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डायट में प्रशिक्षकों की कम
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2015 11:26 PM IST
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ललितपुर। जिले के बीआरसी व डायट में प्रशिक्षकों की कमी है, इसकी प्रमुख
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वजह विभिन्न विषयों के सह समन्वयकों के पद खाली होना है। इन हालातों में
सामान्य शिक्षकों को ट्रेनिंग में लगाकर कोरम पूरा किया जा रहा है।
ब्लाक पर अकादमिक हब बनाने के उद्देश्य से विषयवार सह समन्वयकों की तैनाती की गई है। इसके तहत प्रत्येक बीआरसी पर पांच विषयों के सह समन्वयक होना चाहिए, इसमें ब्लाक तालबेहट व बिरधा फिट बैठता है। अन्य ब्लाकों में विभिन्न विषयों के पद खाली हैं। ब्लाक बार में अंग्रेजी, जखौरा में अंग्रेजी, मड़ावरा में हिंदी, अंग्रेजी, नगर क्षेत्र में विज्ञान, गणित व अंग्रेजी के सह समन्वयकों के पद रिक्त हैं।
इस तरह जिले में स्वीकृत 35 के मुकाबले 27 सह समन्वयक तैनात हैं। गत माह से बीआरसी एवं डायट मेें प्रशिक्षु शिक्षकों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण शुरू हो गया है, इसमें सह समन्वयकों को प्रशिक्षक बनाया गया है। विभिन्न विषयों के सह समन्वयकों के कम होने से प्रशिक्षक की कमी पैदा हो गई है। इन हालातों से निपटने के लिए सामान्य शिक्षकों को प्रशिक्षक के रूप में लगाया जा रहा है, जिससे कि प्रशिक्षण को विधिवत तरीके से संचालित किया जा सके।
तैयार होनी है 90 पाठ्य योजना
प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रशिक्षण में 90 पाठ्य योजना तैयार होनी हैं, इनमें हिंदी की 16, अंग्रेजी की 8, संस्कृत, उर्दू की 8, गणित की 15, विज्ञान की 15, सामाजिक अध्ययन की 10, पर्यावरण अध्ययन की 4, कला, संगीत की 5, नैतिक शिक्षा की 4, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की 5 पाठ्ययोजना बनाई जाएगी। विडंबना यह है कि तमाम विषयों के विशेषज्ञ प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में कामचलाऊ व्यवस्था अपनाई जा रही है।
इनका कहना है
उन अध्यापकों को प्रशिक्षण में लगाया जा रहा है, जिनके पास प्रशिक्षण देने का पहले से अनुभव है।
विनोद कुमार मिश्रा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ललितपुर।
ब्लाक पर अकादमिक हब बनाने के उद्देश्य से विषयवार सह समन्वयकों की तैनाती की गई है। इसके तहत प्रत्येक बीआरसी पर पांच विषयों के सह समन्वयक होना चाहिए, इसमें ब्लाक तालबेहट व बिरधा फिट बैठता है। अन्य ब्लाकों में विभिन्न विषयों के पद खाली हैं। ब्लाक बार में अंग्रेजी, जखौरा में अंग्रेजी, मड़ावरा में हिंदी, अंग्रेजी, नगर क्षेत्र में विज्ञान, गणित व अंग्रेजी के सह समन्वयकों के पद रिक्त हैं।
इस तरह जिले में स्वीकृत 35 के मुकाबले 27 सह समन्वयक तैनात हैं। गत माह से बीआरसी एवं डायट मेें प्रशिक्षु शिक्षकों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण शुरू हो गया है, इसमें सह समन्वयकों को प्रशिक्षक बनाया गया है। विभिन्न विषयों के सह समन्वयकों के कम होने से प्रशिक्षक की कमी पैदा हो गई है। इन हालातों से निपटने के लिए सामान्य शिक्षकों को प्रशिक्षक के रूप में लगाया जा रहा है, जिससे कि प्रशिक्षण को विधिवत तरीके से संचालित किया जा सके।
तैयार होनी है 90 पाठ्य योजना
प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रशिक्षण में 90 पाठ्य योजना तैयार होनी हैं, इनमें हिंदी की 16, अंग्रेजी की 8, संस्कृत, उर्दू की 8, गणित की 15, विज्ञान की 15, सामाजिक अध्ययन की 10, पर्यावरण अध्ययन की 4, कला, संगीत की 5, नैतिक शिक्षा की 4, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की 5 पाठ्ययोजना बनाई जाएगी। विडंबना यह है कि तमाम विषयों के विशेषज्ञ प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में कामचलाऊ व्यवस्था अपनाई जा रही है।
इनका कहना है
उन अध्यापकों को प्रशिक्षण में लगाया जा रहा है, जिनके पास प्रशिक्षण देने का पहले से अनुभव है।
विनोद कुमार मिश्रा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ललितपुर।