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जानलेवा हमले का दोष सिद्ध होने पर तीन भाइयों को चार-चार वर्ष का कारावास
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) शबिस्तां आकिल ने बुधवार को 12 वर्ष पहले जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इन पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बुढ़वार निवासी अनंदी अहिरवार ने 12 वर्ष पहले कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि पिता घनश्याम व मां रामकली ने राजकुमार ठेकेदार के माध्यम से सड़क पर मजदूरी की थी। राजकुमार ने सड़क निर्माण का काम की देखरेख करने के लिए गांव के खिल्लू और कल्याण को लगा रखा था। 27 अप्रैल को घनश्याम अहिरवार पैसे मांगने ठेकेदार के घर जा रहे थे तभी गांव के दुलीचंद के घर के सामने खिल्लू मिल गया तो उससे वह मजदूरी के रुपये मांगने लगे।
आरोप है कि इस पर उनके लड़के सोबरन, बब्लू व अशोक ने रुपये देने से मना कर गाली-गलौज किया। विरोध करने पर अशोक व सोबरन ने डंडों से और बल्लू ने लात घूसों से पिटाई कर दी। बब्लू ने घनश्याम को लात मार दी। जिससे वह मौके पर गिर पड़े। मां चिल्लाई तो आसपास के लोग बचाने दौड़े और बीच बचाव किया।
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पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद ग्राम बुढ़वार निवासी अशोक, सोबरन व बब्लू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लटौरिया ने बताया कि बुधवार को मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने तीनों आरोपियों अशोक, सोबरन व बब्लू को जान लेवा हमले का दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष के कारावास व तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बुढ़वार निवासी अनंदी अहिरवार ने 12 वर्ष पहले कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि पिता घनश्याम व मां रामकली ने राजकुमार ठेकेदार के माध्यम से सड़क पर मजदूरी की थी। राजकुमार ने सड़क निर्माण का काम की देखरेख करने के लिए गांव के खिल्लू और कल्याण को लगा रखा था। 27 अप्रैल को घनश्याम अहिरवार पैसे मांगने ठेकेदार के घर जा रहे थे तभी गांव के दुलीचंद के घर के सामने खिल्लू मिल गया तो उससे वह मजदूरी के रुपये मांगने लगे।
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आरोप है कि इस पर उनके लड़के सोबरन, बब्लू व अशोक ने रुपये देने से मना कर गाली-गलौज किया। विरोध करने पर अशोक व सोबरन ने डंडों से और बल्लू ने लात घूसों से पिटाई कर दी। बब्लू ने घनश्याम को लात मार दी। जिससे वह मौके पर गिर पड़े। मां चिल्लाई तो आसपास के लोग बचाने दौड़े और बीच बचाव किया।
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पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद ग्राम बुढ़वार निवासी अशोक, सोबरन व बब्लू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लटौरिया ने बताया कि बुधवार को मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने तीनों आरोपियों अशोक, सोबरन व बब्लू को जान लेवा हमले का दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष के कारावास व तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।