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योगी राज में जगी रॉक फास्फेट के उत्खनन की उम्मीद
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मड़ावरा(ललितपुर)। भाजपा के एक बार फिर से सत्ता में लौटने के बाद चुनावी समर में किए गए युवाओं को रोजगार देने के खूब वादे के पूरा होने की क्षेत्रवासियों एवं युवाओं में उम्मीद जगी है। मड़ावरा क्षेत्र के धौरीसागर क्षेत्र में बहुतायत में मौजूद फास्फे ट खनिज का उत्खनन एवं संवर्धन क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिख सकता है। फास्फे ट खनन प्रारंभ होने से क्षेत्र के पढ़े-लिखे युवाओं समेत मजदूर वर्ग को भी रोजगार मुहैया हो सकेगा।
गौरतलब है कि राजनीतिक शीर्ष नेतृत्व की अनदेखी से ग्राम पिसनारी में रॉक-फास्फेट की खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। लगभग 400 एकड़ रकबे में फास्फे ट खनिज की मौजूदगी है। जिसके उत्खनन कार्य में क्षेत्र के तमाम शिक्षित युवाओं को रोजगार और हजारों परिवारों को मजदूरी देने में सक्षम है। रॉक-फास्फेट के खनन के साथ ही स्थानीय स्तर पर खनिज का शोधन कारखाना लगाया जाना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। ग्राम पिसनारी के नजदीक भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तरप्रदेश तत्वावधान में रॉक फास्फेट अन्वेषण कार्यक्रम के तहत वर्ष 1993 से लगभग तीन वर्षों तक चले रॉक फास्फेट के खनन कार्य से स्थानीय ग्रामीणों के जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ। काश्तकारों को खेती के अलावा अन्य रोजगार मिलने से क्षेत्र का विकास भी हुआ। एक जमाने में जब पिसनारी में फास्फेट खनन का काम प्रारंभ हुआ तो आसपास के सौंरई, मड़ावरा जैसे गांवों में भी काफी तेजी से विकास हुआ।
पिसनारी निवासी मुकुट सिंह कहते हैं कि प्रदेश में एकबार फिर पूर्ण बहुमत से भाजपा के सरकार में लौटने के साथ ही स्थानीय विधायक मनोहरलाल पंथ के दोबारा राज्यमंत्री बनने के बाद पिसनारी रॉक फास्फेट उत्खनन के प्रति सकारात्मक रुख के बाद एक बार फिर से ग्रामीणों में रोजगार को लेकर उम्मीद जागी है।
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गांव के शिक्षित युवा संजय सिंह बताते हैं कि उनके गांव में सैंकड़ों युवक-युवती इंटर एवं स्नातक हैं जो बेरोजगार बैठे हैं। पिसनारी में फास्फेट खनन एवं शोधन का काम शुरू होने से गांव समेत क्षेत्र के हजारों युवाओं को तमाम रोजगार मिल सकेंगे।
लंबे समय से बंद पड़ी फास्फोरस खनन को प्रारंभ करने के लिए संबंधित विभाग के मंत्री को पत्र लिखेंगे और व्यक्तिगत रूप से भी बात करेंगे। इसके शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार सुलभ होगा।-मनोहर लाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री
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गौरतलब है कि राजनीतिक शीर्ष नेतृत्व की अनदेखी से ग्राम पिसनारी में रॉक-फास्फेट की खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। लगभग 400 एकड़ रकबे में फास्फे ट खनिज की मौजूदगी है। जिसके उत्खनन कार्य में क्षेत्र के तमाम शिक्षित युवाओं को रोजगार और हजारों परिवारों को मजदूरी देने में सक्षम है। रॉक-फास्फेट के खनन के साथ ही स्थानीय स्तर पर खनिज का शोधन कारखाना लगाया जाना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। ग्राम पिसनारी के नजदीक भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तरप्रदेश तत्वावधान में रॉक फास्फेट अन्वेषण कार्यक्रम के तहत वर्ष 1993 से लगभग तीन वर्षों तक चले रॉक फास्फेट के खनन कार्य से स्थानीय ग्रामीणों के जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ। काश्तकारों को खेती के अलावा अन्य रोजगार मिलने से क्षेत्र का विकास भी हुआ। एक जमाने में जब पिसनारी में फास्फेट खनन का काम प्रारंभ हुआ तो आसपास के सौंरई, मड़ावरा जैसे गांवों में भी काफी तेजी से विकास हुआ।
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पिसनारी निवासी मुकुट सिंह कहते हैं कि प्रदेश में एकबार फिर पूर्ण बहुमत से भाजपा के सरकार में लौटने के साथ ही स्थानीय विधायक मनोहरलाल पंथ के दोबारा राज्यमंत्री बनने के बाद पिसनारी रॉक फास्फेट उत्खनन के प्रति सकारात्मक रुख के बाद एक बार फिर से ग्रामीणों में रोजगार को लेकर उम्मीद जागी है।
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गांव के शिक्षित युवा संजय सिंह बताते हैं कि उनके गांव में सैंकड़ों युवक-युवती इंटर एवं स्नातक हैं जो बेरोजगार बैठे हैं। पिसनारी में फास्फेट खनन एवं शोधन का काम शुरू होने से गांव समेत क्षेत्र के हजारों युवाओं को तमाम रोजगार मिल सकेंगे।
लंबे समय से बंद पड़ी फास्फोरस खनन को प्रारंभ करने के लिए संबंधित विभाग के मंत्री को पत्र लिखेंगे और व्यक्तिगत रूप से भी बात करेंगे। इसके शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार सुलभ होगा।-मनोहर लाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री