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Lalitpur News: तेंदुआ के भय से जूझ रहे किसानों, फसल बर्बाद कर रही नील गाय
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ललितपुर-बिरधा। पिछले कुछ दिनों से कस्बा बिरधा क्षेत्र में तेंदुआ व उसके शावक के आने से इस क्षेत्र के लोग खौफजदा हैं ही, वन विभाग के लिए भी तेंदुआ का विचरण चुनौती बन गया है। न तो वन विभाग तेंदुआ व शावक को पकड़ने के लिए कोई उचित प्रबंध कर रहा है और न ही उसे जंगल की ओर भगाने की कोई योजना पर काम कर रहा है। जिस कारण इस क्षेत्र के लोग रात ही नहीं दिन में भी खौफ के साए में जी रहे हैं और खेतों में जाने से पहले सौ दफा सोचना पड़ रहा है।
कस्बा बिरधा-करमरा और मगरपुर क्षेत्र में तेंदुआ व उसके शावक के विचरण करना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। लेकिन वन विभाग न तो तेंदुआ व उसके शावक को पकड़ने का प्रयास कर रहा है और न ही उसे जंगल की भगाने की किसी प्रकार की कोई योजना बना रहा है। वह तो सिर्फ ग्रामीणों की सूचना पर गांव में पहुंचते हैं। कुछ देर यहां वहां खोजबीन करने के बाद वहां से गांव वालों को उनके हाल पर छोड़कर चले आते है। जबकि तेंदुआ व उसके शावक का पिछले 6-7 दिनों से इस क्षेत्र में आंतक छाया हुआ है। एक तरफ जहां कस्बा बिरधा क्षेत्र के करमरा, रमपुरा, बम्हौरी, बिरधा, मगरपुर के किसान तेंदुआ के डर से भयभीत है और डर की वजह से रात को फसलों की रखवाली करने को नहीं जा रहे हैं। जिसका नतीजा यह हो रहा है कि रात को नीलगाय के झुंड के झुंड खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर रहे हैं।
तेंदुआ से पूरे क्षेत्र मे डर का महौल है, इस लिए किसान खेतों पर फसल रखवाली को नहीं जा पा रहे हैं। इस कारण से नीलगाय किसानो की फसले बर्बाद कर रहे हैं। वन विभाग को तेंदुआ व उसके शावक का पकड़ने या यहां से भगाने के बारे में काम करना चाहिए - अजीत सिंह किसान बिरधा
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तीन चार गांवों में तेंदुआ व उसका शावक विचरण कर रहा है। जिसके भय से गांव के लोग खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। दूसरी ओर नीलगाय किसानो की फसल चौपट कर रहे हैं। इस पर वन विभाग को ठोस कदम उठाना चाहिए। -रविंद्र सिंह बिरधा
वन विभाग की टीमों द्वारा इस क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर तेंदुआ व उसके शावक को या तो पकड़ना होगा या जंगल की ओर खदेड़ना होगा। ऐसा न होने से किसान खेतों पर फसल रखवाली करने नहीं जा पा रहा रहे है। - मुकेश कुमार लोधी करमरा
वन विभाग की ओर से लगातार तेंदुआ व शावक को पकड़ने प्रयास किया जा रहा है। लोगो की सूचना पर वह स्वयं दो बार मौके पर गया और खोजबीन की। लेकिन सफलता नहीं मिली। नील गायों से फसल बचाने के लिए किसान समूह बनाकर खेतों की ओर जाए। सुभाष चंद्र वर्मा, क्षेत्रीय वनाधिकारी रेंज गौना
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कस्बा बिरधा-करमरा और मगरपुर क्षेत्र में तेंदुआ व उसके शावक के विचरण करना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। लेकिन वन विभाग न तो तेंदुआ व उसके शावक को पकड़ने का प्रयास कर रहा है और न ही उसे जंगल की भगाने की किसी प्रकार की कोई योजना बना रहा है। वह तो सिर्फ ग्रामीणों की सूचना पर गांव में पहुंचते हैं। कुछ देर यहां वहां खोजबीन करने के बाद वहां से गांव वालों को उनके हाल पर छोड़कर चले आते है। जबकि तेंदुआ व उसके शावक का पिछले 6-7 दिनों से इस क्षेत्र में आंतक छाया हुआ है। एक तरफ जहां कस्बा बिरधा क्षेत्र के करमरा, रमपुरा, बम्हौरी, बिरधा, मगरपुर के किसान तेंदुआ के डर से भयभीत है और डर की वजह से रात को फसलों की रखवाली करने को नहीं जा रहे हैं। जिसका नतीजा यह हो रहा है कि रात को नीलगाय के झुंड के झुंड खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर रहे हैं।
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तेंदुआ से पूरे क्षेत्र मे डर का महौल है, इस लिए किसान खेतों पर फसल रखवाली को नहीं जा पा रहे हैं। इस कारण से नीलगाय किसानो की फसले बर्बाद कर रहे हैं। वन विभाग को तेंदुआ व उसके शावक का पकड़ने या यहां से भगाने के बारे में काम करना चाहिए - अजीत सिंह किसान बिरधा
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तीन चार गांवों में तेंदुआ व उसका शावक विचरण कर रहा है। जिसके भय से गांव के लोग खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। दूसरी ओर नीलगाय किसानो की फसल चौपट कर रहे हैं। इस पर वन विभाग को ठोस कदम उठाना चाहिए। -रविंद्र सिंह बिरधा
वन विभाग की टीमों द्वारा इस क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर तेंदुआ व उसके शावक को या तो पकड़ना होगा या जंगल की ओर खदेड़ना होगा। ऐसा न होने से किसान खेतों पर फसल रखवाली करने नहीं जा पा रहा रहे है। - मुकेश कुमार लोधी करमरा
वन विभाग की ओर से लगातार तेंदुआ व शावक को पकड़ने प्रयास किया जा रहा है। लोगो की सूचना पर वह स्वयं दो बार मौके पर गया और खोजबीन की। लेकिन सफलता नहीं मिली। नील गायों से फसल बचाने के लिए किसान समूह बनाकर खेतों की ओर जाए। सुभाष चंद्र वर्मा, क्षेत्रीय वनाधिकारी रेंज गौना