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दो इकाइयां बंद, एक चालू

Sat, 04 Aug 2018 01:31 AM IST
amarujala
amarujala Updated Sat, 04 Aug 2018 01:31 AM IST
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do ikaiya band, ek chalu
power plant, lalitpur news - फोटो : demo
ग्रामीणों द्वारा पावर प्लांट से निकली राख के निस्तारण का उचित प्रबंध न होने की शिकायत पर शुक्रवार को जांच करने पहुंचे अपर जिलाधिकारी (एडीएम) योगेंद्र सिंह को दो इकाइयां बंद मिली। मौके पर सिर्फ एक ही इकाई से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। एडीएम ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। प्रशासन अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी, महरौनी तहसीलदार गुलाब सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वीके मिश्र, सहायक महाप्रबंधक उद्योग प्रतिनिधि वीपी सिंह और पर्यावरण प्रदूषण की टीम ने प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। वहां मिली कमियों की रिपोर्ट एडीएम ने जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया कि प्लांट में तीन इकाइयां स्थापित हैं, लेकिन सिर्फ एक इकाई ही कार्य कर रही है। प्लांट में प्रयोग हो रहे पानी के लिए शुद्ध करने के लिए संयंत्र चालू हालत में मिला। यहां पर शुद्घ करने से पहले और बाद के पानी का नमूना लेकर प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए ईएसपी स्थापित मिला। प्लांट में जल की आपूर्ति के लिए चार लाख घनमीटर क्षमता का वाटर रिजर्वायर स्थापित मिला। जिससे एकत्रित हो रहे पानी का रिसाव उटारी नदी के कच्चे नाले के माध्यम से किया जाता है। इससे पानी कच्चे नाले में एकत्रित होने से आसपास के खेतों की फसल प्रभावित हो रही है।
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इसके लिए प्लांट किसानों को क्षति का मुआवजा प्रदान करता है। इससे पहले तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार प्लांट का कचरा और गंदा पानी उटारी नदी में डाला जा रहा है। इससे पानी प्रदूषित हो रहा है और नदी एवं नाले में डस्ट जमा हो रही है। इसके साथ ही खेतों में डाली जा रही राख को उचित ढंग से ढका नहीं गया है। जिससे कम वर्षा में ही डस्ट बहकर खेतों में जमा हो रही है। प्लांट से राख लेकर निकलने वाले वाहनों को ढंककर नहीं ले जाया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में लोगों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। कंपनी के रिजर्वायर से पानी का रिसाव होने से आसपास के किसानों की जमीन में लगातार पानी भरा रहता है। इस कारण आने वाले समय में जमीन कृषि योग्य नही रह जायेगी तथा खेतो में डस्ट जमा रहने से मिटटी का स्वास्थ्य एवं उसकी उत्पादकता भी प्रभावित हो जायेगी। आसपास के किसानों ने बताया कि वाहनो के आवागमन से राख उड़ने से परेशानी हो रही है, साथ ही खेतों की कृषि भूमि को हानि हो रही है। एडीएम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। साथ ही प्रशासन प्लांट पर कार्रवाई करने या क्लीन चिट देने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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