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Jhansi News: झांसी में आठ फीसदी स्कूली बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर
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झांसी। लगातार मोबाइल और कंप्यूटर पर आंखें गड़ाकर देखने से बच्चों की नजर कमजोर हो रही है। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के नेत्रों का परीक्षण किया तो आठ फीसदी बच्चों की आंखें कमजोर मिलीं। इन बच्चों को चश्मे बांटे गए।
घर पर घंटों मोबाइल और लैपटॉप पर बच्चों का समय बीतता है। खासकर कोरोना काल के बाद बच्चे घर से बाहर मैदान में खेलने की बजाए दिनभर हाथ में मोबाइल फोन लिए बैठे रहते हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार पास से मोबाइल, कंप्यूटर देखने से आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो धीरे-धीरे आंखों की रोशनी मंद होती जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2022-23 में स्कूलों में पढ़ने वाले पांच से 14 साल तक के 22622 छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रविशंकर ने बताया कि जांच के दौरान 1636 छात्र-छात्राओं की आंखों की रोशनी कमजोर मिली है। इन बच्चों को विभाग की तरफ से चश्मे बांटे गए। उन्होंने बताया कि कोरोना की वजह से वर्ष 2021-22 में स्कूलों में छात्रों की जांच नहीं हो पाई थी।
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परिजन इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चों को दिनभर में डेढ़-दो घंटे से ज्यादा मोबाइल न दें
- मोबाइल फोन, लैपटॉप देखते समय उचित दूरी बनाएं
- बीच-बीच में आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें
- समय-समय पर आंखों की भी जांच कराते रहें
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घर पर घंटों मोबाइल और लैपटॉप पर बच्चों का समय बीतता है। खासकर कोरोना काल के बाद बच्चे घर से बाहर मैदान में खेलने की बजाए दिनभर हाथ में मोबाइल फोन लिए बैठे रहते हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार पास से मोबाइल, कंप्यूटर देखने से आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो धीरे-धीरे आंखों की रोशनी मंद होती जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2022-23 में स्कूलों में पढ़ने वाले पांच से 14 साल तक के 22622 छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रविशंकर ने बताया कि जांच के दौरान 1636 छात्र-छात्राओं की आंखों की रोशनी कमजोर मिली है। इन बच्चों को विभाग की तरफ से चश्मे बांटे गए। उन्होंने बताया कि कोरोना की वजह से वर्ष 2021-22 में स्कूलों में छात्रों की जांच नहीं हो पाई थी।
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परिजन इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चों को दिनभर में डेढ़-दो घंटे से ज्यादा मोबाइल न दें
- मोबाइल फोन, लैपटॉप देखते समय उचित दूरी बनाएं
- बीच-बीच में आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें
- समय-समय पर आंखों की भी जांच कराते रहें