{"_id":"63cd7f3f3bddc04fc157a8fc","slug":"farmer-died-under-suspicious-circumstances-on-the-farm-lalitpur-news-jhs23751315-2023-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: खेत पर किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: खेत पर किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
विज्ञापन
ललितपुर। फसल की देखरेख करने खेत पर गए किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पनारी निवासी हरीराम (48) पुत्र नत्थू शनिवार को सुबह अपने खेत पर फसल की देखरेख करने के लिए गए थे। वहां पर वह अचेत होकर गिर गए। आसपास के खेतों के किसानों ने हरीराम को अचेत अवस्था में पड़ा देखा तो इसकी जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पुत्र नीलेश ने बताया कि पिता खेती व मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। वह दो भाइयों में छोटे थे। उनके दो पुत्र व एक पुत्री है।
पिता की मौत से परिवार का छिना सहारा
हरीराम के पास ढाई एकड़ जमीन थी, जिसमें वह खेती करते थे। इसके अलावा बाजार में मजदूरी का कार्य करते थे। अब उनकी मौत से परिवार के पालन पोषण का संकट आ गया है। परिवार का सहारा छिन गया है।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पनारी निवासी हरीराम (48) पुत्र नत्थू शनिवार को सुबह अपने खेत पर फसल की देखरेख करने के लिए गए थे। वहां पर वह अचेत होकर गिर गए। आसपास के खेतों के किसानों ने हरीराम को अचेत अवस्था में पड़ा देखा तो इसकी जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पुत्र नीलेश ने बताया कि पिता खेती व मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। वह दो भाइयों में छोटे थे। उनके दो पुत्र व एक पुत्री है।
पिता की मौत से परिवार का छिना सहारा
हरीराम के पास ढाई एकड़ जमीन थी, जिसमें वह खेती करते थे। इसके अलावा बाजार में मजदूरी का कार्य करते थे। अब उनकी मौत से परिवार के पालन पोषण का संकट आ गया है। परिवार का सहारा छिन गया है।
विज्ञापन