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गुंदरापुरा की दलित बस्ती में गहराया पानी का संकट
ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:12 AM IST
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सिलावन (ललितपुर)। विकासखंड महरौनी के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुंदरापुर की दलित बस्ती में पेयजल संकट गहराने लगा है। यहां का भू जलस्तर गिर जाने के कारण कई हैंडपंपों ने पानी का साथ छोड़ दिया है, जिसके कारण ग्रामीणों को पीने का पानी जुटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने समस्या के निराकरण की मांग की है।
सूखे का असर धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करता जा रहा है। कम बारिश होने के कारण जहां ग्रामीण इलाकों के तालाब सूख गए हैं, वहीं नदियां भी सूखने की स्थिति में आ गई हैं। इस वजह से भूजल स्तर भी तेजी से नीचे खिसकने लगा है। इसका असर हैंडपंपों और नलकूपों पर भी दिखाई देने लगा है।
कई गांवों में हैंडपंपों द्वारा पानी का साथ छोड़ देने के कारण पेयजल संकट गहराने लगा है। ऐसी ही हालत गुंदरापुरा की दलित बस्ती की है। यहां अजुद्दी और भगवान के घर के पास लगे हैंडपंप का जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया है। देवेंद्र के घर के सामने का हैंडपंप काफी अरसे से खराब पड़ा है।
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इस कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीण बताते हैं कि पानी भरने के लिए उन्हें तालाब के पास लगे हैंडपंप तक जाना पड़ रहा है। यह हैंडपंप बस्ती से काफी दूर है और एक मात्र हैंडपंप होने के कारण इस पर काफी भीड़ रहती है, जिससे उनका पूरा समय पानी भरने में ही निकल जाता है।
उन्होंने जिलाधिकारी से पेयजल की समस्या के निराकरण की मांग की है। मांग करने वालों में रेनका, पान बाई, राजबाई, उर्मिला, राजकुमारी, पूजा, अंगूरी, रामकिशोरी, सूरजभान, प्रमोद, राहुल, भगवान दास आदि शामिल रहे।
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सूखे का असर धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करता जा रहा है। कम बारिश होने के कारण जहां ग्रामीण इलाकों के तालाब सूख गए हैं, वहीं नदियां भी सूखने की स्थिति में आ गई हैं। इस वजह से भूजल स्तर भी तेजी से नीचे खिसकने लगा है। इसका असर हैंडपंपों और नलकूपों पर भी दिखाई देने लगा है।
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कई गांवों में हैंडपंपों द्वारा पानी का साथ छोड़ देने के कारण पेयजल संकट गहराने लगा है। ऐसी ही हालत गुंदरापुरा की दलित बस्ती की है। यहां अजुद्दी और भगवान के घर के पास लगे हैंडपंप का जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया है। देवेंद्र के घर के सामने का हैंडपंप काफी अरसे से खराब पड़ा है।
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इस कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीण बताते हैं कि पानी भरने के लिए उन्हें तालाब के पास लगे हैंडपंप तक जाना पड़ रहा है। यह हैंडपंप बस्ती से काफी दूर है और एक मात्र हैंडपंप होने के कारण इस पर काफी भीड़ रहती है, जिससे उनका पूरा समय पानी भरने में ही निकल जाता है।
उन्होंने जिलाधिकारी से पेयजल की समस्या के निराकरण की मांग की है। मांग करने वालों में रेनका, पान बाई, राजबाई, उर्मिला, राजकुमारी, पूजा, अंगूरी, रामकिशोरी, सूरजभान, प्रमोद, राहुल, भगवान दास आदि शामिल रहे।