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सात परिवारों की लौटीं खुशियां
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सात परिवारों की लौटीं खुशियां
ललितपुर। प्रोजेक्ट ‘नई किरण’ से सात परिवारों में सुलह-समझौता के माध्यम से फिर से खुशियां लौट आईं। वह गिले शिकवे भुलाकर परिवार में रहने को राजी हो गए। पुलिस लाइन सभागार में रविवार को पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट नई किरण का आयोजन किया गया। परिवारों में चल रही अंतर्कलह और आपसी मनमुटाव के चलते टूटने की कगार तक पहुंच चुके परिवारों में समझाते हुए उनमें गलत फहमियों और आपसी कटुता को दूर किया गया। इनमें कुछ परिवारों में मायके पक्ष के लोगों का अधिक दखल होने के चलते पति-पत्नी में आपसी झगड़े और मनमुटाव होना पाया गया। कुछ पति शराब पीकर आने या फिर परिवार पर ध्यान नहीं देने से उनकी पत्नियों में नाराजगी थी।
टीम ने उन्हें समझाया और परिवारों में सामंजस्य बैठाकर उन्हें फिर से एक कर दिया। इनमें अधिकांश मामलों में पति की बेरोजगारी, पत्नी के मोबाइल फोन पर अधिक बात करने, पति द्वारा शराब पीने एवं मायके पक्ष द्वारा अधिक दखल देने के कारण पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। सात परिवारों में सुलह-समझौता करा दिया गया। इस मौके पर महिला निरीक्षक यासमीन, मुख्य आरक्षी महिला शशी, सरिता यादव, सरिता मौर्या, सदस्य प्रो. भगवत नारायण शर्मा, अजय बरया, सुधा कुशवाहा, डॉ.जनक किशोरी शर्मा, डॉ.दीपक चौबे, डॉ.सुभाष जैन, डॉ.एसपी पाठक, डॉ.संजीव शर्मा मौजूद रहे।
एक हुए परिवारों का होगा सम्मान
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि प्रोजेक्ट ‘नई किरण’ में अब तक जितने मामलों का आपसी सुलह समझौता के माध्यम से निपटारा हुआ है और वह एक होकर सुखी जीवन जीने लगे हैं, उन सभी परिवारों का सम्मान किया जाएगा। ताकि, उनसे अन्य टूट रहे परिवार सीख ले सकें।
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ललितपुर। प्रोजेक्ट ‘नई किरण’ से सात परिवारों में सुलह-समझौता के माध्यम से फिर से खुशियां लौट आईं। वह गिले शिकवे भुलाकर परिवार में रहने को राजी हो गए। पुलिस लाइन सभागार में रविवार को पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट नई किरण का आयोजन किया गया। परिवारों में चल रही अंतर्कलह और आपसी मनमुटाव के चलते टूटने की कगार तक पहुंच चुके परिवारों में समझाते हुए उनमें गलत फहमियों और आपसी कटुता को दूर किया गया। इनमें कुछ परिवारों में मायके पक्ष के लोगों का अधिक दखल होने के चलते पति-पत्नी में आपसी झगड़े और मनमुटाव होना पाया गया। कुछ पति शराब पीकर आने या फिर परिवार पर ध्यान नहीं देने से उनकी पत्नियों में नाराजगी थी।
टीम ने उन्हें समझाया और परिवारों में सामंजस्य बैठाकर उन्हें फिर से एक कर दिया। इनमें अधिकांश मामलों में पति की बेरोजगारी, पत्नी के मोबाइल फोन पर अधिक बात करने, पति द्वारा शराब पीने एवं मायके पक्ष द्वारा अधिक दखल देने के कारण पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। सात परिवारों में सुलह-समझौता करा दिया गया। इस मौके पर महिला निरीक्षक यासमीन, मुख्य आरक्षी महिला शशी, सरिता यादव, सरिता मौर्या, सदस्य प्रो. भगवत नारायण शर्मा, अजय बरया, सुधा कुशवाहा, डॉ.जनक किशोरी शर्मा, डॉ.दीपक चौबे, डॉ.सुभाष जैन, डॉ.एसपी पाठक, डॉ.संजीव शर्मा मौजूद रहे।
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एक हुए परिवारों का होगा सम्मान
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि प्रोजेक्ट ‘नई किरण’ में अब तक जितने मामलों का आपसी सुलह समझौता के माध्यम से निपटारा हुआ है और वह एक होकर सुखी जीवन जीने लगे हैं, उन सभी परिवारों का सम्मान किया जाएगा। ताकि, उनसे अन्य टूट रहे परिवार सीख ले सकें।
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