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क्या ललितपुर में भी आ गया कोई पुष्पा, लाल चंदन के कभी 2200 पेड़, अब 200 ही बचे

Sat, 25 Jun 2022 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 01:27 AM IST
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Has any Pushpa arrived in Lalitpur, ever 2200 trees of red sandalwood, now only 200 are left
झांसी। पुष्पा मूवी में जिस लाल चंदन का जिक्र किया गया है उसके 2200 पेड़ कभी ललितपुर में थे। लेकिन आज केवल 200 पेड़ ही बचे हैं। चंदन के पेड़ों की ऐसी तस्करी हुई कि वन के वन ही खाली हो गए हैं। आज भी लगातार तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। चंदन के पेड़ उसी तरह से कम हो रहे हैं जिस तरह से फिल्म में मजदूर से तस्कर बने पुष्पा ने चंदन के पेड़ों का पूरा जंगल ही साफ कर दिया था।
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ललितपुर के बार कस्बे के पास लाल चंदन का एक पूरा वन हुआ करता था। वन के आसपास जो बस्तियां हैं वहां तक चंदन की महक जाती थी। पांच एकड़ में फैला यह बन इतना आकर्षित था कि दूर दराज से लोग देखने के लिए आते थे। मगर आज यह वन ही सिमटकर रह गया है। वन विभाग के रिकार्ड के मुताबिक इस वन में लाल चंदन के केवल 200 पेड़ ही बचे हैं। इन पर भी तस्करों की निगाह लगी रहती है। हालांकि वन विभाग ने 4 चौकीदारों की तैनाती कर रखी है मगर पेड़ फिर भी रोज कम हो जा रहे हैं। एक सेवानिवृत्त वनकर्मी ने बताया कि वर्ष 1997 में चंदन वन में मोटे व्यास वाले चंदन के पेड़ों की गणना की गई थी। जिनकी संख्या उस समय 2200 आई थी।
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गुजरात के नंबर की गाड़ी से बरामद हुई थी लकड़ी
चंदन वन से चंदन की लकड़ी काटकर गाड़ी से भाग रहे तस्करों को पीछा कर पकड़ लिया गया था। तस्कर गाड़ी छोड़कर फरार हो गए थे। उससे लकड़ी बरामद हुई थी। इस गाड़ी पर गुजरात की नंबर प्लेट लगी मिली थी। इस गाड़ी से भारी मात्रा में चंदन की लकड़ी मिली थी। लेकिन पुलिस तस्करों को नहीं पकड़ पाई थी।
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पेड़ों के साथ घटता गया जानवरों का कुनबा
इस जंगल में हिरन, बारहसिंघा, नीलगाय, बंदर, सियार समेत कई जानवर थे। करीब दस साल पहले हुई वन्य जीव गणना में यहां 350 वन्य जीव थे। अब इनकी संख्या भी बहुत कम रह गई है। जानवरों का शिकार भी हो रहा है।
चंदन वन का नाम दूर-दूर तक है, किंतु विभागीय कमी के चलते चंदन वन उजाड़ स्थिति में आ गया है। अगर यही स्थिति रही तो वह दिन दूर नहीं कि चंदन वन में चंदन का पेड़ देखना दुर्लभ हो जाएगा। - आकाश चतुर्वेदी, बार

चंदन वन में स्थित विश्राम गृह के सौंदर्यीकरण का कार्य अभी चल रहा है। चंदन वन की रखरखाव एवं उसकी सुरक्षा के लिए चौकीदार तैनात किए गए हैं। वह खुद भी पेड़ों की देखरेख करते हैं। देवेंद्र सिंह, वन क्षेत्राधिकारी, बार
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