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एयपोर्ट भूमि अधिग्रहण मामला: कुल लोग फंसा रहे पेंच

Thu, 20 Oct 2022 10:06 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 Oct 2022 10:06 PM IST
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Electric engine ran at a speed of 110 km on Udaipur-Ishanagar rail section
ललितपुर। एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण मामले में नया पेंच फंस रहा है। जिन लोगों ने कृषि भूमि का स्वरूप परिवर्तन कराए बिना आवासीय भूमि में बैनामा करा लिए है। वह मुआवजा को लेकर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। इससे भूमि अधिग्रहण का कार्य धीमा हो रहा है। भूस्वामी आवासीय दर का मुआवजा मांग रहे हैं। वहीं, स्वरूप परिवर्तन न होने के कारण विभाग इस पर मुहर नहीं लगा पा रहा है।
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जनपद में प्रस्तावित हवाई अड्डा के लिए पहले चरण में भूमि अधिग्रहण का काम काफी समय से किया जा रहा है। एयरपोर्ट कुल 390 एकड़ में बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसमें 226 एकड़ निजी भूमि और 174 एकड़ भूमि ग्राम समाज की है। हवाई अड्डा निर्माण के लिए शासन गंभीरता दिखा रहा है और मांग के अनुसार धनराशि समय पर जारी कर रहा है। अब तक शासन भू अधिग्रहण के लिए कुल 60 करोड़ रुपये जारी चुका है। जिसमें से राजस्व विभाग अभी तक करीब 50 करोड़ रुपये का भू अधिग्रहण कर पाया है। अभी तक भू अधिग्रहण का काम कार्य 60-70 फीसदी ही हो चुका है। अब भू अधिग्रहण में नया पेंच फंस रहा है। जिसमें जिन लोगों ने कृषि भूमि को स्वरूप परिवर्तन कराए बिना आवासीय भूमि में बैनामा करा लिए थे, अब वह मुआवजा को लेकर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। जिस कारण भूमि अधिग्रहण का कार्य लटक गया है। भूस्वामी आवासीय दर का मुआवजा मांग रहे हैं। वहीं, स्वरूप परिवर्तन न होने के कारण विभाग इस पर मुहर नहीं लगा पा रहा है।
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स्वरूप परिवर्तन के लिए करना होता है धारा 143 के तहत आवेदन
कृषि भूमि को आवासीय भूमि में कराने के लिए धारा 143 के तहत आवेदन किया जाता है। इसके बाद भूमि का सक्षम अधिकारी द्वारा स्वरूप परिवर्तन किया जाता है। जिसका मुआवजा आवासीय दरों पर मिलता है। जोकि कृषि भूमि से कई गुना अधिक होता है।
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सरकारी जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा शासन
प्रस्तावित हवाई अड्डे में चिह्नित की गई भूमि में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, शिक्षा विभाग की कुछ भूमि का हिस्सा है। इनका अधिग्रहण हवाई अड्डा निर्माण में किया जाना है। इस भूमि का प्रस्ताव पास कर संबधित विभाग ने जिलाधिकारी के पास भेज दिया था। डीएम ने शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया था। इन सरकारी विभागों की जमीन को अधिग्रहीत करने का कार्य जल्द शुरू हो सकता है।
भू अधिग्रहण में यह दिया जा रहा मुआवजा
एयरपोर्ट के लिए किए जा रहे भू- अधिग्रहण में शासन ने अलग-अलग दरें तय की है। जिसमें ग्राम सिवनी की भूमि के लिए सर्किल रेट करीब 13 लाख 46 लाख रुपये से चार गुना मुआवजा प्रति हेक्टेयर तय किया गया है। वहीं, शहर हद बाहर और अंदर के लिए अलग-अलग दरें तय की गई है।
78 एकड़ भूमि पर रक्षा और नागरिक उड्डयन विभाग में बातचीत जारी
प्रस्तावित हवाई अड्डे की भूमि में रक्षा विभाग ने पेंच फंसाते हुए 78 एकड़ भूमि पर दावा प्रस्तुत कर प्रतिफल की मांग कर दी थी। जबकि नागरिक उड्डयन विभाग ने दावा की गई भूमि को 1985 के राज्यपाल आदेश से अपना हक जताया था। इस कारण दोनों ही विभाग आमने-सामने आ गए थे और अपने-अपने तर्क व कागजात प्रस्तुत किए थे। चूंकि यह मामला शासन स्तर का होने के चलते बातचीत जारी है। जल्द ही इसके निपटारे की उम्मीद की जा रही है।

हवाई अड्डे के लिए भू अधिग्रहण किया जाना है। इसलिए सहमति के आधार पर अभी जो निर्धारित दरें है उस पर मुआवजा लेकर भू स्वामी जमीन का अधिग्रहण करवाएं। जिन्हें आपत्ति है, वह आपत्ति के साथ मुआवजा ले लें। उनकी आपत्तियों पर सुनवाई के बाद निस्तारण कर दिया जाएगा।
- गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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