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Lalitpur News: आयुष भवन में अब तक नहीं हो सकी चिकित्सकों की नियुक्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला अस्पताल में मरीजों को एलोपैथी के साथ ही होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति से उपचार के लिए आयुष भवन स्थापित किया गया था, लेकिन भवन निर्माण के डेढ़ दशक बीतने के बाद भी अब तक चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वर्तमान में केवल आयुर्वेदिक चिकित्सक ही तैनात हैं।
एक ही छत के नीचे होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी विधा से स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से आयुष भवन बनाया गया था। लगभग डेढ़ दशक बीतने के बाद भी यहां अब तक तीन विधाओं के चिकित्सकों में केवल एक ही विधा के चिकित्सक हैं। होम्योपैथी व यूनानी विधा के चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि अब तक होम्योपैथिक व यूनानी विधा के चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है।
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आयुर्वेदिक चिकित्सालय में नहीं हैं दवाइयां
आयुष भवन में आयुर्वेदिक चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन दो वर्ष से दवाइयों की कमी है। यहां आयुर्वेद पद्धति से इलाज की सुविधा मिल रही है। कई मरीज बाहर से दवाइयां खरीद रहे हैं तो निर्धन तबके के लोग बिना दवाओं के वापस हो रहे हैं।
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स्टोर बनकर रह गया आयुष भवन का कक्ष
आयुष भवन का एक कक्ष लंबे समय से खाली पड़ा हुआ था, इसमें पहले होम्योपैथिक दवाइयां रखी जाती थीं। चार वर्ष पूर्व आग लग गई थी। दवाइयां भी जलकर राख हो गई थीं। इसके बाद कक्ष साफ हुआ तो अब इसमें जिला अस्पताल के नए बेड रखे गए हैं। इससे कमरा स्टोर बनकर रह गया है।
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आयुष भवन में चिकित्सकों की नियुक्ति शासन स्तर से होनी है। नियुक्त होने के बाद मरीजों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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ललितपुर। जिला अस्पताल में मरीजों को एलोपैथी के साथ ही होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति से उपचार के लिए आयुष भवन स्थापित किया गया था, लेकिन भवन निर्माण के डेढ़ दशक बीतने के बाद भी अब तक चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वर्तमान में केवल आयुर्वेदिक चिकित्सक ही तैनात हैं।
एक ही छत के नीचे होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी विधा से स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से आयुष भवन बनाया गया था। लगभग डेढ़ दशक बीतने के बाद भी यहां अब तक तीन विधाओं के चिकित्सकों में केवल एक ही विधा के चिकित्सक हैं। होम्योपैथी व यूनानी विधा के चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि अब तक होम्योपैथिक व यूनानी विधा के चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है।
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आयुर्वेदिक चिकित्सालय में नहीं हैं दवाइयां
आयुष भवन में आयुर्वेदिक चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन दो वर्ष से दवाइयों की कमी है। यहां आयुर्वेद पद्धति से इलाज की सुविधा मिल रही है। कई मरीज बाहर से दवाइयां खरीद रहे हैं तो निर्धन तबके के लोग बिना दवाओं के वापस हो रहे हैं।
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स्टोर बनकर रह गया आयुष भवन का कक्ष
आयुष भवन का एक कक्ष लंबे समय से खाली पड़ा हुआ था, इसमें पहले होम्योपैथिक दवाइयां रखी जाती थीं। चार वर्ष पूर्व आग लग गई थी। दवाइयां भी जलकर राख हो गई थीं। इसके बाद कक्ष साफ हुआ तो अब इसमें जिला अस्पताल के नए बेड रखे गए हैं। इससे कमरा स्टोर बनकर रह गया है।
आयुष भवन में चिकित्सकों की नियुक्ति शासन स्तर से होनी है। नियुक्त होने के बाद मरीजों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी