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ई-वे बिल की बारीकियों से रूबरू हुए व्यापारी व अधिवक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jan 2018 01:29 AM IST
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e ve bil metting, lalitpue news
- फोटो : amar ujala
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पचास हजार रुपये से अधिक के माल परिवहन करने पर अब माल के बाधा रहित परिवहन के लिए एकल ई-वे बिल प्रक्रिया (दूसरे राज्य से माल मंगाने की व्यवस्था) एक फरवरी से शुरू हो रही है। उक्त प्रक्रिया को अपनाने से पूर्व अधिकारियों द्वारा सोमवार को व्यापारियों व अधिवक्ताओं को बारीकियों के बारे में एक बैठक आयोजित कर बताया गया।
व्यापारियों और अधिवक्ताओं को केंद्रीय ई-वे बिल प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने के लिए वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर प्रवीण श्रोतीय और हरीकेश सिंह को नामित किया गया है। रविवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में वाणिज्यकर अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और व्यापारियों को केंद्रीय ई-वे बिल प्रक्रिया अपनाने और डाउनलोड करने और इसके लाभ के बारे में अवगत कराया। हालांकि व्यापारियों ने इस केंद्रीय ई-वे बिल प्रक्रिया लागू होने के दौरान विभिन्न उलझनों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकांश व्यापारियों ने पचास हजार से अधिक का माल परिवहन करने के दौरान दस किलोमीटर से अधिक दूरी होने पर नया ई-वे बिल जेनरेट करने की अनिवार्यता पर सवाल उठाए।
व्यापारियों ने हर दस किलोमीटर पर नया ई-वे बिल बनाने और नेट वर्क में आने वाली समस्या के दौरान नया ई-वे बिल बनाने में आने वाली परेशानियों से भी अवगत कराया और उस स्थिति में समाधान सुझाने की बात कही। अधिवक्ताओं ने भी ई-वे बिल में कई प्रकार की समस्याओं को रखा और अधिकारियों को अपने सुझाव रखे और प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियां समझीं। बता दें कि पचास हजार रुपये से अधिक माल परिवहन पर एक फरवरी से केंद्रीय ई-वे बिल शुरू होने जा रहा है।
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इसके लिए अधिकारियों द्वारा 31 जनवरी तक सभी व्यापारियों व अधिवक्ताओं को प्रशिक्षित किया जाना है। पूर्व में यह ई-वे बिल एक अक्टूबर 2017 से लागू किया जाना था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर अब एक फरवरी 2018 से लागू किया जाना है। इसकी तैयारियों में वाणिज्यकर विभाग जुटा हुआ है। केंद्रीय ई-वे बिल डॉट निक डॉट निक डॉट इन साइट पर उपलब्ध हो सकेगा। व्यापारी इस साइट से ई-वे बिल डाउनलोड कर सकते हैं। यह ई-वे बिल लागू होने के बाद एक गत वर्ष 15 अगस्त 2017 से लागू से लागू किया गया राज्य ई-वे बिल समाप्त हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय ई-वे बिल लागू हो जाने से कर चोरी करने वाले माल के परिवहन पर रोक लग सकेगी। कर चोरी करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। बैठक में असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग दिनेश पाल, वाणिज्यकर अधिकारी जेके सिंह, अधिवक्ता अनिल सराफ, राजकुमार जैन, सुरेश बाबू जैन, अजय अलया, राजीव अग्रवाल, नितिन श्रीवास्तव, शैलेंद्र जैन, अखिलेश शर्मा के अलावा गल्ला व्यापार मंडल संघ के अध्यक्ष अशोक जैन अनौरा, प्रदीप सतरवांस, सुरेश बड़ेरा आदि उपस्थित रहे।
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व्यापारियों और अधिवक्ताओं को केंद्रीय ई-वे बिल प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने के लिए वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर प्रवीण श्रोतीय और हरीकेश सिंह को नामित किया गया है। रविवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में वाणिज्यकर अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और व्यापारियों को केंद्रीय ई-वे बिल प्रक्रिया अपनाने और डाउनलोड करने और इसके लाभ के बारे में अवगत कराया। हालांकि व्यापारियों ने इस केंद्रीय ई-वे बिल प्रक्रिया लागू होने के दौरान विभिन्न उलझनों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकांश व्यापारियों ने पचास हजार से अधिक का माल परिवहन करने के दौरान दस किलोमीटर से अधिक दूरी होने पर नया ई-वे बिल जेनरेट करने की अनिवार्यता पर सवाल उठाए।
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व्यापारियों ने हर दस किलोमीटर पर नया ई-वे बिल बनाने और नेट वर्क में आने वाली समस्या के दौरान नया ई-वे बिल बनाने में आने वाली परेशानियों से भी अवगत कराया और उस स्थिति में समाधान सुझाने की बात कही। अधिवक्ताओं ने भी ई-वे बिल में कई प्रकार की समस्याओं को रखा और अधिकारियों को अपने सुझाव रखे और प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियां समझीं। बता दें कि पचास हजार रुपये से अधिक माल परिवहन पर एक फरवरी से केंद्रीय ई-वे बिल शुरू होने जा रहा है।
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इसके लिए अधिकारियों द्वारा 31 जनवरी तक सभी व्यापारियों व अधिवक्ताओं को प्रशिक्षित किया जाना है। पूर्व में यह ई-वे बिल एक अक्टूबर 2017 से लागू किया जाना था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर अब एक फरवरी 2018 से लागू किया जाना है। इसकी तैयारियों में वाणिज्यकर विभाग जुटा हुआ है। केंद्रीय ई-वे बिल डॉट निक डॉट निक डॉट इन साइट पर उपलब्ध हो सकेगा। व्यापारी इस साइट से ई-वे बिल डाउनलोड कर सकते हैं। यह ई-वे बिल लागू होने के बाद एक गत वर्ष 15 अगस्त 2017 से लागू से लागू किया गया राज्य ई-वे बिल समाप्त हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय ई-वे बिल लागू हो जाने से कर चोरी करने वाले माल के परिवहन पर रोक लग सकेगी। कर चोरी करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। बैठक में असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग दिनेश पाल, वाणिज्यकर अधिकारी जेके सिंह, अधिवक्ता अनिल सराफ, राजकुमार जैन, सुरेश बाबू जैन, अजय अलया, राजीव अग्रवाल, नितिन श्रीवास्तव, शैलेंद्र जैन, अखिलेश शर्मा के अलावा गल्ला व्यापार मंडल संघ के अध्यक्ष अशोक जैन अनौरा, प्रदीप सतरवांस, सुरेश बड़ेरा आदि उपस्थित रहे।