ललितपुर। बृहस्पतिवार को पहलवान गुरूदीन ग्रुप ऑफ कालेज के सभागार में पूर्व राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद की जयंती व अधिवक्ता दिवस पर आयोजित गोष्ठी में पूर्व राष्ट्रपति के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने उन्हें सरल व्यक्तित्व का धनी बताया।
गोष्ठी का शुभारंभ संस्थापक डा. पारसनाथ यादव व महिला कालेज की प्राचार्य डा. सूफिया ने मां सरस्वती व डा. राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। संस्थापक ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद को 1962 में भारत रत्न की उपाधि से विभूषित किया गया। प्रबंध निदेशक डा. सौरव यादव ने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माण में भी डा. राजेंद्र प्रसाद का महत्वपूर्ण योगदान दिया। डा. महेश कुमार झा ने कहा कि डा. राजेंद्र प्रसाद सरल व्यक्तित्व के धनी और एक विद्वान अधिवक्ता थे। गौरव यादव ने कहा इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें डाक्टर ऑफ लॉ की उपाधि प्रदान की गई थी। शाश्वत यादव ने कहा कि एक समाज सुधारक के साथ विधि के ज्ञानी और संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष थे। प्राचार्य डा. मुकेश यादव ने कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष विधि के ज्ञानी डा. राजेंद्र प्रसाद का योगदान भारत के निर्माण में बहुत सराहनीय है। इस दौरान प्रो. शुभी जैन, प्रो. रमाकांत सिंह, प्रो. रामलाल रायकवार, प्रो. आकाश वाल्मीकि, प्रो. गंगाराम विश्वकर्मा, डा. वंदना याज्ञिक, डा. अलका यादव, डा. विनोद कुमार रजक, प्रकाश खरे, रक्षपाल सिंह यादव, राघवेंद्र सिंह यादव, शोभाराम, गोपाल यादव, बालकिशन, जगत झा, आशीष कुमार झा, विंद्रावन यादव, राकेश वर्मा आदि मौजूद रहे।

पहलवान गुरूदीन ग्रुप ऑफ कालेज सभागार में पूर्व राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद की जयंती व अधिवक्?- फोटो : LALITPUR