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गुणवत्ताहीन सामान से बन रहा था छात्रावास
Lalitpur
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:43 AM IST
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गुणवत्ताहीन सामान से बन रहा था छात्रावास
- फोटो : demo
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ललितपुर। तालबेहट में बन रहे बालिका छात्रावास के निर्माण में गुणवत्ताहीन सामान का प्रयोग किया जा रहा था। निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे सीडीओ ने जब यह देखा तो उन्होंने यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बालिका छात्रावास तालबेहट के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण में यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड इकाई-12 का काम संतोषजनक नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने पाया कि छात्रावास के बाहर जो रैंप बनाया जा रहा था, उसमें लगाए जा रहे मसाले में सीमेंट की मात्रा कम प्रतीत हो रही थी। इसी प्रकार कारीडोर में जो पिलर लगाए गए हैं, उनमें प्लास्टर की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। पिलरों के प्लास्टर को पत्थर के टुकड़े से खरोंचने पर वह झड़ रहा था। प्रथम तल के कमरों में एवं पैराफिट वाल के अंदर की ओर के प्लास्टर की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने दुबारा प्लास्टर कराने के निर्देश दिए, साथ ही परियोजना प्रबंधक यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड निर्माण को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि कराए जा रहे निर्माण का ठीक से तकनीकी पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा है। मौके पर पाया गया खराब काम इसकी पुष्टि करता है। ऐसे में क्यों न पांच से दस प्रतिशत धनराशि की कटौती निर्माण के भुगतान में कर ली जाए। वहीं, परियोजना अभियंता ने एक माह के अंदर अवशेष कार्य पूर्ण करने का भरोसा दिया है।
सहायक परियोजना अभियंता द्वारा बताया गया कि स्टीमेट के अनुसार छात्रावास में 12 कमरे भूमि तल पर एवं 13 कमरे प्रथम तल पर बनाए जाने हैं। इसके अलावा वार्डन रूम, किचेन, डायनिंग, विजिटर्स रूम, एंट्रेंस लॉबी एवं टायलेट ब्लाक का निर्माण प्रस्तावित है। इस कार्य की कुल लागत 170.25 लाख रुपए है, जिसके सापेक्ष प्रथम किस्त में 85.125 लाख रुपए एवं द्वितीय किस्त में 51.075 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। शेष धनराशि 34.05 लाख रुपए अभी प्राप्त होना बाकी है।
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सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बालिका छात्रावास तालबेहट के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण में यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड इकाई-12 का काम संतोषजनक नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने पाया कि छात्रावास के बाहर जो रैंप बनाया जा रहा था, उसमें लगाए जा रहे मसाले में सीमेंट की मात्रा कम प्रतीत हो रही थी। इसी प्रकार कारीडोर में जो पिलर लगाए गए हैं, उनमें प्लास्टर की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। पिलरों के प्लास्टर को पत्थर के टुकड़े से खरोंचने पर वह झड़ रहा था। प्रथम तल के कमरों में एवं पैराफिट वाल के अंदर की ओर के प्लास्टर की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने दुबारा प्लास्टर कराने के निर्देश दिए, साथ ही परियोजना प्रबंधक यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड निर्माण को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि कराए जा रहे निर्माण का ठीक से तकनीकी पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा है। मौके पर पाया गया खराब काम इसकी पुष्टि करता है। ऐसे में क्यों न पांच से दस प्रतिशत धनराशि की कटौती निर्माण के भुगतान में कर ली जाए। वहीं, परियोजना अभियंता ने एक माह के अंदर अवशेष कार्य पूर्ण करने का भरोसा दिया है।
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सहायक परियोजना अभियंता द्वारा बताया गया कि स्टीमेट के अनुसार छात्रावास में 12 कमरे भूमि तल पर एवं 13 कमरे प्रथम तल पर बनाए जाने हैं। इसके अलावा वार्डन रूम, किचेन, डायनिंग, विजिटर्स रूम, एंट्रेंस लॉबी एवं टायलेट ब्लाक का निर्माण प्रस्तावित है। इस कार्य की कुल लागत 170.25 लाख रुपए है, जिसके सापेक्ष प्रथम किस्त में 85.125 लाख रुपए एवं द्वितीय किस्त में 51.075 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। शेष धनराशि 34.05 लाख रुपए अभी प्राप्त होना बाकी है।
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