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Lalitpur News: सितंबर से बुंदेलखंड के मौसम की सटीक जानकारी झांसी से मिलेगी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड के मौसम की सटीक जानकारी आगामी सितंबर से झांसी से मिल सकेगी। यहां पर डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना की जा रही है। बचा हुआ काम पूरा करने के लिए शासन की ओर से दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई है।
प्रदेश में झांसी समेत पांच जनपदों में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना की जा रही है। झांसी में टाकोरी में इसकी स्थापना का काम पिछले साल अक्तूबर में शुरू हुआ था। इसके लिए शासन ने 26.58 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की थी। इस बजट से इसका सुरक्षा कक्ष, विद्युत कनेक्शन आदि का काम पूरा कराया जा चुका है। मीटर रूम बनाने का काम चल रहा है। दूसरी तरफ, बीएचईएल बंगलुरू की ओर से यहां रडार सिस्टम विकसित करने का भी काम जारी है। इसके लिए सर्वर कक्ष बनाने आदि कार्य हो रहा है।
बजट न मिलने से बीच में इसकी स्थापना के काम की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। अब 23.54 लाख रुपये की दूसरी किस्त भी मिल गई है। इससे समतलीकरण और मिट्टी भराई का काम कराया जाएगा। यह काम दो महीने में पूरा हो जाएगा। बताया गया कि यह रडार उच्च गुणवत्ता का रेडियो डाटा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिकों तक पहुंचाएगा, जिससे बिजली गिरने, आंधी-तूफान और बारिश जैसी मौसम संबंधी घटनाओं का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। अगस्त तक काम पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में सितंबर से रडार से मौसम की सटीक जानकारी मिलनी शुरू हो जाएगी।
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कोट
डाॅप्लर वेदर रडार की स्थापना के लिए शासन से दूसरी किस्त भी मिल गई है। ऐसे में जल्द ही जमीन समतलीकरण आदि कार्य पूर्ण करवा लिया जाएगा। अधिकांश काम पहले ही पूरा हो चुका है। - पल्लवी मिश्रा, एडीएम, वित्त एवं राजस्व।
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झांसी। बुंदेलखंड के मौसम की सटीक जानकारी आगामी सितंबर से झांसी से मिल सकेगी। यहां पर डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना की जा रही है। बचा हुआ काम पूरा करने के लिए शासन की ओर से दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई है।
प्रदेश में झांसी समेत पांच जनपदों में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना की जा रही है। झांसी में टाकोरी में इसकी स्थापना का काम पिछले साल अक्तूबर में शुरू हुआ था। इसके लिए शासन ने 26.58 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की थी। इस बजट से इसका सुरक्षा कक्ष, विद्युत कनेक्शन आदि का काम पूरा कराया जा चुका है। मीटर रूम बनाने का काम चल रहा है। दूसरी तरफ, बीएचईएल बंगलुरू की ओर से यहां रडार सिस्टम विकसित करने का भी काम जारी है। इसके लिए सर्वर कक्ष बनाने आदि कार्य हो रहा है।
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बजट न मिलने से बीच में इसकी स्थापना के काम की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। अब 23.54 लाख रुपये की दूसरी किस्त भी मिल गई है। इससे समतलीकरण और मिट्टी भराई का काम कराया जाएगा। यह काम दो महीने में पूरा हो जाएगा। बताया गया कि यह रडार उच्च गुणवत्ता का रेडियो डाटा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिकों तक पहुंचाएगा, जिससे बिजली गिरने, आंधी-तूफान और बारिश जैसी मौसम संबंधी घटनाओं का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। अगस्त तक काम पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में सितंबर से रडार से मौसम की सटीक जानकारी मिलनी शुरू हो जाएगी।
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डाॅप्लर वेदर रडार की स्थापना के लिए शासन से दूसरी किस्त भी मिल गई है। ऐसे में जल्द ही जमीन समतलीकरण आदि कार्य पूर्ण करवा लिया जाएगा। अधिकांश काम पहले ही पूरा हो चुका है। - पल्लवी मिश्रा, एडीएम, वित्त एवं राजस्व।