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Lalitpur News: बछड़े की मौत से सामाजिक बहिष्कार झेल रहे परिवार ने पुलिस से मांगी सहायता
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बोला-पंच अब 51 हजार रुपये नकद और कथा-भोज करने का बना रहे दबाव
तालबेहट। आजादी के 76 साल होने के बाद भी ग्रामीणों को आज भी पुरानी रुढि़वादी परंपराएं झेलनी पड़ रही हैं। ऐसा ही एक मामला कोतवाली के अंतर्गत ग्राम तरगुवां में सामने आया है। यहां तकरीबन एक महीने पहले बाइक की टक्कर से एक बछड़े की मौत के बाद उस परिवार को सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ रहा है। शनिवार को पीड़ित परिवार ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई। उसका आरोप है कि पंच उन पर 51 हजार रुपये नकद देने और कथा-भोज का आयोजन करने का दबाव बना रहे हैं।
तरगुवां से अपनी समस्या लेकर आए एक व्यक्ति चुखरे एवं अन्य पीड़ितों ने बताया कि उसके परिजन ग्राम रामपुर में रहते हैं। लगभग एक माह पूर्व गांव में एक बछड़े से बाइक टकरा गई थी। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव में पंचों के कहने पर परिवार ने गंगा स्नान, मुंडन एवं सामूहिक भोज कराया था। उन्होंने बताया कि हल्दी बांटने के नाम पर ही उन्होंने 33 हजार रुपये की नकदी भी दी थी।
अब ग्राम तरगुवां के पंचों ने उनके परिवार को समाज से बेदखल कर प्रतिबंधित कर दिया है। गांव के पंच परिवार पर दबाव बनाकर 51 हजार रुपये नकद और कथा व भोज कराने का दबाब भी बना रहे हैं। उसके परिवार के लोगों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। आरोप है कि प्रताड़ना से उसके परिवार में बेटों और नाती-पोतों की शादी नहीं हो पा रही है। उसे गांव से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा। पीड़ित परिवार ने पुलिस से मद्द की गुहार लगाई।
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इस संबंध में तरगुवां के पंचों को बुलाया गया है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कुछ कहना उचित होगा। सामाजिक उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - विनोद कुमार मिश्र, प्रभारी निरीक्षक तालबेहट
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तालबेहट। आजादी के 76 साल होने के बाद भी ग्रामीणों को आज भी पुरानी रुढि़वादी परंपराएं झेलनी पड़ रही हैं। ऐसा ही एक मामला कोतवाली के अंतर्गत ग्राम तरगुवां में सामने आया है। यहां तकरीबन एक महीने पहले बाइक की टक्कर से एक बछड़े की मौत के बाद उस परिवार को सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ रहा है। शनिवार को पीड़ित परिवार ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई। उसका आरोप है कि पंच उन पर 51 हजार रुपये नकद देने और कथा-भोज का आयोजन करने का दबाव बना रहे हैं।
तरगुवां से अपनी समस्या लेकर आए एक व्यक्ति चुखरे एवं अन्य पीड़ितों ने बताया कि उसके परिजन ग्राम रामपुर में रहते हैं। लगभग एक माह पूर्व गांव में एक बछड़े से बाइक टकरा गई थी। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव में पंचों के कहने पर परिवार ने गंगा स्नान, मुंडन एवं सामूहिक भोज कराया था। उन्होंने बताया कि हल्दी बांटने के नाम पर ही उन्होंने 33 हजार रुपये की नकदी भी दी थी।
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अब ग्राम तरगुवां के पंचों ने उनके परिवार को समाज से बेदखल कर प्रतिबंधित कर दिया है। गांव के पंच परिवार पर दबाव बनाकर 51 हजार रुपये नकद और कथा व भोज कराने का दबाब भी बना रहे हैं। उसके परिवार के लोगों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। आरोप है कि प्रताड़ना से उसके परिवार में बेटों और नाती-पोतों की शादी नहीं हो पा रही है। उसे गांव से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा। पीड़ित परिवार ने पुलिस से मद्द की गुहार लगाई।
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इस संबंध में तरगुवां के पंचों को बुलाया गया है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कुछ कहना उचित होगा। सामाजिक उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - विनोद कुमार मिश्र, प्रभारी निरीक्षक तालबेहट