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खेत तालाब : फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान की होगी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खेत तालाब योजना अंतर्गत फर्जी हस्ताक्षर की विस्तृत जांच मंडलायुक्त के आदेश पर प्रारंभ हो गई है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को इस प्रकरण की विस्तृत जांच सौंपी है। इससे पूर्व हुई जांच में भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। जिसकी रिपोर्ट शासन को जिला प्रशासन भेज चुका है। वहां यह मामला लंबित चल रहा है।
प्रधानमंत्री की खेत तालाब योजना जनपद में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। इसका खुलासा जिला प्रशासन की कराई गई जांच में हो चुका है। इसकी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी गई है। वर्तमान में कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि उनके बिना सत्यापन के अधिकारियों ने फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान कर दिया है। प्राविधिक सहायक सी केशनी नंदन कांकर ने आलाधिकारियों को दिया था, जिसमें बताया कि विभागीय अधिकारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत फर्जी हस्ताक्षर कर चार लाख 41 हजार का भुगतान कर दिया। उसने विभागीय अफसरों को लिखित व मौखिक शिकायत की। साथ ही कई पत्रावली का जब अवलोकन किया, तो उन पर उसके फर्जी हस्ताक्षर थे।
मंडलायुक्त ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश जिलाधिकारी को दिए हैं। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंप दी है। मुख्य विकास अधिकारी ने दो सदस्यीय टीम जिला विकास अधिकारी केएन पांडे व जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी राजेश सिंह को जांच सौंप दी है।
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ललितपुर। खेत तालाब योजना अंतर्गत फर्जी हस्ताक्षर की विस्तृत जांच मंडलायुक्त के आदेश पर प्रारंभ हो गई है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को इस प्रकरण की विस्तृत जांच सौंपी है। इससे पूर्व हुई जांच में भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। जिसकी रिपोर्ट शासन को जिला प्रशासन भेज चुका है। वहां यह मामला लंबित चल रहा है।
प्रधानमंत्री की खेत तालाब योजना जनपद में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। इसका खुलासा जिला प्रशासन की कराई गई जांच में हो चुका है। इसकी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी गई है। वर्तमान में कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि उनके बिना सत्यापन के अधिकारियों ने फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान कर दिया है। प्राविधिक सहायक सी केशनी नंदन कांकर ने आलाधिकारियों को दिया था, जिसमें बताया कि विभागीय अधिकारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत फर्जी हस्ताक्षर कर चार लाख 41 हजार का भुगतान कर दिया। उसने विभागीय अफसरों को लिखित व मौखिक शिकायत की। साथ ही कई पत्रावली का जब अवलोकन किया, तो उन पर उसके फर्जी हस्ताक्षर थे।
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मंडलायुक्त ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश जिलाधिकारी को दिए हैं। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंप दी है। मुख्य विकास अधिकारी ने दो सदस्यीय टीम जिला विकास अधिकारी केएन पांडे व जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी राजेश सिंह को जांच सौंप दी है।
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