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शहर के इकलौते जीजीआईसी में प्रवेश का रहता दवाब
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ललितपुर। शहर के इकलौते राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का क्रेज छात्राओं में बरकरार है। इस कारण प्रत्येक शैक्षिक सत्र की शुरुआत में इस कॉलेज में प्रवेश का दबाव बढ़ जाता है। वर्षों से एक और जीजीआईसी की मांग उठाई जा रही है, लेकिन शासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
जिले में 110 हाईस्कूल, इंटरमीडिएट विद्यालय संचालित हैं। वहीं, शहर में एक राजकीय इंटर कॉलेज और एक राजकीय बालिका इंटर कालेज है। सबसे ज्यादा जीजीआईसी में प्रवेश की समस्या उत्पन्न होती है। गत वर्ष इस विद्यालय का छात्रांकन 4800 रहा है। यदि सभी नामांकित छात्राएं विद्यालय में एक साथ आएं तो कक्षा में बैठने की समस्या खड़ी हो जाती है। रमेश कुशवाहा सदर विधायक रहते हुए शहर में एक और जीजीआईसी खुलवाने का भरोसा दिया था लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका। तत्कालीन जिलाधिकारी ने शासन को एक और कॉलेज का प्रस्ताव भेजा था, जिसे शासन ने गंभीरता से नहीं लिया। वर्तमान में यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के छात्र/छात्राओं को प्रमोट कर दिया है, ऐसी स्थिति में कक्षा ग्यारहवीं में एक बार प्रवेश समस्या गहराने के आसार हैं। हालांकि, इस मामले में विभागीय अफसर से लेकर जनप्रतिनिधि मौन हैं।
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इतनी हुई छात्राएं प्रमोट
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल में 8603 छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट किया है।
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जीजीआईसी में छात्रांकन अधिक रहता है, जिससे बैठक व्यवस्था नहीं बन पाती है। इसे ध्यान में रखकर छात्रांकन कम करने का प्रयास किया जा रहा है।-रामशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक
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कोई भी छात्रा प्रवेश से वंचित नहीं रहेगी। सभी छात्र/छात्राओं को प्रवेश दिलाया जाएगा। कॉलेजों में फर्नीचर की भी व्यवस्था कराई जा रही है।
-रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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जिले में 110 हाईस्कूल, इंटरमीडिएट विद्यालय संचालित हैं। वहीं, शहर में एक राजकीय इंटर कॉलेज और एक राजकीय बालिका इंटर कालेज है। सबसे ज्यादा जीजीआईसी में प्रवेश की समस्या उत्पन्न होती है। गत वर्ष इस विद्यालय का छात्रांकन 4800 रहा है। यदि सभी नामांकित छात्राएं विद्यालय में एक साथ आएं तो कक्षा में बैठने की समस्या खड़ी हो जाती है। रमेश कुशवाहा सदर विधायक रहते हुए शहर में एक और जीजीआईसी खुलवाने का भरोसा दिया था लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका। तत्कालीन जिलाधिकारी ने शासन को एक और कॉलेज का प्रस्ताव भेजा था, जिसे शासन ने गंभीरता से नहीं लिया। वर्तमान में यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के छात्र/छात्राओं को प्रमोट कर दिया है, ऐसी स्थिति में कक्षा ग्यारहवीं में एक बार प्रवेश समस्या गहराने के आसार हैं। हालांकि, इस मामले में विभागीय अफसर से लेकर जनप्रतिनिधि मौन हैं।
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इतनी हुई छात्राएं प्रमोट
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल में 8603 छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट किया है।
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जीजीआईसी में छात्रांकन अधिक रहता है, जिससे बैठक व्यवस्था नहीं बन पाती है। इसे ध्यान में रखकर छात्रांकन कम करने का प्रयास किया जा रहा है।-रामशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक
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कोई भी छात्रा प्रवेश से वंचित नहीं रहेगी। सभी छात्र/छात्राओं को प्रवेश दिलाया जाएगा। कॉलेजों में फर्नीचर की भी व्यवस्था कराई जा रही है।
-रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक