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लगातार बरसात होने से किसानों की फसलों को नुकसान
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खेत में भरा बरसात का पानी व खराब हो रही फसल
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर/डोंगराखुर्द। कुदरत के कहर से किसान बेहाल हैं। पहले बारिश न होने से खरीफ की बुवाई देर से हो सकी। जब बीजों में अंकुर फूटने लगे तो बारिश से खेत लबालब हो गए। लगातार बारिश के कारण उड़द, मूंग, सोयाबीन और मक्का की फसलें खराब होने लगी हैं।
किसान पिछले कईं वर्षों से ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा, तुषार की मार झेल रहे हैं इसी कारण अब वह कर्ज में डूबता जा रहा है। इस साल किसानों को खरीफ की फसल से काफी अच्छी उम्मीद थी लेकिन लगाकर बारिश होने के कारण खेतों में पानी भरा रहने से फसलों के छोटे पौधे दो पत्ते के रह गए। किसानों ने बताया कि लगाकर बारिश होने से उड़द, मूंग के पौधों की जड़े गल गईं क्योंकि कई दिनों से धूप नहीं निकली। उन्हें फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है। नाराहट क्षेत्र के डोंगराखुर्द, दिगवार, पटना, पारौल, गुरयाना, देवरी, चादौरा, गुढा खिरिया, अर्जुन खिरिया बनयाना आदि गांव में फसलों का काफी नुकसान हुआ है। फसलों के पौधों से ऊपर खेत में पानी भरा हुआ है जिससे फसलें सड़ गई।
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दस हजार प्रति क्विंटल के हिसाब से 10 एकड़ खेत में चार क्विंटल सोयाबीन बोया था लेकिन लगातार बारिश होने से फसल बढ़ नही पा रही है। अब लागत तो दूर बात बीज भी नहीं निकलना है।-रामकुमार झां, किसान
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पांच एकड़ जमीन में सोयाबीन व उर्द की खेती की है लेकिन समय से बारिश न होने कारण बुवाई एक महीना बाद हुई जिससे फसल पनप नही पा रही है। अब लगातार बारिश से नुकसान हुआ है इस साल अच्छी उपज की उम्मीद थी लेकिन लगातार बारिश होने से फसलें नष्ट हो गई है।- सुरेश कुमार प्रजापति, किसान
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किसान पिछले कईं वर्षों से ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा, तुषार की मार झेल रहे हैं इसी कारण अब वह कर्ज में डूबता जा रहा है। इस साल किसानों को खरीफ की फसल से काफी अच्छी उम्मीद थी लेकिन लगाकर बारिश होने के कारण खेतों में पानी भरा रहने से फसलों के छोटे पौधे दो पत्ते के रह गए। किसानों ने बताया कि लगाकर बारिश होने से उड़द, मूंग के पौधों की जड़े गल गईं क्योंकि कई दिनों से धूप नहीं निकली। उन्हें फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है। नाराहट क्षेत्र के डोंगराखुर्द, दिगवार, पटना, पारौल, गुरयाना, देवरी, चादौरा, गुढा खिरिया, अर्जुन खिरिया बनयाना आदि गांव में फसलों का काफी नुकसान हुआ है। फसलों के पौधों से ऊपर खेत में पानी भरा हुआ है जिससे फसलें सड़ गई।
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दस हजार प्रति क्विंटल के हिसाब से 10 एकड़ खेत में चार क्विंटल सोयाबीन बोया था लेकिन लगातार बारिश होने से फसल बढ़ नही पा रही है। अब लागत तो दूर बात बीज भी नहीं निकलना है।-रामकुमार झां, किसान
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पांच एकड़ जमीन में सोयाबीन व उर्द की खेती की है लेकिन समय से बारिश न होने कारण बुवाई एक महीना बाद हुई जिससे फसल पनप नही पा रही है। अब लगातार बारिश से नुकसान हुआ है इस साल अच्छी उपज की उम्मीद थी लेकिन लगातार बारिश होने से फसलें नष्ट हो गई है।- सुरेश कुमार प्रजापति, किसान