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बेसहारों की कैसे होगी ठिठुरन दूर, रैन बसेरों में लटक रहे ताले
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ललितपुर। शीतलहर और बदली से ठिठुरन बढ़ गई है। इसके बाद भी नगर पालिका ने अब तक सर्दी से बचाव के इंतजाम नहीं किए हैं। यहां पर रैन बसेरा की हालत जस की तस बनी हुई है। सदनशाह स्थित रैन बसेरा में कंबल रजाई तो दूर सफाई तक नहीं की गई है। नई बस्ती स्थित रैन बसेरा को जरूरतमंदों के लिए खोला तक नहीं गया है। इतना ही नहीं अलाव तक नहीं जलाए जा रहे हैं। ऐसे में कई जरूरत मंद सर्दी में ठिठुरने को मजबूर हैं।
अब सर्दी ने अपना प्रकोप बरपाना शुरू कर दिया है। दिसंबर माह की शुरुआत की अपेेक्षा न्यूनतम व अधिकतम तापमान में आई गिरावट से सर्दी बढ़ गई है। अब दिन का तापमान जहां 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। न्यूनतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस आ रहा है है। ऐसे में सर्दी का प्रभाव भी बढ़ गया है। सर्दी बढ़ने से सुबह-शाम ही नहीं दिन में भी बिना गर्म कपड़ों के रहना मुश्किल हो रहा है। अब तो हाल यह है कि बिना कान बांधे निकलना मुश्किल हो रहा है। शुक्रवार को दिन में भी अधिकांश लोग गर्म कपड़ों से ढके नजर आए।
सर्दी ने अपना प्रकोप दिखाना तो शुरू कर दिया, लेकिन नगर पालिका ने जरूरतमंद व बेसहारा को सर्दी से बचाव के इंतजाम तक नहीं किए हैं। यहां पर तीन रैन बसेरा हैं लेकिन एक में ही इंतजाम किए गए हैं। दो रैन बसेरा में ताला लटक रहा है। इनमें सदनशाह स्थित रैन बसेरा में रजाई, गद्दा रखना तो दूर सफाई तक नहीं की गई है। धूल व कचरा पड़ा है। सफाई हो भी तो कैसे जब यहां पर ताला लटक रहा है। वहीं गांधीनगर स्थित चंडी मंदिर परिसर में स्थित रैन बसेरा को खोला तक नहीं गया है। यहां पर गद्दा तो नजर आ रहे हैं, लेकिन ताला लटका रहता है। पलंग की कोई व्यवस्था नहीं गई है। शहर में कोतवाली परिसर के सामने स्थित रैन बसेरा में पलंग व गद्दा और कंबल की सुविधा की है, जो शाम से लेकर सुबह तक खोला जा रहा है, लेकिन अलाव की व्यवस्था न होने से बेसहारा लोग सर्दी के ठिठुरते रहते हैं।
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नहीं जलाए जा रहे अलाव
शहर में शाम के समय दे रात्रि तक चौराहों व प्रमुख स्थानों पर सर्दी से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था की जाती है, लेकिन सर्दी बढ़ गई। चौराहों व अन्य स्थानों पर अलाव नहीं जलाए जाने से लोगों को सर्दी में ठिठुरना पड़ रहा है। इनमें घंटाघर, तुवन चौराहा, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड आदि स्थानों पर लोगों को सर्दी में परेशानी हो रही है।
अभी एक ही रैन बसेरा में सुविधाओं के सापेक्ष कम लोग आ रहे हैं। अधिक लोग आने पर दूसरे रैन बसेरा में व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। अलाव का प्रस्ताव बोर्ड में पास हो गया है। शीघ्र ही अन्य प्रक्रियाएं अपनाकर अलाव जलवाए जाएंगे। - निहाल चंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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अब सर्दी ने अपना प्रकोप बरपाना शुरू कर दिया है। दिसंबर माह की शुरुआत की अपेेक्षा न्यूनतम व अधिकतम तापमान में आई गिरावट से सर्दी बढ़ गई है। अब दिन का तापमान जहां 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। न्यूनतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस आ रहा है है। ऐसे में सर्दी का प्रभाव भी बढ़ गया है। सर्दी बढ़ने से सुबह-शाम ही नहीं दिन में भी बिना गर्म कपड़ों के रहना मुश्किल हो रहा है। अब तो हाल यह है कि बिना कान बांधे निकलना मुश्किल हो रहा है। शुक्रवार को दिन में भी अधिकांश लोग गर्म कपड़ों से ढके नजर आए।
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सर्दी ने अपना प्रकोप दिखाना तो शुरू कर दिया, लेकिन नगर पालिका ने जरूरतमंद व बेसहारा को सर्दी से बचाव के इंतजाम तक नहीं किए हैं। यहां पर तीन रैन बसेरा हैं लेकिन एक में ही इंतजाम किए गए हैं। दो रैन बसेरा में ताला लटक रहा है। इनमें सदनशाह स्थित रैन बसेरा में रजाई, गद्दा रखना तो दूर सफाई तक नहीं की गई है। धूल व कचरा पड़ा है। सफाई हो भी तो कैसे जब यहां पर ताला लटक रहा है। वहीं गांधीनगर स्थित चंडी मंदिर परिसर में स्थित रैन बसेरा को खोला तक नहीं गया है। यहां पर गद्दा तो नजर आ रहे हैं, लेकिन ताला लटका रहता है। पलंग की कोई व्यवस्था नहीं गई है। शहर में कोतवाली परिसर के सामने स्थित रैन बसेरा में पलंग व गद्दा और कंबल की सुविधा की है, जो शाम से लेकर सुबह तक खोला जा रहा है, लेकिन अलाव की व्यवस्था न होने से बेसहारा लोग सर्दी के ठिठुरते रहते हैं।
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नहीं जलाए जा रहे अलाव
शहर में शाम के समय दे रात्रि तक चौराहों व प्रमुख स्थानों पर सर्दी से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था की जाती है, लेकिन सर्दी बढ़ गई। चौराहों व अन्य स्थानों पर अलाव नहीं जलाए जाने से लोगों को सर्दी में ठिठुरना पड़ रहा है। इनमें घंटाघर, तुवन चौराहा, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड आदि स्थानों पर लोगों को सर्दी में परेशानी हो रही है।
अभी एक ही रैन बसेरा में सुविधाओं के सापेक्ष कम लोग आ रहे हैं। अधिक लोग आने पर दूसरे रैन बसेरा में व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। अलाव का प्रस्ताव बोर्ड में पास हो गया है। शीघ्र ही अन्य प्रक्रियाएं अपनाकर अलाव जलवाए जाएंगे। - निहाल चंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद