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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Crores of rupees spent on the water treatment plant, yet water supply could not be arranged.

अमृत योजना 2.0 : जल शोधन संयंत्र पर खर्च हो गए करोड़ों रुपये, नहीं हो सका पानी का इंतजाम

Wed, 09 Sep 2026 01:18 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:18 AM IST
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Crores of rupees spent on the water treatment plant, yet water supply could not be arranged.
ललितपुर। शहर की लगभग 1.33 लाख आबादी को पानी देने के लिए अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत भले ही करोड़ों रुपये खर्च किए गए हों। लेकिन, अब तक गोविंद सागर बांध से पानी उठाने का इंतजाम नहीं हो सका है। ऐसे में सुविधा के दावों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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अमृत योजना से पेयजल आपूर्ति से वंचित लगभग आधा दर्जन वार्डों की लगभग 1.33 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा की जा रही है। परियोजना का कार्य 143.99 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। इसमें घर-घर पानी पहुंचाने के लिए विभिन्न मोहलों में लगभग 168 किलोमीटर वितरण लाइन बिछाई गई है। लगभग 13 हजार परिवारों को कनेक्शन भी दिए गए हैं। टंकियों को भरने के लिए राइजिंग लाइन भी बिछाई गई है। जल शोधन संयंत्रों की मरम्मत की गई है। पंप हाउस का जीर्णोद्धार व क्षमता वृद्धि की गई है। साथ ही नया स्वच्छ जलाशय भी बनाया गया है। इसके ऊपर पंप हाउस भी बनाया गया है। इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक मोटरें लगाईं गई हैं, जो टंकी भरने का कार्य करेंगी। वहीं तीन टंकियों का निर्माण किया गया है। इनसे कई क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा रहा है।
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लेकिन, अब तक कच्चा पानी उठाने की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जबकि डोंडाघाट से बांध की ओर मैन लाइन भी बिछाई गई है। ऐसे में तमाम तैयारियां धरी-की-धरी रह गईं हैं। हालत यह है कि अधिकांश कार्य हो चुके हैं लेकिन पर्याप्त पानी न मिलने की कमी खल रही है। ऐसे में नए क्षेत्रों में सैंकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने का बावजूद पानी की सप्लाई होने का संकट बना हुआ है। मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इंटेक वेल का निर्माण बांध में होना है। इसके लिए सिंचाई विभाग को पत्राचार किया गया है। एनओसी मिलने के बाद निर्माण किया जाएगा।
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योजना का लगभग 88 फीसदी कार्य हो चुका है। इंटेकवेल का निर्माण बांध में होना है। इसके लिए पत्राचार किया गया है। एनओसी मिलने के बाद निर्माण किया जाएगा।
- मुकेशपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम, झांसी
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