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डीएम ने सुपरवाइजर का वेतन वृद्धि रोका
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2015 01:02 AM IST
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ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम महेशपुरा और ककरुआ का निरीक्षण किया। यहां दोनों आंगनबाड़ी केंद्र खुले मिले, लेकिन बच्चा एक भी उपस्थित नहीं मिला। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की वेतन वृद्धि रोकने तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को दोषी आंगनबाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय ने पिछले दिनों जखौरा ब्लाक के ग्राम महेशपुरा का भ्रमण किया था। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री अवध कुंवर उपस्थित मिलीं। यहां की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी। केंद्र पर पचपन बच्चे पंजीकृत पाए गए, लेकिन मौके पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र ककरुआ का निरीक्षण किया। यहां भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। यहां पर पचास बच्चे पंजीकृत पाए गए, लेकिन मौके पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला। कार्यकत्री मिथलेश ने बताया कि तीस बच्चे आए थे, अभी कुछ देर पहले चले गए हैं।
केंद्र में उन्होंने पाया कि किचन कक्ष में ही पोषाहार रखा है, तथा वहीं पर बच्चों के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन वहां पर बमुश्किल से दस बच्चे बैठ सकते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाएं और किशोरी कहां बैठती होंगी। लेकिन, आंगनबाड़ी के पास इसका कोई जवाब नहीं था। सीडीओ ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने आंगनबाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए। साथ ही सुपरवाइजर की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
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मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय ने पिछले दिनों जखौरा ब्लाक के ग्राम महेशपुरा का भ्रमण किया था। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री अवध कुंवर उपस्थित मिलीं। यहां की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी। केंद्र पर पचपन बच्चे पंजीकृत पाए गए, लेकिन मौके पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र ककरुआ का निरीक्षण किया। यहां भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। यहां पर पचास बच्चे पंजीकृत पाए गए, लेकिन मौके पर एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला। कार्यकत्री मिथलेश ने बताया कि तीस बच्चे आए थे, अभी कुछ देर पहले चले गए हैं।
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केंद्र में उन्होंने पाया कि किचन कक्ष में ही पोषाहार रखा है, तथा वहीं पर बच्चों के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन वहां पर बमुश्किल से दस बच्चे बैठ सकते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाएं और किशोरी कहां बैठती होंगी। लेकिन, आंगनबाड़ी के पास इसका कोई जवाब नहीं था। सीडीओ ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने आंगनबाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए। साथ ही सुपरवाइजर की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
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