फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Farmers taking insurance claims will not get disaster money

बीमा क्लेम लेने वाले किसानों को नहीं मिलेगा आपदा का पैसा

Sat, 15 Feb 2020 01:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 01:57 AM IST
विज्ञापन
Farmers taking insurance claims will not get disaster money
ललितपुर। शासन ने किसानों के लिए एक और बदलाव कर दिया है। अब जो किसान फसल बीमा का क्लेम लेंगे, उन्हें दैवीय आपदा से होने वाले फसल के नुकसान के लिए अलग से मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन

अब तक लागू व्यवस्था के अनुसार अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से नष्ट होने वाली फसल के लिए किसानों को मुआवजा राशि मिलती थी। यह पैसा आपदा मोचक निधि के अंतर्गत मिलता था। इसमें सिंचित फसलों का 33 प्रतिशत हिस्सा नष्ट होने पर प्रति हेक्टेयर की दर से साढ़े तेरह हजार रुपये आर्थिक सहायता राशि देने का प्रावधान था। असिंचित फसलें नष्ट होने पर साढ़े छह हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से किसान को आपदा मोचक निधि के अंतर्गत सहायता राशि दी जाती थी। खरीफ के सीजन में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों की सहायता राशि पाने के लिए किसान इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें इसका पैसा नहीं मिल पाएगा। केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिनका फसल बीमा नहीं है।
विज्ञापन

फसल बीमा योजना के अंतर्गत यदि किसान ने बीमा कराया है और फसल की क्षति हुई है तो सर्वे के बाद किसान को फसल बीमा का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन, 33 प्रतिशत से कम नुकसान होने पर फसल बीमा का क्लेम भी नहीं मिलता है। आपदा मोचक निधि मिलने से खरीफ सीजन में जो फसलें नष्ट हो जाती थीं, किसान उस पैसे से रबी फसल की जुताई, बुवाई, बीज, खाद आदि का काम चला लेता था। लेकिन, अब शासन ने आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि जिन्होंने फसल बीमा कराया है, उन्हें आपदा मोचक निधि का लाभ नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
इतने किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
नया आदेश जारी होने के बाद जिले में खरीफ फसल- 2017 के 84261 किसान, रबी फसल 2017- 18 के 19261 किसान, खरीफ फसल- 2018 के 91050 किसान और रबी 2018-19 के 1358 किसानों को आपदा मोचक निधि का लाभ नहीं मिल सकेगा।
----
21 करोड़ रुपये जारी
खरीफ फसल सीजन 2018 में अतिवृष्टि के कारण फसलें नष्ट हो गई थीं। कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने सर्वे कराया था। इसके बाद आपदा मोचक निधि के अंतर्गत 1.64 अरब रुपये की मांग की गई थी, लेकिन शासन ने इसके बदले में सिर्फ 13 प्रतिशत राशि कुल 21 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
---------------------
शासन ने अब नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब फसल बीमा क्लेम लेने वाले किसान को आपदा मोचक निधि का पैसा नहीं दिया जाएगा।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी
-------------
बीमा क्लेम के छह करोड़ रुपये जल्द आएंगे
जिले के करीब 1.51 लाख किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड हैं। इस वर्ष खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से उड़द की फसल बरबाद हो गई थी। लेकिन, किसानों का बीमा क्लेम अब तक नहीं आया है। दरअसल, बीमा कंपनी यह तय नहीं कर पा रही है कि कितने किसानों को कितना क्लेम देना है। विभागीय लिखा- पढ़ी के बाद अब बीमा कंपनी छह करोड़ रुपये किसानों के बैंक खाते में डालने के लिए तैयार हो गई है। यह पैैसा 15 फरवरी तक जारी कर दिया जाएगा। बता दें कि जिले के किसानों का बीमा क्लेम सौ करोड़ रुपये से अधिक बनता है, लेकिन जो किसान मृत हो गए हैं उनका डाटा चेक किया जा रहा है। इसलिए क्लेम कितना बना है और कब तक किसानों को मिल जाएगा। इसके लिए फिलहाल कोई समय सीमा तय नहीं है।

--------------
24 से करेंगे आंदोलन
भारतीय किसान संघ के नवनीत शर्मा ने बताया कि किसानों को बीमा क्लेम मिलने में बहुत देरी हो रही है। संगठन ने बार- बार प्रशासन को ज्ञापन देकर बीमा क्लेम दिलाने की मांग की है। लेकिन, अब तक कुछ नहीं हुआ है। यदि जल्द ही किसानों को बीमा क्लेम नहीं मिला तो 24 फरवरी से आंदोलन करेंगे। इसके अलावा अनशन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed