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Lalitpur News: यूनीफार्म के पैसे से पी रहे शराब
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शराब की दुकान से गांव का माहौल बिगड़ने का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने गांव से कलारी हटाने की मांग की। जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र भी दिया।
तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पटऊआ निवासी की महिलाएं गांव से कलारी हटाओ, गांव बचाओ की तख्ती लेकर कलक्ट्रेट पहुंचीं। महिलाओं ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि उनके गांव में ज्यादातर परिवार के लोग शराब पीकर लड़ाई-झगड़ा करते हैं। महिलाओं से मारपीट करते हैं, खाने के लिए अनाज नहीं छोड़ते। उनके घरों में भोजन के लाले पड़े हैं।
महिलाओं ने बताया कि जहां शराब का ठेका है, वहीं पर विद्यालय व मंदिर का रास्ता पड़ता है। बच्चों को विद्यालय जाने में दिक्कत होती है। श्रद्धालु परेशान होते हैं। बच्चों के ड्रेस के लिए विद्यालय से जो रुपये मिलते हैं, उसका शराब पी जाते हैं। सरकारी राशन मिलता है तो उसे छीनकर शराब पी लेते हैं। मना करने पर लात घूंसों से मारपीट करते हैं। गाली-गलौज करते हैं। गांव से कलारी हटाने के लिए 3, 14, 16 व 20 दिसंबर 2024 को प्रार्थना पत्र दिए थे। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ठेका बंद करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने ठेका बंद न होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही।
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ज्ञापन पर पुक्खन सिंह, शिशुपाल सिंह, मकुन सिंह, रूपा, इमरती, माया देवी, रतन बाई, सेवकुंवर, सुखवती, पुष्पा के हस्ताक्षर थे।
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ललितपुर। शराब की दुकान से गांव का माहौल बिगड़ने का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने गांव से कलारी हटाने की मांग की। जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र भी दिया।
तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पटऊआ निवासी की महिलाएं गांव से कलारी हटाओ, गांव बचाओ की तख्ती लेकर कलक्ट्रेट पहुंचीं। महिलाओं ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि उनके गांव में ज्यादातर परिवार के लोग शराब पीकर लड़ाई-झगड़ा करते हैं। महिलाओं से मारपीट करते हैं, खाने के लिए अनाज नहीं छोड़ते। उनके घरों में भोजन के लाले पड़े हैं।
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महिलाओं ने बताया कि जहां शराब का ठेका है, वहीं पर विद्यालय व मंदिर का रास्ता पड़ता है। बच्चों को विद्यालय जाने में दिक्कत होती है। श्रद्धालु परेशान होते हैं। बच्चों के ड्रेस के लिए विद्यालय से जो रुपये मिलते हैं, उसका शराब पी जाते हैं। सरकारी राशन मिलता है तो उसे छीनकर शराब पी लेते हैं। मना करने पर लात घूंसों से मारपीट करते हैं। गाली-गलौज करते हैं। गांव से कलारी हटाने के लिए 3, 14, 16 व 20 दिसंबर 2024 को प्रार्थना पत्र दिए थे। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ठेका बंद करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने ठेका बंद न होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही।
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ज्ञापन पर पुक्खन सिंह, शिशुपाल सिंह, मकुन सिंह, रूपा, इमरती, माया देवी, रतन बाई, सेवकुंवर, सुखवती, पुष्पा के हस्ताक्षर थे।