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कम बारिश से पाली बांध है खाली
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महरौनी / ललितपुर। महरौनी तहसील में कम बारिश होने पर किसान अच्छी बारिश की उम्मीद इंद्र देव से लगाए बैठे है।
तीन दिन में कुछ बरसात होने से पानी खेतों से बाहर निकलकर नदी, नाले, पोखरों में चला गया। ज्यादा बारिश न होने से पाली बांध अभी भी खाली पड़ा हुआ है। यहां पर पिछले साल की अपेक्षा तकरीबन 88 मिली कम बारिश हुई है।
बरसात के दो माह निकल चुके हैं, लेकिन तहसील मुख्यालय के आसपास के गांवों में अभी पर्याप्त पानी नहीं हुआ है। 17 अगस्त से यहां पहले की अपेक्षा तेज बारिश हुई, जिससे कुछ जलस्तर सुधरा है, लेकिन जो अभी तक हुई बारिश से किसान संतुष्ट नहीं हैं। किसानों का कहना है कि पिछले तीन दिनों में हुई बारिश का पानी खेतों से निकलकर नदी, नालों और पोखरों में पहुंच गया। बताया कि तहसील मुख्यालय से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पाली बांध में नया पानी कुछ मात्रा में पहुंचा है। लेकिन बांध में पानी नापने के लिए लगाए गए खंभे के करीब ही अभी पहुंचा है।
तहसील परिसर में वर्षा मापी यंत्र के अनुसार 17 अगस्त को 15 मिमी, 18 अगस्त को 4 मिमी, 20 अगस्त को 33 मिमी वर्षा हुई है। जो अभी तक कुल 342 मिली मीटर ही हुई है, जो बहुत कम है। पिछले वर्ष का आंकड़ा देखा जाए, तो 20 अगस्त को 430 मिली मीटर बरसात हो चुकी थी। उसकी अपेक्षा इस वर्ष 88 मिमी बरसात कम हुई है। कम बरसात होने से जमीन प्यासी है, बांध खाली हैं और किसान हताश और मायूस हैं।
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तीन दिनों से कुछ बरसात होने से पाली बांध में थोड़ा बहुत पानी आया है। बांध भरने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। बांध नही भरेगा तो किसान कैसे खेती करेंगे। - विक्रम सिंह किसान, पाली।
बरसात कम होने से अभी जमीन की प्यास नहीं बुझी है। चार दिन पहले नाले भी सूखे पड़े थे। अब नाले में पानी आ गया। - सूर्य प्रताप सिंह किसान, पाली।
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तीन दिन में कुछ बरसात होने से पानी खेतों से बाहर निकलकर नदी, नाले, पोखरों में चला गया। ज्यादा बारिश न होने से पाली बांध अभी भी खाली पड़ा हुआ है। यहां पर पिछले साल की अपेक्षा तकरीबन 88 मिली कम बारिश हुई है।
बरसात के दो माह निकल चुके हैं, लेकिन तहसील मुख्यालय के आसपास के गांवों में अभी पर्याप्त पानी नहीं हुआ है। 17 अगस्त से यहां पहले की अपेक्षा तेज बारिश हुई, जिससे कुछ जलस्तर सुधरा है, लेकिन जो अभी तक हुई बारिश से किसान संतुष्ट नहीं हैं। किसानों का कहना है कि पिछले तीन दिनों में हुई बारिश का पानी खेतों से निकलकर नदी, नालों और पोखरों में पहुंच गया। बताया कि तहसील मुख्यालय से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पाली बांध में नया पानी कुछ मात्रा में पहुंचा है। लेकिन बांध में पानी नापने के लिए लगाए गए खंभे के करीब ही अभी पहुंचा है।
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तहसील परिसर में वर्षा मापी यंत्र के अनुसार 17 अगस्त को 15 मिमी, 18 अगस्त को 4 मिमी, 20 अगस्त को 33 मिमी वर्षा हुई है। जो अभी तक कुल 342 मिली मीटर ही हुई है, जो बहुत कम है। पिछले वर्ष का आंकड़ा देखा जाए, तो 20 अगस्त को 430 मिली मीटर बरसात हो चुकी थी। उसकी अपेक्षा इस वर्ष 88 मिमी बरसात कम हुई है। कम बरसात होने से जमीन प्यासी है, बांध खाली हैं और किसान हताश और मायूस हैं।
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तीन दिनों से कुछ बरसात होने से पाली बांध में थोड़ा बहुत पानी आया है। बांध भरने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। बांध नही भरेगा तो किसान कैसे खेती करेंगे। - विक्रम सिंह किसान, पाली।
बरसात कम होने से अभी जमीन की प्यास नहीं बुझी है। चार दिन पहले नाले भी सूखे पड़े थे। अब नाले में पानी आ गया। - सूर्य प्रताप सिंह किसान, पाली।