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तीन गुना बढ़े होम्योपैथी अस्पतालों में मरीज
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- फोटो : hospital 1.jpg
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ललितपुर। जिले में होम्योपैथी अस्पतालों में चिकित्सक तैनात होने से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पिछले महीने 24 अस्पतालों के सापेक्ष मात्र पांच चिकित्सक थे, इससे एक माह में तीन हजार मरीज इलाज को पहुंच रहे थे, अब 20 चिकित्सक होने से नौ हजार मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं।
जिले में होम्योपैथी पद्धति से इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए 24 अस्पताल स्थापित हैं। इन 24 अस्पतालों सापेक्ष मात्र पांच चिकित्सक व नौ फार्मासिस्ट थे, ऐसे में अस्पतालों का नियमित संचालन नहीं हो पा रहा था। चिकित्सक व फार्मासिस्टों को अलग-अलग अटैच किया गया, तब भी सभी अस्पताल नहीं प्रतिदिन नहीं खुल पा रहे थे। प्रतिदिन दस अस्पतालों पर ताला लटका रहता था। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
लेकिन अब शासन द्वारा बीते माह में 15 चिकित्सकों की नई तैनाती की गई है। इससे अब 24 अस्पतालों के सापेक्ष 20 चिकित्सक हो गए हैं। साथ ही नौ फार्मासिस्ट तैनात की है। इनमें बंट में तैनात चिकित्सक अरविंद को तीन दिन के लिए बालाबेहट में अटैच किया गया। वहीं, साढ़ूमल में तैनात फार्मासिस्ट रजा हुसैन को तीन दिन के लिए भीकमपुर व सौजना में तैनात फार्मासिस्ट नारद प्रसाद को तीन दिन के लिए भौड़ी में अटैच किया गया। इससे सभी अस्पतालों में मरीजों को इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। साथ ही जहां पहले एक माह में तीन हजार मरीज इलाज को पहुंच रहे थे, अब संख्या बढ़कर नौ हजार तक मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं। ऐसे में होम्योपैथी अस्पताल मरीजों के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं।
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चिकित्सकों की कमी से अस्पताल नियमित नहीं खुल पा रहे थे, अब चिकित्सक तैनात होने से अस्पताल नियमित खुल रहे और मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
नीरज चतुर्वेदी , जिला होम्योपैथी अधिकारी
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जिले में होम्योपैथी पद्धति से इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए 24 अस्पताल स्थापित हैं। इन 24 अस्पतालों सापेक्ष मात्र पांच चिकित्सक व नौ फार्मासिस्ट थे, ऐसे में अस्पतालों का नियमित संचालन नहीं हो पा रहा था। चिकित्सक व फार्मासिस्टों को अलग-अलग अटैच किया गया, तब भी सभी अस्पताल नहीं प्रतिदिन नहीं खुल पा रहे थे। प्रतिदिन दस अस्पतालों पर ताला लटका रहता था। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
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लेकिन अब शासन द्वारा बीते माह में 15 चिकित्सकों की नई तैनाती की गई है। इससे अब 24 अस्पतालों के सापेक्ष 20 चिकित्सक हो गए हैं। साथ ही नौ फार्मासिस्ट तैनात की है। इनमें बंट में तैनात चिकित्सक अरविंद को तीन दिन के लिए बालाबेहट में अटैच किया गया। वहीं, साढ़ूमल में तैनात फार्मासिस्ट रजा हुसैन को तीन दिन के लिए भीकमपुर व सौजना में तैनात फार्मासिस्ट नारद प्रसाद को तीन दिन के लिए भौड़ी में अटैच किया गया। इससे सभी अस्पतालों में मरीजों को इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। साथ ही जहां पहले एक माह में तीन हजार मरीज इलाज को पहुंच रहे थे, अब संख्या बढ़कर नौ हजार तक मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं। ऐसे में होम्योपैथी अस्पताल मरीजों के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं।
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चिकित्सकों की कमी से अस्पताल नियमित नहीं खुल पा रहे थे, अब चिकित्सक तैनात होने से अस्पताल नियमित खुल रहे और मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
नीरज चतुर्वेदी , जिला होम्योपैथी अधिकारी