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Lalitpur News: ग्राम पंचायतों को मिलेगी तालाबों के नीलामी की 75 प्रतिशत धनराशि
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम पंचायतों को तालाबों की नीलामी से अर्जित 75 प्रतिशत धनराशि दी जाएगी। अभी तक यह धनराशि तहसील में जमा होती थी। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी को पत्र लिखकर यह धनराशि जिस गांव में तालाब है, उनके खातों में देने के लिए आदेश जारी किया है। यहां राजस्व वसूली वाले 32 तालाब हैं।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने तालाबों से होने वाली आय का 75 प्रतिशत हिस्सा ग्राम पंचायतों में जमा कराने का आदेश दिया है। अभी तक इन तालाबों में मछली के ठेकों की पूरी धनराशि तहसील में जमा होती थी, इसका कोई भी हिस्सा ग्राम पंचायतों को नहीं मिलता था। 28 जून 2007 के शासनादेश में संचित गांव कोष में जमा धनराशि का 75 प्रतिशत भाग ग्राम पंचायत को देने का प्रावधान रखा गया था। जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन मिश्रा ने सभी आदेशों सहित जिलाधिकारी के पास पत्रावली प्रस्तुत की। इसके बाद जिलाधिकारी ने तालाबों से होने वाली आय का 75 प्रतिशत भाग ग्राम पंचायत के कोष में जमा करने के आदेश जारी किए हैं।
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इन तालाबों का होता है ठेका
जिन तालाबों में मछली का ठेका होता है, उनमें ग्राम रजवारा, देवगढ़, सैपुरा, बालाबेहट, मड़ावरा, धौरीसागर, सैदपुर, बिल्ला, मरौली, पाह, पुरधनकुआं, मिर्चवारा, डुलावन, लड़वारी, डुलावन द्वितीय, भैलोनी सूबा, सेमराडांग, करमई, सेरवास कलां, सारसेड़, धमना, टैटा, वुदावनी, गुलेंदा, रारा, वनगुवां के तालाब शामिल हैं।
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ग्रामीण इलाकों में स्थित तालाबों की आय अभी तक ग्राम पंचायतों में जमा नहीं होती थी। जिलाधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं, इससे ग्राम पंचायतों की आय बढ़ेगी।
नवीन कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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ललितपुर। ग्राम पंचायतों को तालाबों की नीलामी से अर्जित 75 प्रतिशत धनराशि दी जाएगी। अभी तक यह धनराशि तहसील में जमा होती थी। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी को पत्र लिखकर यह धनराशि जिस गांव में तालाब है, उनके खातों में देने के लिए आदेश जारी किया है। यहां राजस्व वसूली वाले 32 तालाब हैं।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने तालाबों से होने वाली आय का 75 प्रतिशत हिस्सा ग्राम पंचायतों में जमा कराने का आदेश दिया है। अभी तक इन तालाबों में मछली के ठेकों की पूरी धनराशि तहसील में जमा होती थी, इसका कोई भी हिस्सा ग्राम पंचायतों को नहीं मिलता था। 28 जून 2007 के शासनादेश में संचित गांव कोष में जमा धनराशि का 75 प्रतिशत भाग ग्राम पंचायत को देने का प्रावधान रखा गया था। जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन मिश्रा ने सभी आदेशों सहित जिलाधिकारी के पास पत्रावली प्रस्तुत की। इसके बाद जिलाधिकारी ने तालाबों से होने वाली आय का 75 प्रतिशत भाग ग्राम पंचायत के कोष में जमा करने के आदेश जारी किए हैं।
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इन तालाबों का होता है ठेका
जिन तालाबों में मछली का ठेका होता है, उनमें ग्राम रजवारा, देवगढ़, सैपुरा, बालाबेहट, मड़ावरा, धौरीसागर, सैदपुर, बिल्ला, मरौली, पाह, पुरधनकुआं, मिर्चवारा, डुलावन, लड़वारी, डुलावन द्वितीय, भैलोनी सूबा, सेमराडांग, करमई, सेरवास कलां, सारसेड़, धमना, टैटा, वुदावनी, गुलेंदा, रारा, वनगुवां के तालाब शामिल हैं।
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ग्रामीण इलाकों में स्थित तालाबों की आय अभी तक ग्राम पंचायतों में जमा नहीं होती थी। जिलाधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं, इससे ग्राम पंचायतों की आय बढ़ेगी।
नवीन कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।