फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   High-tension wires still hang over 77 schools; lives of 10,000 children at risk.

Lalitpur News: 77 स्कूलों के ऊपर अब भी लटक रहे हाईटेंशन तार, 10 हजार बच्चों की जान पर खतरा

Thu, 25 Jun 2026 02:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
High-tension wires still hang over 77 schools; lives of 10,000 children at risk.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। जिले के 77 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनें करीब 10 हजार बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। लाइन शिफ्टिंग के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दो वर्ष पूर्व बिजली विभाग को लगभग 55 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक तार नहीं हटाए गए। इससे अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों में हर समय अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
जिले में 1,357 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब 1.22 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों में कक्षाओं का संचालन बंद कराने और खतरनाक पेड़ों को हटाने जैसे कदम उठाए हैं, लेकिन विद्यालय परिसरों और भवनों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। शासन के निर्देश पर वर्ष 2024-25 में कराए गए सर्वे में जिले के 77 विद्यालय ऐसे चिह्नित किए गए थे, जिनके ऊपर या परिसर से होकर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। इनमें बार ब्लॉक के 11, मड़ावरा के छह, बिरधा के 17, महरौनी के 10, जखौरा के 23 और तालबेहट के 10 विद्यालय शामिल हैं।
विज्ञापन

इन लाइनों को हटाने के लिए बिजली विभाग ने आकलन तैयार कर भेजा था, जिसके आधार पर करीब दो वर्ष पहले 55 लाख रुपये की धनराशि विभाग को उपलब्ध करा दी गई। इसके बाद उम्मीद थी कि जल्द ही खतरा टल जाएगा, लेकिन दो साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लाइन हटाने के लिए बिजली विभाग को एक दर्जन से अधिक पत्र भेजे जा चुके हैं। हाल ही में विभाग ने जमा कराई गई धनराशि के उपयोग की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में बिजली विभाग ने गलती से माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों से संबंधित विवरण भेज दिया। बाद में इसे मानवीय त्रुटि बताते हुए सुधार किया गया।तेज हवा चलने के दौरान इन लाइनों में कई बार स्पार्किंग भी होती है। इससे विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे और शिक्षक हमेशा भय के साये में रहते हैं। अभिभावकों को भी आशंका बनी रहती है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।

----------------------
77 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें हटाने के लिए करीब दो वर्ष पहले 55 लाख रुपये बिजली विभाग को उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक कार्य पूरा नहीं हुआ है। विभाग को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं और उच्चस्तरीय बैठकों में भी मामला उठाया गया है।
जाहर सिंह निरंजन, डीसी निर्माण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed