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अपडेट : इश्क का जुनून था सवार, फूल सी बेटी का गला दबाते हुए नहीं कांपे निर्दयी बाप के हाथ
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। घर के आंगन में घुटनों के बल चलते हुए अपनी शैतानियों से घर वालों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देती थी। पिछले महीने ही उसने टूटे फूटे शब्दों और मीठी आवाज में पापा बोलना शुरू किया था। बेड पर लेटे-लेटे ही पैर हिलाकर पापा के साथ खेलती, लेकिन उस मासूम को क्या पता था कि पापा ही उसकी मुस्कान और जिंदगी को छीन लेंगे। निर्दयी बाप पर इश्क का ऐसा जुनून सवार था कि अपनी फूल सी कोमल 11 महीने की बेटी का गला दबाते हुए भी उसके हाथ नहीं कांपे। अरे उस मासूम ने तो जो देखा था वो तो किसी को बता ही नहीं पाती, लेकिन निर्मम बाप को उस पर जरा भी तरस न आया। घटना के खुलासे के बाद जिसने भी बाप की हैवानियत के बारे में सुना वो उसे कोसने लगा। सबका यही कहना था कि इस सब में मासूम का क्या कसूर था।
प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर चांदमारी निवासी नीरज कुशवाहा ने अपनी पत्नी मनीषा की हत्या कर दी। मां के पास सो रही 11 माह की बेटी निपेक्षा की आंख खुल गई, तो निर्दयी बाप ने उसका भी गला दबा दिया। मासूम तो दर्द से चीख भी न पाई, लेकिन सांस रुकने तक निर्दयी बाप के हाथ उसके गले को दबाए रहे। जिस पिता की आंखों में निपेक्षा अपनी खुशी ढूंढ रही थी उसी पिता ने उसकी आंखों को हमेशा के लिए बंद कर दिया।
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10 दिन बाद था निपेक्षा का पहला जन्मदिन
निपेक्षा 18 जनवरी को एक साल की होने वाली थी। उसके जन्मदिन का जश्न मनाने की तैयारी चल रही थी। मां मनीषा ने बेटी का पहला जन्मदिन मनाने के लिए न जाने क्या-क्या सोच रखा था। होटल में जन्मदिन की पार्टी के लिए बुकिंग हो गई थी। कार्ड छप चुके थे, लेकिन निर्मम पिता ने उसकी हत्या कर दी। परिवार वालों ने बताया कि निपेक्षा इतनी प्यारी थी कि मोहल्ले वाले भी उसे खिलाने के लिए अपने घर को ले जाते थे।
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ललितपुर। घर के आंगन में घुटनों के बल चलते हुए अपनी शैतानियों से घर वालों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देती थी। पिछले महीने ही उसने टूटे फूटे शब्दों और मीठी आवाज में पापा बोलना शुरू किया था। बेड पर लेटे-लेटे ही पैर हिलाकर पापा के साथ खेलती, लेकिन उस मासूम को क्या पता था कि पापा ही उसकी मुस्कान और जिंदगी को छीन लेंगे। निर्दयी बाप पर इश्क का ऐसा जुनून सवार था कि अपनी फूल सी कोमल 11 महीने की बेटी का गला दबाते हुए भी उसके हाथ नहीं कांपे। अरे उस मासूम ने तो जो देखा था वो तो किसी को बता ही नहीं पाती, लेकिन निर्मम बाप को उस पर जरा भी तरस न आया। घटना के खुलासे के बाद जिसने भी बाप की हैवानियत के बारे में सुना वो उसे कोसने लगा। सबका यही कहना था कि इस सब में मासूम का क्या कसूर था।
प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर चांदमारी निवासी नीरज कुशवाहा ने अपनी पत्नी मनीषा की हत्या कर दी। मां के पास सो रही 11 माह की बेटी निपेक्षा की आंख खुल गई, तो निर्दयी बाप ने उसका भी गला दबा दिया। मासूम तो दर्द से चीख भी न पाई, लेकिन सांस रुकने तक निर्दयी बाप के हाथ उसके गले को दबाए रहे। जिस पिता की आंखों में निपेक्षा अपनी खुशी ढूंढ रही थी उसी पिता ने उसकी आंखों को हमेशा के लिए बंद कर दिया।
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10 दिन बाद था निपेक्षा का पहला जन्मदिन
निपेक्षा 18 जनवरी को एक साल की होने वाली थी। उसके जन्मदिन का जश्न मनाने की तैयारी चल रही थी। मां मनीषा ने बेटी का पहला जन्मदिन मनाने के लिए न जाने क्या-क्या सोच रखा था। होटल में जन्मदिन की पार्टी के लिए बुकिंग हो गई थी। कार्ड छप चुके थे, लेकिन निर्मम पिता ने उसकी हत्या कर दी। परिवार वालों ने बताया कि निपेक्षा इतनी प्यारी थी कि मोहल्ले वाले भी उसे खिलाने के लिए अपने घर को ले जाते थे।
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