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जीपीएस सिस्टम से पौधरोपण की होगी निगरानी
ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:43 AM IST
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ललितपुर। वन विभाग एक दिन में एक लाख पौधे लगाकर इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है। सात नवंबर को होने वाले पौधरोपण की निगरानी जीपीएस सिस्टम से होगी। इसके लिए डीएम ने पर्यवेक्षण अधिकारी नामित कर दिया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश को हरा-भरा बनाने का निर्णय लिया है। वन विभाग अभी मानसूनी सीजन में पौधारोपण से निपटा ही था कि अब उसे नया लक्ष्य मिल गया है। वन विभाग को जिले में एक लाख पौधे एक दिन में रोपने हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी एक-एक लाख पौधे रोपे किए जाने हैं।
इनमें सोनभद्र, मिर्जापुर, ग्रेटर नोयडा, हमीरपुर, श्रावस्ती, एटा कासगंज, झांसी, महोबा व नोएडा शामिल हैं। इस तरह प्रदेश में कुल दस लाख पौधे रोपे जाने हैं। जिले की गौना वन रेंज में एक सौ दस हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण की तैयारी है। जिला प्रशासन भी इस पौधरोपण को काफी गंभीरता से ले रहा है। डीएम डा. रूपेश कुमार ने परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्र को पर्यवेक्षण अधिकारी नामित कर दिया है।
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वहीं, गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में पौधरोपण का नाम दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक के प्रतिनिधि का भी जिले में आगमन होगा। हालांकि, प्रतिनिधि का नाम अभी गुप्त रखा है। प्रतिनिधि ने न केवल ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से पौधरोपण पर नजर रखने का निर्णय लिया है, बल्कि वह सेटेलाइट से पौधरोपण की फोटो भी प्राप्त करेंगे। सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक वीके जैन का कहना है कि पौधरोपण की सभी तैयारी कर ली गई हैं। बाहरी जिलों से पौधों का इंतजाम किया गया है।
आचार संहिता से बचने का प्रयास
सात नवंबर को पौधरोपण के लिए सबसे मुफीद तारीख मानी जा रही है। वर्तमान में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव पूरे हो गए हैं। ग्राम प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने में देरी है। इस लिहाज से सात नवंबर के दिन पौधरोपण होना लगभग तय माना जा रहा है।
दो मर्तबा टल चुका पौधरोपण
पौधरोपण दो बार टल चुका है। इसकी प्रमुख वजह सिंचाई विभाग द्वारा पौधरोपण की तैयारी नहीं कर पाना रहा। इस पौधरोपण में वन विभाग, सिंचाई व ग्रेटर नोएडा अथोरिटी भागीदारी कर रहा है।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश को हरा-भरा बनाने का निर्णय लिया है। वन विभाग अभी मानसूनी सीजन में पौधारोपण से निपटा ही था कि अब उसे नया लक्ष्य मिल गया है। वन विभाग को जिले में एक लाख पौधे एक दिन में रोपने हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी एक-एक लाख पौधे रोपे किए जाने हैं।
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इनमें सोनभद्र, मिर्जापुर, ग्रेटर नोयडा, हमीरपुर, श्रावस्ती, एटा कासगंज, झांसी, महोबा व नोएडा शामिल हैं। इस तरह प्रदेश में कुल दस लाख पौधे रोपे जाने हैं। जिले की गौना वन रेंज में एक सौ दस हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण की तैयारी है। जिला प्रशासन भी इस पौधरोपण को काफी गंभीरता से ले रहा है। डीएम डा. रूपेश कुमार ने परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्र को पर्यवेक्षण अधिकारी नामित कर दिया है।
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वहीं, गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में पौधरोपण का नाम दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक के प्रतिनिधि का भी जिले में आगमन होगा। हालांकि, प्रतिनिधि का नाम अभी गुप्त रखा है। प्रतिनिधि ने न केवल ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से पौधरोपण पर नजर रखने का निर्णय लिया है, बल्कि वह सेटेलाइट से पौधरोपण की फोटो भी प्राप्त करेंगे। सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक वीके जैन का कहना है कि पौधरोपण की सभी तैयारी कर ली गई हैं। बाहरी जिलों से पौधों का इंतजाम किया गया है।
आचार संहिता से बचने का प्रयास
सात नवंबर को पौधरोपण के लिए सबसे मुफीद तारीख मानी जा रही है। वर्तमान में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव पूरे हो गए हैं। ग्राम प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने में देरी है। इस लिहाज से सात नवंबर के दिन पौधरोपण होना लगभग तय माना जा रहा है।
दो मर्तबा टल चुका पौधरोपण
पौधरोपण दो बार टल चुका है। इसकी प्रमुख वजह सिंचाई विभाग द्वारा पौधरोपण की तैयारी नहीं कर पाना रहा। इस पौधरोपण में वन विभाग, सिंचाई व ग्रेटर नोएडा अथोरिटी भागीदारी कर रहा है।