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Lalitpur News: बादल देख किसानों की बढ़ीं धड़कनें
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर-महरौनी-मड़ावरा। बुधवार को बादल देख किसानों की धड़कनें बढ़ गईं। बारिश की आशंका के चलते किसान फसल सहेजने में जुट गए। जिनकी फसल कट गई है, वह थ्रेसर ढूंढते रहे और जिन किसानों के गेहूं की फसल खड़ी है, वह हार्वेस्टर की तलाश करते दिखे।
कुछ दिनों से पारा चढ़ने से गर्मी बढ़ रही है। सुबह पांच बजे 20 डिग्री सेल्सियस तापमान था, लेकिन आठ बजे 23 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह नौ बजे बादल छाने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ गईं। खेतों में कहीं गेहूं की फसल खड़ी है तो कहीं कटाई कर सूखने के लिए रखी है। बादल होने के कारण ज्यादातर किसान अपनी उपज हर हाल में सुरक्षित घरों तक लाने के प्रयास में जुटे रहे।
मड़ावरा प्रतिनिधि के अनुसार किसानों ने 70 फीसदी फसल सुरक्षित कर ली है। शेष फसल की थ्रेसिंग करने में जुटे हैं। तालबेहट के बिजरौठा निवासी किसान हरलाल कुशवाहा, सेवक कुशवाहा और रामजी यादव ने बताया कि रात में थ्रेसिंग कर गेहूं सुरिक्षत स्थान पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी 50 फीसदी गेहूं की काटा जा सका है। पाली तहसील क्षेत्र के पूरन कुशवाहा, गोविंदा चौरसिया और बालचंद्र कुशवाहा ने बताया कि मौसम बिगड़ने की आशंका से वह लोग रात में हार्वेस्टर और थ्रेसिंग करा रहे हैं।
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ललितपुर-महरौनी-मड़ावरा। बुधवार को बादल देख किसानों की धड़कनें बढ़ गईं। बारिश की आशंका के चलते किसान फसल सहेजने में जुट गए। जिनकी फसल कट गई है, वह थ्रेसर ढूंढते रहे और जिन किसानों के गेहूं की फसल खड़ी है, वह हार्वेस्टर की तलाश करते दिखे।
कुछ दिनों से पारा चढ़ने से गर्मी बढ़ रही है। सुबह पांच बजे 20 डिग्री सेल्सियस तापमान था, लेकिन आठ बजे 23 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह नौ बजे बादल छाने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ गईं। खेतों में कहीं गेहूं की फसल खड़ी है तो कहीं कटाई कर सूखने के लिए रखी है। बादल होने के कारण ज्यादातर किसान अपनी उपज हर हाल में सुरक्षित घरों तक लाने के प्रयास में जुटे रहे।
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मड़ावरा प्रतिनिधि के अनुसार किसानों ने 70 फीसदी फसल सुरक्षित कर ली है। शेष फसल की थ्रेसिंग करने में जुटे हैं। तालबेहट के बिजरौठा निवासी किसान हरलाल कुशवाहा, सेवक कुशवाहा और रामजी यादव ने बताया कि रात में थ्रेसिंग कर गेहूं सुरिक्षत स्थान पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी 50 फीसदी गेहूं की काटा जा सका है। पाली तहसील क्षेत्र के पूरन कुशवाहा, गोविंदा चौरसिया और बालचंद्र कुशवाहा ने बताया कि मौसम बिगड़ने की आशंका से वह लोग रात में हार्वेस्टर और थ्रेसिंग करा रहे हैं।
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