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यातायात माह में भी बिना हेलमेट पर नो-एक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:32 AM IST
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traffic month
- फोटो : demo
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वहीं शहर में वन-वे ट्रैफिक प्रणाली भी कारगर साबित नहीं हो रही है। दोपहर के समय भी चार पहिया वाहनों के आमने-सामने होने के कारण कई बार बीच चौराहे पर ही जाम की स्थिति बन जा रही है।
यातायात विभाग द्वारा एक नवंबर को यातायात माह का शुभारंभ किया गया था। इसका प्रचार-प्रसार और ट्रैफिक नियमों की जानकारी पहले दिन शुभारंभ के दिन तक ही सीमित रही। यातायात विभाग द्वारा शहरवासियों को हेलमेट पहनकर ही दो पहिया वाहन चलाने, सीट बेल्ट बांधकर बड़े वाहन चलाने, प्रदूषण, पंजीकरण, बीमा संबंधी प्रपत्र रखकर वाहन संचालन, वाहन संचालन के दौरान ट्रैफिक नियमों का पालन करने संबंधी जानकारियों तो दीं, लेकिन वाहन संचालन में ट्रैफिक नियमों का खुुलेआम उल्लंघन होने के बाद भी यातायात पुलिस विभाग सुस्त चल रहा है। शहर में बिना हेलमेट वाहनों का संचालन खुले आम हो रहा है। कई बार तो पुलिस कर्मियों के सामने से ही लोग बिना हेलमेट के वाहन चलाते दिखाई दे जाते हैं।
इसके साथ ही शहर में लागू वन-वे प्रणाली का सही पालन नहीं होने के चलते लोगों को जाम का सामना करना पड़ जाता है। सावरकर चौक से घंटाघर वाली मुख्य सड़क पर ही कई लोगों द्वारा वन-वे प्रणाली का उल्लंघन किया जा रहा है। गत दिनों पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा यातायात शुरू होने पर पुलिस कर्मियों को भी बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाने पर कार्रवाई के आदेश जारी किए थे, लेकिन शहर में न तो पुलिस कर्मियों व यातायात कर्मियों द्वारा न तो खुद ही अपने अधिकारियों के आदेश का पालन किया जा रहा है और न ही शहरवासियों से ही कम से कम यातायात माह के दौरान तक नियमों का पालन कराने में रुचि ली जा रही है। जिससे शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से ध्वस्त होती जा रही है, जिस पर विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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तेज रफ्तार वाहन का आतंक
ललितपुर। शहर में यातायात माह के बाद भी शहर में तेज रफ्तार शौकीन वाहन चालकों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है, जिससे आम लोगों में दुर्घटना की आशंका के चलते खौफ बढ़ गया है। रात होते ही शहर के बीचों बीच भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों से भी बाइकों की रेस शुरू हो जाती है। यहां तक कि सावरकर चौक से घंटाघर, सावरकर चौक से नदीपुरा, तुवन चौराहा से कचहरी चौराहा, सदनशाह से वर्णीचौराहा क्षेत्र में रात्रि आठ बजे से रात 11 बजे तक तेज रफ्तार वाहन शौकीनों की रेस शुुरु हो जाती है।
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यातायात विभाग द्वारा एक नवंबर को यातायात माह का शुभारंभ किया गया था। इसका प्रचार-प्रसार और ट्रैफिक नियमों की जानकारी पहले दिन शुभारंभ के दिन तक ही सीमित रही। यातायात विभाग द्वारा शहरवासियों को हेलमेट पहनकर ही दो पहिया वाहन चलाने, सीट बेल्ट बांधकर बड़े वाहन चलाने, प्रदूषण, पंजीकरण, बीमा संबंधी प्रपत्र रखकर वाहन संचालन, वाहन संचालन के दौरान ट्रैफिक नियमों का पालन करने संबंधी जानकारियों तो दीं, लेकिन वाहन संचालन में ट्रैफिक नियमों का खुुलेआम उल्लंघन होने के बाद भी यातायात पुलिस विभाग सुस्त चल रहा है। शहर में बिना हेलमेट वाहनों का संचालन खुले आम हो रहा है। कई बार तो पुलिस कर्मियों के सामने से ही लोग बिना हेलमेट के वाहन चलाते दिखाई दे जाते हैं।
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इसके साथ ही शहर में लागू वन-वे प्रणाली का सही पालन नहीं होने के चलते लोगों को जाम का सामना करना पड़ जाता है। सावरकर चौक से घंटाघर वाली मुख्य सड़क पर ही कई लोगों द्वारा वन-वे प्रणाली का उल्लंघन किया जा रहा है। गत दिनों पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा यातायात शुरू होने पर पुलिस कर्मियों को भी बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाने पर कार्रवाई के आदेश जारी किए थे, लेकिन शहर में न तो पुलिस कर्मियों व यातायात कर्मियों द्वारा न तो खुद ही अपने अधिकारियों के आदेश का पालन किया जा रहा है और न ही शहरवासियों से ही कम से कम यातायात माह के दौरान तक नियमों का पालन कराने में रुचि ली जा रही है। जिससे शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से ध्वस्त होती जा रही है, जिस पर विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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तेज रफ्तार वाहन का आतंक
ललितपुर। शहर में यातायात माह के बाद भी शहर में तेज रफ्तार शौकीन वाहन चालकों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है, जिससे आम लोगों में दुर्घटना की आशंका के चलते खौफ बढ़ गया है। रात होते ही शहर के बीचों बीच भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों से भी बाइकों की रेस शुरू हो जाती है। यहां तक कि सावरकर चौक से घंटाघर, सावरकर चौक से नदीपुरा, तुवन चौराहा से कचहरी चौराहा, सदनशाह से वर्णीचौराहा क्षेत्र में रात्रि आठ बजे से रात 11 बजे तक तेज रफ्तार वाहन शौकीनों की रेस शुुरु हो जाती है।