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पूर्व मंत्री को हाईकोर्ट से राहत नहीं, पेशी के आदेश

Tue, 30 May 2017 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 30 May 2017 01:02 AM IST
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Former minister not relieved from high court, order of muscle
court - फोटो : demo
12 वर्ष पूर्व हुए गोलीकांड मामले में पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह बुंदेला समेत तीन लोगों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। सभी आरोपियों को तीस दिन के अंदर जिला न्यायालय में पेश होने का आदेश जारी किया गया है। पूर्व मंत्री ने जिला न्यायालय के तलबी आदेश के विरुद्ध याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है।
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अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखन लाल यादव ने बताया कि 12 वर्ष पूर्व 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान मंत्री वीरेंद्र सिंह बुंदेला के पुत्र संजय सिंह बुंदेला उर्फ संजू राजा अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे थे। जबकि, जयराम सिंह यादव के पुत्र जोगेंद्र सिंह उर्फ भोलू ने भी इस पद के लिए दावेदारी पेश की। आरोप है कि वर्चस्व के चलते मंत्री के पुत्र पवन सिंह, संजय सिंह ने साथियों के साथ जयराम सिंह के आवास पर गोलीबारी की थी। घटना की रिपोर्ट जयराम सिंह यादव द्वारा थाना कोतवाली में धारा 147, 148, 149 व 307 आईपीसी के तहत दर्ज कराई गई थी। इसमें तत्कालीन मंत्री वीरेंद्र सिंह बुंदेला, उनके पुत्र पवन सिंह, संजय सिंह, वीरू राजा, बम्मू सोनी, हन्नू पटेल, सतेंद्र परमार आदि को आरोपी बनाया गया था। मामले में पुलिस ने मंत्री वीरेंद्र सिंह बुंदेला, पवन सिंह और वीरू राजा के नाम अलग कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। सुनवाई के दौरान वादी जयराम सिंह यादव, गजेंद्र और अतल सिंह ने न्यायालय में बताया था कि गोलीबारी कांड में यह सभी लोग शामिल थे।
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इस आधार पर अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में धारा 379 सीआरपीसी के तहत गवाहोें और साक्ष्य के आधार पर पूर्व मंत्री समेत तीन लोगों को आरोपी बनाते हुए न्यायालय में तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर 10 मार्च 2017 को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आदेश कर पूर्व मंत्री समेत उक्त तीनों लोगों को मुल्जिम मानते हुए शमन जारी कर तलब किया था। तलबी आदेश के विरुद्ध वीरेंद्र सिंह बुंदेला ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन उन्हें हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने 25 मई 2017 को अधीनस्थ न्यायालय के तलब आदेश को यथावत रखते हुए पूर्व मंत्री समेत तीन लोगों को 30 दिवस के अंदर न्यायालय में तलब होने के आदेश जारी किए हैं। उक्त घटना उस समय जिले में चर्चा का विषय बनी रही थी।
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