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व्यापारियों को दी जीएसटी की जानकारी

Wed, 19 Jul 2017 01:00 AM IST
amarujala
amarujala Updated Wed, 19 Jul 2017 01:00 AM IST
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GST information given to traders
gst lalitpur news - फोटो : demo
ललितपुर। पर्यावरण विभाग के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभागार में जीएसटी पर बैठक का आयोजन किया गया। इसमें वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों और अधिवक्ताओं को जीएसटी के बारे में जानकारी दी तथा उनकी समस्याओं को सुना। 
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बैठक में अधिवक्ता भगवत नारायण अग्रवाल ने बताया कि सर्वर की समस्या होने के कारण रिटर्न दाखिल करने की रसीद एक दिन बाद निकलती है। इससे रिटर्न फाइल होने के संबंध में भ्रम की स्थिति रहती है। इसके अलावा वस्तुओं के नाम भी स्पष्ट न होने के कारण परेशानी होती है। व्यापारी कमलेश सराफ ने बताया कि कुछ दवाइयों और किराना सामानों पर एचएसएन नंबर स्पष्ट नहीं हैं। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा खनिज, मंडी और नगर पालिका समेत कई कर लिए जा रहे हैं। इनको भी जीएसटी में समायोजित किया जाए। व्यापारी अनिल जैन अंचल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा फारेस्ट माल पर पांच प्रतिशत कर लिया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों में कर नहीं लगता। डीम्ड एक्सपोर्ट के सामानों पर कर देयता स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा बैठक में अधिवक्ता राजकुमार जैन, सेवाराम जाट, रूपनारायण विश्वकर्मा, सुरेश बाबू जैन, उत्तम सिंह चौहान ने व्यापारियों की समस्याएं रखीं। इसके अलावा व्यापारी महेंद्र जैन मयूर ने मांग की कि ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर पांच लाख की जाए। जीएसटी में वस्तुओं के कोड हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में किए जाएं। इसके अलावा अन्य मांगें और सुझाव भी दिए गए। इसके बाद पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि 15 दिनों बाद फिर से जीएसटी के एक्सपर्ट को बुलाकर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इससे समस्याओं का समाधान हो सके।
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