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पचास दिन अतिरिक्त काम को लेकर संशय
ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:09 AM IST
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ललितपुर। गांव स्तर पर रोजगार दिलाने की गारंटी देने वाली मनरेगा में सौ दिन का रोजगार मिलना ही मुश्किल हो रहा है। अब पचास दिन अतिरिक्त काम देने का आदेश पूरी तरह पालन हो पाएगा या नहीं, आंकड़ों के हिसाब से तो कम से कम यह होता नजर नहीं आ रहा है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष 2015-16 में आठ महीने के दौरान जिले के केवल 2,833 मजदूरों को ही काम मिल पाया है। यही कारण है कि कामगारों में डेढ़ सौ दिन काम मिलने को लेकर संशय की स्थिति बनने की लगी है।
जिले में 1,68,131 परिवारों ने मनरेगा में जॉब कार्ड बनवाए हैं। इनमें से 69,109 परिवारों ने वित्त वर्ष में जनवरी माह तक रोजगार की मांग की, जिसके सापेक्ष 60,031 परिवारों को ही रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में 2,532 परिवार काम कर रहे हैं। इस तरह पांच हजार कामगारों को अभी भी रोजगार पाने का इंतजार है। यही नहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,833 परिवारों को ही काम मिल सका है। इससे रोजगार की गति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
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अब, जबकि जनपद ललितपुर सूखाग्रस्त घोषित हो गया है तो अपर आयुक्त मनरेगा डा. पिंकी जोवल ने मजदूरों को सौ दिन के अलावा 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार मुहैया कराने का आदेश जारी किया है। यह आदेश ललितपुर सहित सभी सूखाग्रस्त जिलों में भेजा गया है। वर्तमान में मनरेगा जिस रफ्तार से रोजगार मुहैया करा रही है, इससे मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार मिलने की संभावनाएं कम ही दिख रही हैं। हालांकि, सीडीओ अरुण कुमार उपाध्याय ने रोजगार सृजन की गति बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं, जो नाकाफी साबित हो रहे हैं।
इतने को मिला 100 दिन काम
वर्तमान वित्तीय वर्ष में ब्लाक बार में 469, बिरधा में 204, जखौरा में 653, मड़ावरा में 800, महरौनी में 329, तालबेहट में 378 परिवारों को ही 100 दिन काम मिल पाया है, जबकि वित्तीय वर्ष के दो माह ही शेष रह गए हैं।
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मौजूदा वित्तीय वर्ष 2015-16 में आठ महीने के दौरान जिले के केवल 2,833 मजदूरों को ही काम मिल पाया है। यही कारण है कि कामगारों में डेढ़ सौ दिन काम मिलने को लेकर संशय की स्थिति बनने की लगी है।
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जिले में 1,68,131 परिवारों ने मनरेगा में जॉब कार्ड बनवाए हैं। इनमें से 69,109 परिवारों ने वित्त वर्ष में जनवरी माह तक रोजगार की मांग की, जिसके सापेक्ष 60,031 परिवारों को ही रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में 2,532 परिवार काम कर रहे हैं। इस तरह पांच हजार कामगारों को अभी भी रोजगार पाने का इंतजार है। यही नहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,833 परिवारों को ही काम मिल सका है। इससे रोजगार की गति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
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अब, जबकि जनपद ललितपुर सूखाग्रस्त घोषित हो गया है तो अपर आयुक्त मनरेगा डा. पिंकी जोवल ने मजदूरों को सौ दिन के अलावा 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार मुहैया कराने का आदेश जारी किया है। यह आदेश ललितपुर सहित सभी सूखाग्रस्त जिलों में भेजा गया है। वर्तमान में मनरेगा जिस रफ्तार से रोजगार मुहैया करा रही है, इससे मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार मिलने की संभावनाएं कम ही दिख रही हैं। हालांकि, सीडीओ अरुण कुमार उपाध्याय ने रोजगार सृजन की गति बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं, जो नाकाफी साबित हो रहे हैं।
इतने को मिला 100 दिन काम
वर्तमान वित्तीय वर्ष में ब्लाक बार में 469, बिरधा में 204, जखौरा में 653, मड़ावरा में 800, महरौनी में 329, तालबेहट में 378 परिवारों को ही 100 दिन काम मिल पाया है, जबकि वित्तीय वर्ष के दो माह ही शेष रह गए हैं।