पाने से छात्र-छात्राएं नए व पुराने कोर्स के चक्कर में फंसे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकारी किताबें जल्द विद्यालयों तक पहुंच जाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव ने बताया कि जल्द किताबें बच्चों को वितरित हो जाएंगी।
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कक्षा एक से आठ तक होती हैं इतनी किताबें
परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक में एक, कक्षा दो में दो, कक्षा तीन, चार, पांच में करीब पांच-पांच किताबों का कोर्स होता है। वहीं कक्षा छह, सात, आठ में करीब 13-13 किताबों का कोर्स होता है।
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ललितपुर। सरकारी स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। लेकिन, विद्यालयों में अब तक नए सत्र की किताबें नहीं आई हैं। इस कारण से नए सत्र में स्कूल जाने वाले बच्चों को पुरानी किताबों से अभी पढ़ना होगा।
जनपद में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 1.68 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में छात्रों को शासन की ओर से निशुल्क किताबें वितरित की जाती हैं। सरकारी किताबों को स्कूल भेजने के लिए शासन स्तर पर संस्था को नामित किया जाता है, लेकिन इस वर्ष अभी तक नए शैक्षिक सत्र की किताबें विद्यालय तक नहीं पहुंची हैं। जबकि एक दिन बाद नया शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा है और विद्यालयों में पढ़ाई करने के लिए छात्र पहुंचने शुरू होने लगेंगे। लेकिन उन्हें सरकारी किताबों के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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नए सत्र की किताबें विद्यालय में न पहुंच पाने से छात्र-छात्राएं नए व पुराने कोर्स के चक्कर में फंसे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकारी किताबें जल्द विद्यालयों तक पहुंच जाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव ने बताया कि जल्द किताबें बच्चों को वितरित हो जाएंगी।
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कक्षा एक से आठ तक होती हैं इतनी किताबें
परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक में एक, कक्षा दो में दो, कक्षा तीन, चार, पांच में करीब पांच-पांच किताबों का कोर्स होता है। वहीं कक्षा छह, सात, आठ में करीब 13-13 किताबों का कोर्स होता है।