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हैंडपंप छोड़ रहे साथ, टैंकरों का सहारा
lalitpur
Updated Wed, 31 May 2017 12:10 AM IST
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पानी
- फोटो : demo pic
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आसमान से बरसती आग और तपती धरती से भूगर्भ जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसके कारण हैंडपंपों ने या तो पानी देना कम कर दिया है या फिर पूरी तरह सूख गए हैं। इस समस्या से समूचा जिला जूझ रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि शहर में करीब 13 हैंडपंप तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 121 हैंडपंप खराब पड़े हैं। इन इलाकों में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है।
गर्मी ने इस बार समय से पहले दस्तक दे दी थी। मई आते-आते गर्मी चरम पहुंच गई। जिस कारण भूगर्भ का जलस्तर नीचे की ओर खिसकने लगा। नतीजा यह हुआ कि शहर में नेहरू नगर, वसुंधरा कालोनी, चांदमारी, देवगढ़ रोड, आजादपुरा टौरिया, विष्णुपुरा में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। जगह-जगह हैंडपंप पानी कम देने लगे हैं, तो कई रिबोर में आ गए हैं। अकेले मई माह में ही करीब दो सैकड़ा हैंडपंप सुधारे जा चुके हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में भी यही हाल है। ग्राम बालाबेहट, खिरिया लटकनजू, बिजरौठा, रघुनाथपुरा, लुहर्रा, निवारी में प्राइवेट और सौल्दा, पंडवा, धौजरी में पेयजल को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। ग्राम धौजरी को छोड़कर टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन ग्राम धौजरी को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। यहां एक हजार की आबादी पर एक भी हैंडपंप नहीं लगा है। पूर्व में लगा सोलर हैंडपंप खराब हो चुका है। ऐसे में ग्रामवासियों को बेतवा नदी के पानी से कंठ तरबतर करने पड़ रहे हैं। ग्राम प्रधान धौर्रा बवीता मिश्रा ने डीएम को ज्ञापन देकर पेयजल समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उधर, विभागीय प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 2425 परिवारों की प्यास टैंकरों के माध्यम से बुझाई जा रही है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 753 ग्रामों में 18769 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से 17946 हैंडपंप चालू हैं। वहीं, 205 हैंडपंपों में बड़ी मरम्मत महसूस की जा रही है तो 375 हैंडपंप रिबोर की स्थिति में हैं। इसी तरह शहर के विभिन्न मुहल्लों में पेयजल का संकट बना हुआ है। मुहल्ला नेहरू नगर में 22, चांदमारी बसुंधरा कालोनी में छह, आजादपुरा टौरिया में दो, चौबयाना में एक, बजरिया/ विष्णुपुरा में एक, अमरपुर मंडी में एक, देवगढ़ रोड पर चिह्नित स्थलों पर तीन टैंकरों से पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, बाल सुधार गृह में हर दो दिन बाद टैंकर भेजे जा रहे हैं।
......
