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आकस्मिक विभाग : महरौनी में डॉक्टर मिले नदारद, तालबेहट में मरीज को मिला उपचार
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- अस्पतालों में आ रहे उल्टी दस्त और बुखार के मरीज, डॉक्टर बोले - बारिश में भीगने से बचें
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आकस्मिक विभाग में महरौनी में डॉक्टर नदारद मिले तो तालबेहट सहित अन्य अस्पतालों में मरीज का उपचार कराने के लिए अपने नंबर का इंतजार करते दिखे। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने करीब 125 मरीजों को देखकर दवा दी, इनमें करीब 70 मरीजों की हालत गंभीर देख उन्हें भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक इन दिनों उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। उन्होंने पानी को उबालने के बाद ठंडा कर पीने और बारिश से बचाव की सलाह दी है। पेश है अस्पतालों की हकीकत पेश करती रिपोर्ट...।
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दृश्य एक
महरौनी। तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आकस्मिक विभाग में 35 मरीज आए, जिनमें से 15 मरीज पेट दर्द, उल्टी और पांच मरीज बुखार के आए थे। लेकिन दोपहर 2.45 बजे डॉक्टर अस्पताल में नहीं मिले। अस्पताल के मरीजों ने बताया कि जब कोई मरीज आता तभी डॉक्टर मरीज को देखने आते हैं। इस समय सर्दी जुकाम खासी बुखार क्षेत्र में फैला हुआ है। जिस कारण पूरे दिन मरीजों का आना जाना लगा रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी इमरजेंसी में 24 घंटे की लगाई जाती है। डॉक्टर ऑनलाइन केंद्र पर हाजिर रहता है। मरीज के आने की सूचना पर तुरंत इमरजेंसी डॉक्टर पहुंच जाते हैं। हो सकता है ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर खाना खाने गए हो।
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दृश्य दो
सीएचसी जखौरा
जखौरा। ब्लॉक मुख्यालय स्थित सीएचसी पर डॉक्टर राजकुार वर्मा ने शाम चार बजे तक 23 मरीजों को देखा, जिनमे उल्टी दस्त का एक मरीज, बुखार के सात और 15 अन्य बीमारियों के मरीज आए थे। डॉक्टर ने उन्हें सुझाव दिया कि बरसात के मौसम में पानी को गर्म कर पीएं। हैंडपंपों के आसपास गंदगी जमी होने पर उन्हें तत्काल साफ कराएं। बारिश में भीगने से बचें अन्यथा वायरल की चपेट में आ सकते हैं।
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फोटो-30, मरीजों का उपचार करते चिकित्सक
सीएचसी तालबेहट
तालबेहट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 11.45 बजे डॉ. सूरज मरीजों का उपचार करते मिलें। वहीं, फार्मस्टिट और वार्ड ब्याय भी अपनी ड्यूटी पर था। चुरावनी गांव से कुत्ता काटने का आया एक मरीज का उपचार चल रहा था। इस दौरान महेश, सुरेंद्र सहित आठ मरीज मिले, जिसमें से छह मरीज उल्टी, दस्त और बुखार के थे।
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सीएचसी मड़ावरा
मड़ावरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बारिश के चलते दोपहर तक 16 मरीज आए थे। जिनका डॉ.प्रदीप वर्मा व डॉ. वीरपाल ने उपचार किया। उन्होंने बताया कि इन मरीजों में बुखार,उल्टी और दस्त से परेशान थे। सभी को उपचार देकर पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई।
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सीएचसी बार
पुलवारा। सीएचसी पर शाम छह बजे तक 56 मरीज आए, जिन्हें डॉक्टर ने देखकर दवा दी। इनमें से अधिकांश बुखार,जुखाम,उल्टी और दस्त के थे। चार मरीजों को पेट दर्ज की शिकायत थी जिन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि अधिकांश मरीजों को सीएचसी से दवा दी जाती है, लेकिन गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
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वर्जन
