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जिलास्तरीय अफसरों की स्कूलों पर रहेगी नजर
ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2016 02:00 AM IST
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ललितपुर। परिषदीय शिक्षकों को बिना किसी सूचना के विद्यालय से गायब होना महंगा पड़ सकता है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न विभागों के 116 अफसरों ने दो- दो परिषदीय विद्यालय गोद ले लिए हैं। डीएम ने नामित अफसरों को विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत हर साल लाखों रुपये परिषदीय शिक्षा पर व्यय हो रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षा में गुणात्मक सुधार नहीं हो पा रहा है। तमाम स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहद न्यून बना हुआ है। इसकी वजह कई स्कूलों में शिक्षकों का अनियमित पहुंचना, लेटलतीफी होना या फिर स्कूल से घर के लिए समय से पहले लौट जाना शामिल है।
स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति भी एक कारण बना हुआ है। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने विभिन्न विभागों के अफसरों को दो- दो विद्यालय गोद लेने के निर्देश दिए हैं। यह अधिकारी विद्यालय के भौतिक परिवेश, मध्याह्न भोजन, पेयजल व्यवस्था, शौचालय बालक, बालिका, यूनिफार्म वितरण, शैक्षिक गुुणवत्ता, छात्र व अध्यापक की उपस्थिति का निरीक्षण करेंगे।
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इसके अनुपालन में बीएसए एसपी यादव ने नामित अफसरों को विद्यालय आवंटित कर दिए हैं। खास बात यह है कि नामित अफसरों को प्रत्येक पंद्रह दिवस में अपनी निरीक्षण आख्या देनी होगी। इसके पश्चात बीएसए निरीक्षण आख्या में पाई गई कमियों पर कार्रवाई करेंगे। जिसकी अनुपालन आख्या जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
यह हैं नामित अफसर
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अफसरों को पर्यवेक्षण के लिए लगाया गया है। इसमें एडीएम, एसडीएम, सीडीओ, डीएफओ, जिला नाबार्ड अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डायट प्राचार्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप निदेशक समाज कल्याण, सीएमओ, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, लघु सिंचाई के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत,
सहायक विकास अधिकारी दो जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, आरईएस के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, जिला युवा कल्याण अधिकारी आदि शामिल हैं।
इन विद्यालयों का हुआ आवंटन
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरान, बम्हौरीखड़ेत, डगराना, मथुराडांग, सूरीखुर्द, बछरावनी, बुरौ गांव, करमई, कुआगांव, बिल्ला पठलाखेरा, बिल्ला, ऊमरी, कैलगुवां, धवारी, रुकवाहा, खटौरा, गुढ़ा, बुदनी, क्योलारी, कुम्हैंड़ी, कुरौरा, सिलावन, कुआंघोषी, महरौनी नगर, मानिकपुर, मिदरवाहा, सिंदवाहा, मैगुवां, भौड़ी, भैरा, समोगर, पथराई, पड़वा, पठा, साढूमल, सौजना, सुकाड़ी, अगौड़ी, गौना, गुढ़ा, लहरैन, रनगांव, बम्हौरीकलां, डोंगराकलां, धवा, इकौना, बम्हौरीखुर्द,
बमराना, भीकमपुर, बारचौन, बछरई, गिदवाहा, लिधौरा, पहाड़ीकलां, पीड़ार, पटना, रखवारा, रमगढ़ा, सरखड़ी, सौरई, उल्दनाखुर्द, छपरौनी, तरावली, जलंधर, नीमखेड़ा, अर्जुनखिरिया, गदौरा, मदनपुर, ऐरावनी, धौर्रा, झरकौन, जीरोन, बारौद, बालाबेहट, कचनौदाकलां, खिरियाछतारा, खजुरिया, अनौरा, कल्यानपुरा, तालबेहट नगर, खैराडांग, बनगुवांकलां, चौबारा और बिजरौठा आदि सम्मिलित हैं।
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सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत हर साल लाखों रुपये परिषदीय शिक्षा पर व्यय हो रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षा में गुणात्मक सुधार नहीं हो पा रहा है। तमाम स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहद न्यून बना हुआ है। इसकी वजह कई स्कूलों में शिक्षकों का अनियमित पहुंचना, लेटलतीफी होना या फिर स्कूल से घर के लिए समय से पहले लौट जाना शामिल है।
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स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति भी एक कारण बना हुआ है। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने विभिन्न विभागों के अफसरों को दो- दो विद्यालय गोद लेने के निर्देश दिए हैं। यह अधिकारी विद्यालय के भौतिक परिवेश, मध्याह्न भोजन, पेयजल व्यवस्था, शौचालय बालक, बालिका, यूनिफार्म वितरण, शैक्षिक गुुणवत्ता, छात्र व अध्यापक की उपस्थिति का निरीक्षण करेंगे।
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इसके अनुपालन में बीएसए एसपी यादव ने नामित अफसरों को विद्यालय आवंटित कर दिए हैं। खास बात यह है कि नामित अफसरों को प्रत्येक पंद्रह दिवस में अपनी निरीक्षण आख्या देनी होगी। इसके पश्चात बीएसए निरीक्षण आख्या में पाई गई कमियों पर कार्रवाई करेंगे। जिसकी अनुपालन आख्या जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
यह हैं नामित अफसर
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अफसरों को पर्यवेक्षण के लिए लगाया गया है। इसमें एडीएम, एसडीएम, सीडीओ, डीएफओ, जिला नाबार्ड अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डायट प्राचार्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप निदेशक समाज कल्याण, सीएमओ, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, लघु सिंचाई के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत,
सहायक विकास अधिकारी दो जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, आरईएस के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, जिला युवा कल्याण अधिकारी आदि शामिल हैं।
इन विद्यालयों का हुआ आवंटन
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरान, बम्हौरीखड़ेत, डगराना, मथुराडांग, सूरीखुर्द, बछरावनी, बुरौ गांव, करमई, कुआगांव, बिल्ला पठलाखेरा, बिल्ला, ऊमरी, कैलगुवां, धवारी, रुकवाहा, खटौरा, गुढ़ा, बुदनी, क्योलारी, कुम्हैंड़ी, कुरौरा, सिलावन, कुआंघोषी, महरौनी नगर, मानिकपुर, मिदरवाहा, सिंदवाहा, मैगुवां, भौड़ी, भैरा, समोगर, पथराई, पड़वा, पठा, साढूमल, सौजना, सुकाड़ी, अगौड़ी, गौना, गुढ़ा, लहरैन, रनगांव, बम्हौरीकलां, डोंगराकलां, धवा, इकौना, बम्हौरीखुर्द,
बमराना, भीकमपुर, बारचौन, बछरई, गिदवाहा, लिधौरा, पहाड़ीकलां, पीड़ार, पटना, रखवारा, रमगढ़ा, सरखड़ी, सौरई, उल्दनाखुर्द, छपरौनी, तरावली, जलंधर, नीमखेड़ा, अर्जुनखिरिया, गदौरा, मदनपुर, ऐरावनी, धौर्रा, झरकौन, जीरोन, बारौद, बालाबेहट, कचनौदाकलां, खिरियाछतारा, खजुरिया, अनौरा, कल्यानपुरा, तालबेहट नगर, खैराडांग, बनगुवांकलां, चौबारा और बिजरौठा आदि सम्मिलित हैं।