{"_id":"65ee181cb2a3223ae90e08d4","slug":"fraud-exposed-in-farm-pond-scheme-action-needed-lalitpur-news-c-131-1-ltp1002-111627-2024-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: खेत तालाब योजना में धांधली की खुली पोल, कार्रवाई की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: खेत तालाब योजना में धांधली की खुली पोल, कार्रवाई की दरकार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खेत तालाब योजना की विस्तृत जांच के लिए जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया गया था। जांच में कई जगहों पर फर्जी किसान दिखाकर तालाब की कागजों में खुदाई दिखाई गई, जबकि उन किसानों के खेतों में तालाब नहीं मिले। सीडीओ केके पांडेय ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी को पत्रावली सौंप दी है। अभी तक जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित भूमि संरक्षण विभाग से बनाए गए खेत तालाब धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से मोहल्ला गांधी नगर निवासी हरपाल सिंह चंदेल ने की थी। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने इसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी थी। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने स्थलीय निरीक्षण के लिए जांच अधिकारी के रूप में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राजेश कुमार सिंह व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता विवेक कुमार को नामित किया था।
जांच अधिकारी ने खांदी, रमपुरा कठवर, सिलगन, तालगांव व लड़वारी का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि भूमि संरक्षण विभाग ने जिन किसानों के खेत में तालाब बनाना बताए थे, साथ ही उनके नाम धनराशि आवंटित की थी, उनके खेतों में तालाब नहीं थे। कुछ मानक अनुरूप नहीं थे, तो आधार कार्ड सत्यापन में कुछ किसानों के फर्जी आधार कार्ड लगाकर उनके नाम पर धनराशि निकाली जानी पाई गई। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सुपुर्द की। दोषी अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति कर जिलाधिकारी को पत्रावली सौंप दी गई है। इस प्रकरण में जल्द ही जिला प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा।
केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन
ललितपुर। खेत तालाब योजना की विस्तृत जांच के लिए जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया गया था। जांच में कई जगहों पर फर्जी किसान दिखाकर तालाब की कागजों में खुदाई दिखाई गई, जबकि उन किसानों के खेतों में तालाब नहीं मिले। सीडीओ केके पांडेय ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी को पत्रावली सौंप दी है। अभी तक जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित भूमि संरक्षण विभाग से बनाए गए खेत तालाब धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से मोहल्ला गांधी नगर निवासी हरपाल सिंह चंदेल ने की थी। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने इसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी थी। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने स्थलीय निरीक्षण के लिए जांच अधिकारी के रूप में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राजेश कुमार सिंह व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता विवेक कुमार को नामित किया था।
विज्ञापन
जांच अधिकारी ने खांदी, रमपुरा कठवर, सिलगन, तालगांव व लड़वारी का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि भूमि संरक्षण विभाग ने जिन किसानों के खेत में तालाब बनाना बताए थे, साथ ही उनके नाम धनराशि आवंटित की थी, उनके खेतों में तालाब नहीं थे। कुछ मानक अनुरूप नहीं थे, तो आधार कार्ड सत्यापन में कुछ किसानों के फर्जी आधार कार्ड लगाकर उनके नाम पर धनराशि निकाली जानी पाई गई। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सुपुर्द की। दोषी अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।
विज्ञापन
जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति कर जिलाधिकारी को पत्रावली सौंप दी गई है। इस प्रकरण में जल्द ही जिला प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा।
केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।