समाजसेवियों ने वार्डो में उतारे टैंकर
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व नरेंद्र कडंकी की ओर से तीन-तीन टैंकर जलापूर्ति के लिए चलाए जा रहे हैं। इन टैंकरों से नेहरू नगर, सिवनी मुहल्ला और बसुंधरा कालोनी में लोगों की प्यास बुझाई जा रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री/सांसद उमा भारती ने निधि से दो टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं।
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इतने हैं जल संस्थान के पास टैंकर
22 सौ लीटर के दो छोटे टैंकर, चौदह 45 लीटर के टैंकर उपलब्ध हैं। इसमें से एक छोटा और चार बड़े टैंकर खराब चल रहे हैं। इस स्थिति में सभी जगहों पर टैंकर से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।
कराई जा रही मरम्मत
जिले में खराब 122 हैंडपंपों की मरम्मत कराई जा चुकी है। अवशेष 121 हैंडपंपों की मरम्मत के लिए निर्देश दे दिए गए हैं।
बृजेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी ललितपुर।
रीबोर की सूची जल निगम को भेजी
शहर में खराब हैंडपंपों की सूचना प्रतिदिन दर्ज की जा रही है। इसके आधार पर हैंडपंपों को सुधारने का काम चल रहा है।
वीके श्रीवास्तव
प्रभारी अधिशासी अभियंता, जल संस्थान ललितपुर।
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गर्मी ने इस बार समय से पहले दस्तक दे दी थी। मई आते-आते गर्मी चरम पहुंच गई। जिस कारण भूगर्भ का जलस्तर नीचे की ओर खिसकने लगा। नतीजा यह हुआ कि शहर में नेहरू नगर, वसुंधरा कालोनी, चांदमारी, देवगढ़ रोड, आजादपुरा टौरिया, विष्णुपुरा में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। जगह-जगह हैंडपंप पानी कम देने लगे हैं, तो कई रिबोर में आ गए हैं। अकेले मई माह में ही करीब दो सैकड़ा हैंडपंप सुधारे जा चुके हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में भी यही हाल है। ग्राम बालाबेहट, खिरिया लटकनजू, बिजरौठा, रघुनाथपुरा, लुहर्रा, निवारी में प्राइवेट और सौल्दा, पंडवा, धौजरी में पेयजल को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। ग्राम धौजरी को छोड़कर टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन ग्राम धौजरी को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। यहां एक हजार की आबादी पर एक भी हैंडपंप नहीं लगा है। पूर्व में लगा सोलर हैंडपंप खराब हो चुका है। ऐसे में ग्रामवासियों को बेतवा नदी के पानी से कंठ तरबतर करने पड़ रहे हैं। ग्राम प्रधान धौर्रा बवीता मिश्रा ने डीएम को ज्ञापन देकर पेयजल समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उधर, विभागीय प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 2425 परिवारों की प्यास टैंकरों के माध्यम से बुझाई जा रही है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 753 ग्रामों में 18769 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से 17946 हैंडपंप चालू हैं। वहीं, 205 हैंडपंपों में बड़ी मरम्मत महसूस की जा रही है तो 375 हैंडपंप रिबोर की स्थिति में हैं। इसी तरह शहर के विभिन्न मुहल्लों में पेयजल का संकट बना हुआ है। मुहल्ला नेहरू नगर में 22, चांदमारी बसुंधरा कालोनी में छह, आजादपुरा टौरिया में दो, चौबयाना में एक, बजरिया/ विष्णुपुरा में एक, अमरपुर मंडी में एक, देवगढ़ रोड पर चिह्नित स्थलों पर तीन टैंकरों से पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, बाल सुधार गृह में हर दो दिन बाद टैंकर भेजे जा रहे हैं।
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समाजसेवियों ने वार्डो में उतारे टैंकर
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व नरेंद्र कडंकी की ओर से तीन-तीन टैंकर जलापूर्ति के लिए चलाए जा रहे हैं। इन टैंकरों से नेहरू नगर, सिवनी मुहल्ला और बसुंधरा कालोनी में लोगों की प्यास बुझाई जा रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री/सांसद उमा भारती ने निधि से दो टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं।
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इतने हैं जल संस्थान के पास टैंकर
22 सौ लीटर के दो छोटे टैंकर, चौदह 45 लीटर के टैंकर उपलब्ध हैं। इसमें से एक छोटा और चार बड़े टैंकर खराब चल रहे हैं। इस स्थिति में सभी जगहों पर टैंकर से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।
कराई जा रही मरम्मत
जिले में खराब 122 हैंडपंपों की मरम्मत कराई जा चुकी है। अवशेष 121 हैंडपंपों की मरम्मत के लिए निर्देश दे दिए गए हैं।
बृजेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी ललितपुर।
रीबोर की सूची जल निगम को भेजी
शहर में खराब हैंडपंपों की सूचना प्रतिदिन दर्ज की जा रही है। इसके आधार पर हैंडपंपों को सुधारने का काम चल रहा है।
वीके श्रीवास्तव
प्रभारी अधिशासी अभियंता, जल संस्थान ललितपुर।