{"_id":"61955d411d9b47392c2cc437","slug":"dap-crisis-stock-nil-farmer-frustrated-lalitpur-news-jhs209017171","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएपी का संकट बरकार, स्टॉक हुआ निल, दुकानों से मायूस लौटे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएपी का संकट बरकार, स्टॉक हुआ निल, दुकानों से मायूस लौटे किसान
विज्ञापन
निजी दुकान पर ट्रक से उतरता यूरिया
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। जिला प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी खाद का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को जिला मुख्यालय पर खाद का स्टॉक निल रहा। उम्मीद लगाकर खाद लेने आए किसान दुकानों पर न मिलने से मायूस होकर लौट गए। किसानों का कहना है कि ऐसी खाद की किल्लत कभी नहीं देखी। खेतों में पलेवा दो बार करने पर ही खाद नहीं मिल पा रहा है। किसानों को खाद की विकराल समस्या के बाद भी जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
जनपद में रबी की बुवाई का सीजन शुरू हुए लगभग एक माह से अधिक समय बीत गया है। शुरुआती दौर में मटर व चना, सरसों की बुवाई के समय भी खाद की किल्लत बनी रही। किसानों ने खाद को तमाम प्रयास किए, न मिलने पर सड़क जाम की, अधिकारियों ने नोकझोंक हुई। कई बार लाठीचार्ज जैसी नौबत तक आ गई, पर किसानों के लिए खाद का संकट कम नहीं हो सका। अधिकारियों ने बारिश होने से डीएपी की मांग एकदम बढ़ने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया और लगातार खाद की रैक मंगाकर खाद की कमी न होने देने का आश्वासन दिया।
किसानों को अधिकारियों के आश्वासन के बाद लगा कि अब खाद की समस्या का निदान हो गया है, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी खाद का संकट बरकरार है। खाद संकट से अधिकारियों के आश्वासनों की पोल खुल गई। साथ ही जिम्मेदारों का किसानों के हित में कार्य करने के दावे भी हवा हवाई साबित हुए।
विज्ञापन
बुधवार को शहर में सहकारी समिति से लेकर किसी भी निजी दुकान पर खाद का स्टॉक नहीं था। यहां पर दुकानों पर खाद के भरे ट्रक से उम्मीद लगाई कि डीएपी खाद है। इससे किसानों की दुकानों पर भारी मात्रा में भीड़ जुट गई। इसके बाद जानकारी हुई कि यह तो यूरिया खाद है, जिसके बाद किसान इधर उधर भटकते रहे, कहीं पर भी खाद न मिलने से शाम को मायूस होकर लौट गए। वहीं सिविल लाइन स्थित साधन सहकारी समिति पर आए किसानों को भी खाद नहीं मिली।
दोबारा पलेवा करने पर भी नहीं मिली खाद
दुकानों पर लाइनों में लगे किसानों ने बताया कि खाद मिलने की उम्मीद लेकर पलेवा कर चुके हैं। समय पर खाद न मिलने से बुवाई नहीं हो सकी। अब दोबारा पलेवा कर दिया, एक दो दिन में खाद न मिलने पर तीसरी बार पलेवा करना होगा। दूसरी बार पलेवा करने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को बुवाई की सुविधा के लिए खाद की व्यवस्था कराई जाए जिससे परिवार के पालन पोषण के संकट से बच सकें।
आज आएगी 3900 मीट्रिक टन खाद
जनपद में खाद की कमी को लेकर दो रैक मंगाई गई है। इसमें एक रैक में 27 सौ मीट्रिक टन खाद इफ्को की आ रही है, जो पाराद्वीप से आ रही है। इसके साथ ही एक 12 सौ मीट्रिक टन की रैक मुंबई से आ रही है। इसमें आईपीएल खाद मुंबई से आ रही है। दोनों रैक 18 को आ जाएंगी। 19 को वितरण कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे किसानों को सुविधा अनुसार डीएपी मुहैया हो सकेगा। इससे किल्लत भी खत्म हो जाएगी। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती ने दी है।
विज्ञापन
जनपद में रबी की बुवाई का सीजन शुरू हुए लगभग एक माह से अधिक समय बीत गया है। शुरुआती दौर में मटर व चना, सरसों की बुवाई के समय भी खाद की किल्लत बनी रही। किसानों ने खाद को तमाम प्रयास किए, न मिलने पर सड़क जाम की, अधिकारियों ने नोकझोंक हुई। कई बार लाठीचार्ज जैसी नौबत तक आ गई, पर किसानों के लिए खाद का संकट कम नहीं हो सका। अधिकारियों ने बारिश होने से डीएपी की मांग एकदम बढ़ने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया और लगातार खाद की रैक मंगाकर खाद की कमी न होने देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
किसानों को अधिकारियों के आश्वासन के बाद लगा कि अब खाद की समस्या का निदान हो गया है, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी खाद का संकट बरकरार है। खाद संकट से अधिकारियों के आश्वासनों की पोल खुल गई। साथ ही जिम्मेदारों का किसानों के हित में कार्य करने के दावे भी हवा हवाई साबित हुए।
विज्ञापन
बुधवार को शहर में सहकारी समिति से लेकर किसी भी निजी दुकान पर खाद का स्टॉक नहीं था। यहां पर दुकानों पर खाद के भरे ट्रक से उम्मीद लगाई कि डीएपी खाद है। इससे किसानों की दुकानों पर भारी मात्रा में भीड़ जुट गई। इसके बाद जानकारी हुई कि यह तो यूरिया खाद है, जिसके बाद किसान इधर उधर भटकते रहे, कहीं पर भी खाद न मिलने से शाम को मायूस होकर लौट गए। वहीं सिविल लाइन स्थित साधन सहकारी समिति पर आए किसानों को भी खाद नहीं मिली।
दोबारा पलेवा करने पर भी नहीं मिली खाद
दुकानों पर लाइनों में लगे किसानों ने बताया कि खाद मिलने की उम्मीद लेकर पलेवा कर चुके हैं। समय पर खाद न मिलने से बुवाई नहीं हो सकी। अब दोबारा पलेवा कर दिया, एक दो दिन में खाद न मिलने पर तीसरी बार पलेवा करना होगा। दूसरी बार पलेवा करने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को बुवाई की सुविधा के लिए खाद की व्यवस्था कराई जाए जिससे परिवार के पालन पोषण के संकट से बच सकें।
आज आएगी 3900 मीट्रिक टन खाद
जनपद में खाद की कमी को लेकर दो रैक मंगाई गई है। इसमें एक रैक में 27 सौ मीट्रिक टन खाद इफ्को की आ रही है, जो पाराद्वीप से आ रही है। इसके साथ ही एक 12 सौ मीट्रिक टन की रैक मुंबई से आ रही है। इसमें आईपीएल खाद मुंबई से आ रही है। दोनों रैक 18 को आ जाएंगी। 19 को वितरण कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे किसानों को सुविधा अनुसार डीएपी मुहैया हो सकेगा। इससे किल्लत भी खत्म हो जाएगी। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती ने दी है।

खाद की दुकान पर लगी किसानों की भीड़- फोटो : LALITPUR

सर1विल लाइन में समिति पर लगी भीड़- फोटो : LALITPUR