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परिषदीय स्कूलों में पेयजल संकट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Apr 2017 01:21 AM IST
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water crisis, lalitpur news
- फोटो : demo
ललितपुर। गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही परिषदीय विद्यालयों में पेयजल संकट गहराने लगा है। कई स्कूलों में बच्चों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो रहा है। इन हालातों को देख मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने विद्यालयों में लगाए गए आरओ व सोलर सिस्टम की सूची तलब की है।
जिले में 1049 प्राथमिक एवं 492 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें पेयजल की उपलब्धता के लिए हैंडपंप, आरओ सिस्टम व सोलर सिस्टम लगाए गए हैँ। लेकिन गर्मी आते ही भूगर्भ जल स्तर नीचे की ओर सरकने लगा है। इससे कई हैंडपंपों में पानी की जगह हवा निकलने लगी है। विभागीय अफसरों ने इन हालातों से निपटने की तैयारी आरंभ कर दी है। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक नजरुद्दीन अंसारी ने बीएसए को लिखे पत्र में कहा कि जिन विद्यालयों में आरओ सिस्टम, सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, उनकी विकासखंडवार, विद्यालयवार सूची उपलब्ध कराई जाए। इसकी एक सूची डीएम को भी भेजी जाए। सूत्र बताते हैं कि कई परिषदीय स्कूलों में आरओ एवं सोलर सिस्टम की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं सोलर सिस्टम की प्लेटें गायब हो गई हैं तो किसी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। इसके अलावा कई स्कूलों में आरओ सिस्टम का नामोनिशान नहीं है।
चर्चा में रही जलमणि योजना
जलमणि योजना के तहत स्कूलों में आरओ सिस्टम लगाए जाने थे। उस दौरान नामित कार्यदायी संस्था चंद विद्यालयों में आरओ सिस्टम लगाकर भुगतान लेकर फुर्र हो गई थी। इसके बाद से योजना के कई आरओ सिस्टम जल निगम कार्यालय में धूल फांक रहे हैं। अब नए सिरे से मांगी जा रही सूचना से जलमणि योजना फिर सुर्खियों में आ गई है।
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विद्यालयों में पेयजल समस्या के चिन्हीकरण के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जिन विद्यालयों में पेयजल की समस्या उभर कर आएगी, उन विद्यालयों में जल निगम के माध्यम से टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।
संतोष कुमार राय, बीएसए
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जिले में 1049 प्राथमिक एवं 492 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें पेयजल की उपलब्धता के लिए हैंडपंप, आरओ सिस्टम व सोलर सिस्टम लगाए गए हैँ। लेकिन गर्मी आते ही भूगर्भ जल स्तर नीचे की ओर सरकने लगा है। इससे कई हैंडपंपों में पानी की जगह हवा निकलने लगी है। विभागीय अफसरों ने इन हालातों से निपटने की तैयारी आरंभ कर दी है। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक नजरुद्दीन अंसारी ने बीएसए को लिखे पत्र में कहा कि जिन विद्यालयों में आरओ सिस्टम, सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, उनकी विकासखंडवार, विद्यालयवार सूची उपलब्ध कराई जाए। इसकी एक सूची डीएम को भी भेजी जाए। सूत्र बताते हैं कि कई परिषदीय स्कूलों में आरओ एवं सोलर सिस्टम की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं सोलर सिस्टम की प्लेटें गायब हो गई हैं तो किसी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। इसके अलावा कई स्कूलों में आरओ सिस्टम का नामोनिशान नहीं है।
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चर्चा में रही जलमणि योजना
जलमणि योजना के तहत स्कूलों में आरओ सिस्टम लगाए जाने थे। उस दौरान नामित कार्यदायी संस्था चंद विद्यालयों में आरओ सिस्टम लगाकर भुगतान लेकर फुर्र हो गई थी। इसके बाद से योजना के कई आरओ सिस्टम जल निगम कार्यालय में धूल फांक रहे हैं। अब नए सिरे से मांगी जा रही सूचना से जलमणि योजना फिर सुर्खियों में आ गई है।
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विद्यालयों में पेयजल समस्या के चिन्हीकरण के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जिन विद्यालयों में पेयजल की समस्या उभर कर आएगी, उन विद्यालयों में जल निगम के माध्यम से टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।
संतोष कुमार राय, बीएसए