{"_id":"6184189ecbe6c96c6b55b32b","slug":"diwali-celebration-burst-firecrackers-at-night-lalitpur-news-jhs2081284162","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर सतरंगी रोशनी से जगमगाया शहर, देर रात तक चलाए पटाखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली पर सतरंगी रोशनी से जगमगाया शहर, देर रात तक चलाए पटाखे
विज्ञापन
दीपावली पर ललितपुर कोतवाली जगमगाती हुई
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली पर सतरंगी रोशनी से जगमगाया शहर, देर रात तक चलाए पटाखे
ललितपुर। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण व हनुमान के साथ चौदह वर्ष का वनवास के बाद अयोध्या वापसी की खुशी में दीपोत्सव का पर्व धूमधाम व हषोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। बृहस्पतिवार को शहर का हर घर, आंगन, प्रतिष्ठान, विद्या के मंदिर के अलावा थाने, चौकी और कोतवाली भी सतरंगी झालरों, बल्ब और रंग बिरंगे कागजों व रंगोलियों से दुल्हन की तरह सजाए गए। श्रीलक्ष्मी जी, गणेश के साथ भगवान ठाकुर का भव्य पूूजन अभिषेक कर विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया गया। देर रात में पूरे शहर में पटाखों की आवाज से आसमान भी सतरंगी रोशनी से जगमगा उठा।
दीपोत्सव पर्व की तैयारियां दशहरा पर्व के बाद से ही हर घर में शुरू हो गई थी। बृहस्पतिवार को दीपावली पर्व के लिए सुबह से ही लोगों ने मां लक्ष्मी जी, श्रीगणेश जी के पूजन के लिए बाजारों में जाकर पूजन सामग्री खरीदी। मां लक्ष्मी स्वरूपिणी पांच, सात एवं सोलह दीपक युक्त ग्वालिन एवं श्रीणेश प्रतिमा को बाजार से लाकर घरों में स्थापित किया गया। पूजन के लिए कमल के फूल की भी खूब खरीदारी की गई। देर शाम को विधि विधान से पूजन अर्चन शुरू किया गया और श्रीलक्ष्मी पूजन के दौरान लक्ष्मी, गणेश बने चांदी के सिक्के, नए बर्तन, पीतल और तांबे के पात्रों के साथ ही नोटों की गड्डी भी साथ में रखकर पूजा की गई। ग्वालिन की प्रतिमा पर बने दीपकों को उजियारा गया और बेसन का लेपन से पूजन की शुरुआत की गई। पूजन के स्थान पर दीवारों पर आकर्षक भगवान की सुराती सजाई गई। घरों के दरवाजे पर आकर्षक लाइटिंग युक्त रंगबिरंगी झालर सजाने के साथ ही द्वार पर रंगीन बंदनवार लगाई गई। पूजन के दौरान मिट्टी के पात्र चकिया, डबरियों को खील, बतासों से भरा गया।
इसके बाद दीपक प्रज्ज्वलित करते हुए माता लक्ष्मी एवं गणेश का पूजन कर आरती की गई। इसके बाद घर के सभी सदस्यों को तिलक लगाकर भगवान को सिर झुकाकर भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद लोगों ने खासतौर पर बच्चों ने खूब पटाखे फोड़े, रंग बिरंगी फुलझड़ियां जलाई। आसमान में रॉकेट व सतरंगी पटाखों की रोशनी से पूरा शहर जगमगा उठा। वहीं बृहस्पतिवार को दीपावली पर्व के दिन सुबह से बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। त्योहार पर भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शहर के तुवन चौराहा, पानी की टंकी, सावरकर चौक से मुख्य बाजार आने वाले वाहनों को रोक दिया और बड़े वाहनों को घंटाघर मार्ग पर प्रवेश से रोककर रूट बदला गया। घंटाघर से सावरकर चौक और सरदार पटेल प्रतिमा स्थल पर पूजन सामग्री की दुकानों की लंबी कतारें लगी रहीं। यहां फूल, माला, मिट्टी के दीये, ग्वालिन, गणेश की प्रतिमाओं, चूड़ा, लाई, खील, बतासा, घर के सजावट के सामान, झालर आदि की दुकानें सजी रहीं, जहां देर शाम तक लोग खरीदारी करते रहे।
विज्ञापन
पटाखों की दुकानों पर हुई जमकर खरीदारी