आकस्मिक विभाग में 24 घंटे के लिए एक डॉक्टर की ड्यूटी लगती है। मरीजों को देखने के बाद वह खाना खाने के लिए चला जाता है। इस बीच कोई मरीज आता है, तो उसे ऑनकाल कर बुला लिया जाता है।-डॉ. इंम्तियाज अहमद, सीएमओ
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आकस्मिक विभाग में महरौनी में डॉक्टर नदारद मिले तो तालबेहट सहित अन्य अस्पतालों में मरीज का उपचार कराने के लिए अपने नंबर का इंतजार करते दिखे। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने करीब 125 मरीजों को देखकर दवा दी, इनमें करीब 70 मरीजों की हालत गंभीर देख उन्हें भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक इन दिनों उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। उन्होंने पानी को उबालने के बाद ठंडा कर पीने और बारिश से बचाव की सलाह दी है। पेश है अस्पतालों की हकीकत पेश करती रिपोर्ट...।
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दृश्य एक
महरौनी। तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आकस्मिक विभाग में 35 मरीज आए, जिनमें से 15 मरीज पेट दर्द, उल्टी और पांच मरीज बुखार के आए थे। लेकिन दोपहर 2.45 बजे डॉक्टर अस्पताल में नहीं मिले। अस्पताल के मरीजों ने बताया कि जब कोई मरीज आता तभी डॉक्टर मरीज को देखने आते हैं। इस समय सर्दी जुकाम खासी बुखार क्षेत्र में फैला हुआ है। जिस कारण पूरे दिन मरीजों का आना जाना लगा रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी इमरजेंसी में 24 घंटे की लगाई जाती है। डॉक्टर ऑनलाइन केंद्र पर हाजिर रहता है। मरीज के आने की सूचना पर तुरंत इमरजेंसी डॉक्टर पहुंच जाते हैं। हो सकता है ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर खाना खाने गए हो।
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दृश्य दो
सीएचसी जखौरा
जखौरा। ब्लॉक मुख्यालय स्थित सीएचसी पर डॉक्टर राजकुार वर्मा ने शाम चार बजे तक 23 मरीजों को देखा, जिनमे उल्टी दस्त का एक मरीज, बुखार के सात और 15 अन्य बीमारियों के मरीज आए थे। डॉक्टर ने उन्हें सुझाव दिया कि बरसात के मौसम में पानी को गर्म कर पीएं। हैंडपंपों के आसपास गंदगी जमी होने पर उन्हें तत्काल साफ कराएं। बारिश में भीगने से बचें अन्यथा वायरल की चपेट में आ सकते हैं।
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फोटो-30, मरीजों का उपचार करते चिकित्सक
सीएचसी तालबेहट
तालबेहट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 11.45 बजे डॉ. सूरज मरीजों का उपचार करते मिलें। वहीं, फार्मस्टिट और वार्ड ब्याय भी अपनी ड्यूटी पर था। चुरावनी गांव से कुत्ता काटने का आया एक मरीज का उपचार चल रहा था। इस दौरान महेश, सुरेंद्र सहित आठ मरीज मिले, जिसमें से छह मरीज उल्टी, दस्त और बुखार के थे।
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सीएचसी मड़ावरा
मड़ावरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बारिश के चलते दोपहर तक 16 मरीज आए थे। जिनका डॉ.प्रदीप वर्मा व डॉ. वीरपाल ने उपचार किया। उन्होंने बताया कि इन मरीजों में बुखार,उल्टी और दस्त से परेशान थे। सभी को उपचार देकर पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई।
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सीएचसी बार
पुलवारा। सीएचसी पर शाम छह बजे तक 56 मरीज आए, जिन्हें डॉक्टर ने देखकर दवा दी। इनमें से अधिकांश बुखार,जुखाम,उल्टी और दस्त के थे। चार मरीजों को पेट दर्ज की शिकायत थी जिन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि अधिकांश मरीजों को सीएचसी से दवा दी जाती है, लेकिन गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
वर्जन
आकस्मिक विभाग में 24 घंटे के लिए एक डॉक्टर की ड्यूटी लगती है। मरीजों को देखने के बाद वह खाना खाने के लिए चला जाता है। इस बीच कोई मरीज आता है, तो उसे ऑनकाल कर बुला लिया जाता है।-डॉ. इंम्तियाज अहमद, सीएमओ