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सीटी स्कैन संचालन की अनुबंधित कंपनी पर होगी एफआईआर

Mon, 11 Nov 2019 01:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 01:06 AM IST
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FIR on city scan operations contracted company
FIR on city scan operations contracted company
ललितपुर। डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने सीएमएस को अनुबंधित कंपनी पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल को आधुनिक बनाने के लिए शासन द्वारा डेढ़ वर्ष पूर्व सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराई गई, जिसके संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक कंपनी से अनुबंध किया गया। लेकिन, तब से लेकर अब तब कंपनी द्वारा मशीन को संचालित नहीं किया जा सका है। शुरुआत में कक्ष की मरम्मत व बिजली की फिटिंग के कारण काम में देरी हुई। इसके बाद अस्पताल का बिजली का लोड व एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रखने को लेकर बिलंब लगा। ट्रांसफार्मर आते ही ट्रायल करने पर खराब हो गया। इसके बाद तीन महीने से अधिक समय ट्रांसफार्मर रखने में लग गया।
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इसके बाद मशीन का ट्रायल शुरु हुुआ और विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने में समय लग गया। अनापत्ति प्रमाण पत्र आता, लेकिन इससे पहले ही मशीन के वायर को चूहों ने खा लिया। इससे अब तक सीटी स्कैन मशीन शुरु नहीं हो सकी। इससे जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन मशीन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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मशीन के अभाव में मरीजों को झांसी और अन्य बड़े शहरों की ओर मुख करना पड़ रहा है। जहां पर अधिक पैसे देकर सीटी स्कैन कराने को मजबूर बने हुए हैं। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए सीएमओ ने सीएमएस को अनुबंधित कंपनी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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16 अक्तूबर को मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। सीटी स्कैन कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि मशीन के तारों को चूहों ने काट दिया गया है। इस पर कमिश्नर ने संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
सीटी स्कैन मशीन से मरीज की अधिकांश जांचें हो जाती है। इसमें दुर्घटनाग्रस्त मरीजों में ब्रेन हेमरेज की जांच हो जाती है। इसके अलावा मस्तिष्क में ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी के माइनर फैक्चर की जांच, गर्दन की हड्डी बढ़ने, लीवर में केंसर व गांठ आदि अन्य जांचें हो सकेंगी।

मरीजों की समस्याओं को देखते हुए और अनुबंधित कंपनी की उदासीनता के कारण अब तक सीटी स्कैन मरीज शुरु नहीं हो सकी है। सीएमएस को कंपानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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