दीपोत्सव पर्व पर इस बार पटाखों की दुकानें तुवन मंदिर ग्राउंड की जगह पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने स्थित फूटा बंगला स्थित मैदान में लगाई गई। यहां प्रशासन की अनुमति से पचास दुकानें ही लग सकीं। सीमित दुकानें होने के चलते यहां पटाखों की जमकर खरीदारी की गई। पटाखों में फुलझड़ियों, रॉकेट, कई आवाजों वाली आतिशबाजी वाले पटाखे, तेज आवाज के पटाखों के साथ ही ईको फ्रेंडली पटाखों को लोगों ने अधिक पसंद किया।
विज्ञापन
ललितपुर। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण व हनुमान के साथ चौदह वर्ष का वनवास के बाद अयोध्या वापसी की खुशी में दीपोत्सव का पर्व धूमधाम व हषोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। बृहस्पतिवार को शहर का हर घर, आंगन, प्रतिष्ठान, विद्या के मंदिर के अलावा थाने, चौकी और कोतवाली भी सतरंगी झालरों, बल्ब और रंग बिरंगे कागजों व रंगोलियों से दुल्हन की तरह सजाए गए। श्रीलक्ष्मी जी, गणेश के साथ भगवान ठाकुर का भव्य पूूजन अभिषेक कर विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया गया। देर रात में पूरे शहर में पटाखों की आवाज से आसमान भी सतरंगी रोशनी से जगमगा उठा।
दीपोत्सव पर्व की तैयारियां दशहरा पर्व के बाद से ही हर घर में शुरू हो गई थी। बृहस्पतिवार को दीपावली पर्व के लिए सुबह से ही लोगों ने मां लक्ष्मी जी, श्रीगणेश जी के पूजन के लिए बाजारों में जाकर पूजन सामग्री खरीदी। मां लक्ष्मी स्वरूपिणी पांच, सात एवं सोलह दीपक युक्त ग्वालिन एवं श्रीणेश प्रतिमा को बाजार से लाकर घरों में स्थापित किया गया। पूजन के लिए कमल के फूल की भी खूब खरीदारी की गई। देर शाम को विधि विधान से पूजन अर्चन शुरू किया गया और श्रीलक्ष्मी पूजन के दौरान लक्ष्मी, गणेश बने चांदी के सिक्के, नए बर्तन, पीतल और तांबे के पात्रों के साथ ही नोटों की गड्डी भी साथ में रखकर पूजा की गई। ग्वालिन की प्रतिमा पर बने दीपकों को उजियारा गया और बेसन का लेपन से पूजन की शुरुआत की गई। पूजन के स्थान पर दीवारों पर आकर्षक भगवान की सुराती सजाई गई। घरों के दरवाजे पर आकर्षक लाइटिंग युक्त रंगबिरंगी झालर सजाने के साथ ही द्वार पर रंगीन बंदनवार लगाई गई। पूजन के दौरान मिट्टी के पात्र चकिया, डबरियों को खील, बतासों से भरा गया।
विज्ञापन
इसके बाद दीपक प्रज्ज्वलित करते हुए माता लक्ष्मी एवं गणेश का पूजन कर आरती की गई। इसके बाद घर के सभी सदस्यों को तिलक लगाकर भगवान को सिर झुकाकर भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद लोगों ने खासतौर पर बच्चों ने खूब पटाखे फोड़े, रंग बिरंगी फुलझड़ियां जलाई। आसमान में रॉकेट व सतरंगी पटाखों की रोशनी से पूरा शहर जगमगा उठा। वहीं बृहस्पतिवार को दीपावली पर्व के दिन सुबह से बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। त्योहार पर भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शहर के तुवन चौराहा, पानी की टंकी, सावरकर चौक से मुख्य बाजार आने वाले वाहनों को रोक दिया और बड़े वाहनों को घंटाघर मार्ग पर प्रवेश से रोककर रूट बदला गया। घंटाघर से सावरकर चौक और सरदार पटेल प्रतिमा स्थल पर पूजन सामग्री की दुकानों की लंबी कतारें लगी रहीं। यहां फूल, माला, मिट्टी के दीये, ग्वालिन, गणेश की प्रतिमाओं, चूड़ा, लाई, खील, बतासा, घर के सजावट के सामान, झालर आदि की दुकानें सजी रहीं, जहां देर शाम तक लोग खरीदारी करते रहे।
विज्ञापन
पटाखों की दुकानों पर हुई जमकर खरीदारी
दीपोत्सव पर्व पर इस बार पटाखों की दुकानें तुवन मंदिर ग्राउंड की जगह पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने स्थित फूटा बंगला स्थित मैदान में लगाई गई। यहां प्रशासन की अनुमति से पचास दुकानें ही लग सकीं। सीमित दुकानें होने के चलते यहां पटाखों की जमकर खरीदारी की गई। पटाखों में फुलझड़ियों, रॉकेट, कई आवाजों वाली आतिशबाजी वाले पटाखे, तेज आवाज के पटाखों के साथ ही ईको फ्रेंडली पटाखों को लोगों ने अधिक पसंद किया।